{"_id":"61993c0fdc0d830553079e57","slug":"this-crossing-is-closed-overnight-wait-for-morning-faizabad-news-lko6053463155","type":"story","status":"publish","title_hn":"रातभर बंद रहती है यह क्रॉसिंग, सुबह होने का कीजिए इंतजार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रातभर बंद रहती है यह क्रॉसिंग, सुबह होने का कीजिए इंतजार
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अयोध्या। जिले में एक ऐसी भी रेलवे क्रॉसिंग है जहां से शव पार कराने के लिए 12 घंटे का इंतजार करना पड़ता है। 10 किमी से ज्यादा की दूरी घूमकर बरात गांव पहुंचती है। इसे लेकर गांव और आसपास के लोग खासे परेशान हैं। शिकायतें की गईं लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं हो पाई।
मामला सोहावल तहसील क्षेत्र के मिश्रित आबादी वाले गांव रसूलपुर सकरावल के पास से जाने वाली रेलवे लाइन का है। अयोध्या-लखनऊ रेल प्रखंड का गेट नंबर सी-129 इस गांव में पड़ता है। गांव के लोग बताते हैं कि यह गेट शाम को छह से सुबह छह बजे तक पूरी तरह बंद रहता है, खुल नहीं सकता। सुबह छह से शाम छह बजे तक गेट पर तैनात कर्मी चार पहिया वाहन आने पर गेट खोलकर उसे पार कराता है, फिर बंद। ऐसा दशकों से चलना बताया जाता है।
गांव के रहने वाले रामसेवक विश्वकर्मा बताते हैं कि शाम के बाद विवाह के लिए सीधे रास्ते बरात नहीं आ सकती। 10-12 किमी घूमकर आना होगा। अचानक हादसा या किसी के बीमार होने पर तत्काल इलाज के लिए नहीं ले जाया जा सकता। देरी के कारण कई बार असहज स्थिति उत्पन्न हो चुकी है।
विज्ञापन
गांव के रहने वाले साबिर खान कहते हैं कि श्मशान और कब्रिस्तान रेल लाइन के दूसरी ओर हैं व गांव दूसरी ओर। शाम को किसी की मौत हो गई तो शव का अंतिम संस्कार करने के लिए 12 घंटे इंतजार करना पड़ता है। गेट से शवयात्रा नहीं जा सकती। बीमार होने पर रात में ले जाना मुश्किल हो जाता है। इससे आसपास की कम से कम 50 हजार की आबादी प्रभावित है। सड़क पर आवागमन खासा बढ़ गया लेकिन गेट की व्यवस्था नहीं बदली। कई बार रेल सहित अन्य विभागों से शिकायत की गई लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।
एईएन बनवारी लाल ने बताया कि गेट नंबर सी-129 रेलवे मैनुअल के हिसाब नाइट क्लोज्ड है। इसलिए इसे रात में खोला नहीं जा सकता। यदि प्रशासन इस बावत कोई डिमांड करेगा तो उस पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
सांसद लल्लू सिंह ने बताया कि गांव और आसपास के लोग इस गंभीर समस्या को संज्ञान में लाए हैं। रेलवे क्रॉसिंग को हरसंभव ओपेन करवाने के लिए कोशिश शुरू कर दी गई है।
विज्ञापन
मामला सोहावल तहसील क्षेत्र के मिश्रित आबादी वाले गांव रसूलपुर सकरावल के पास से जाने वाली रेलवे लाइन का है। अयोध्या-लखनऊ रेल प्रखंड का गेट नंबर सी-129 इस गांव में पड़ता है। गांव के लोग बताते हैं कि यह गेट शाम को छह से सुबह छह बजे तक पूरी तरह बंद रहता है, खुल नहीं सकता। सुबह छह से शाम छह बजे तक गेट पर तैनात कर्मी चार पहिया वाहन आने पर गेट खोलकर उसे पार कराता है, फिर बंद। ऐसा दशकों से चलना बताया जाता है।
विज्ञापन
गांव के रहने वाले रामसेवक विश्वकर्मा बताते हैं कि शाम के बाद विवाह के लिए सीधे रास्ते बरात नहीं आ सकती। 10-12 किमी घूमकर आना होगा। अचानक हादसा या किसी के बीमार होने पर तत्काल इलाज के लिए नहीं ले जाया जा सकता। देरी के कारण कई बार असहज स्थिति उत्पन्न हो चुकी है।
विज्ञापन
गांव के रहने वाले साबिर खान कहते हैं कि श्मशान और कब्रिस्तान रेल लाइन के दूसरी ओर हैं व गांव दूसरी ओर। शाम को किसी की मौत हो गई तो शव का अंतिम संस्कार करने के लिए 12 घंटे इंतजार करना पड़ता है। गेट से शवयात्रा नहीं जा सकती। बीमार होने पर रात में ले जाना मुश्किल हो जाता है। इससे आसपास की कम से कम 50 हजार की आबादी प्रभावित है। सड़क पर आवागमन खासा बढ़ गया लेकिन गेट की व्यवस्था नहीं बदली। कई बार रेल सहित अन्य विभागों से शिकायत की गई लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।
एईएन बनवारी लाल ने बताया कि गेट नंबर सी-129 रेलवे मैनुअल के हिसाब नाइट क्लोज्ड है। इसलिए इसे रात में खोला नहीं जा सकता। यदि प्रशासन इस बावत कोई डिमांड करेगा तो उस पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
सांसद लल्लू सिंह ने बताया कि गांव और आसपास के लोग इस गंभीर समस्या को संज्ञान में लाए हैं। रेलवे क्रॉसिंग को हरसंभव ओपेन करवाने के लिए कोशिश शुरू कर दी गई है।