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Ayodhya News: नागपंचमी संग सावन के सोमवार पर उमड़े भक्त
Tue, 22 Aug 2023 12:15 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Tue, 22 Aug 2023 12:15 AM IST
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अयोध्या। सावन शुक्ल पंचमी व सोमवार के दुर्लभ संयोग पर रामनगरी शिवभक्तों से गुलजार रही। बड़ी संख्या में पहुंचे कांवड़िए सरयू जल लेकर अपने-अपने गंतव्य को रवाना हुए। वहीं रामनगरी के शिवालयों में दिनभर जयकारे गूंजते रहे। कई जगह मेले लगे तो वहीं गुड़िया पीटने की परंपरा भी निभाई गई।
तीन साल बाद सावन के सोमवार पर नागपंचमी का इस बार संयोग रहा। नागपंचमी होने के कारण भक्तों ने नागदेवता का भी पूजन-अर्चन किया। शहर से लेकर देहात तक जगह-जगह मेले लगे। शिवमंदिरों में ब्रह्ममुहूर्त से शुरू हुआ दर्शन-पूजन, अभिषेक का सिलसिला दिनभर जारी रहा। उमड़े भक्तों ने सबसे पहले पावन सलिला सरयू में डुबकी लगाई। इसके बाद भोले बाबा की प्राचीनतम पीठ नागेश्वरनाथ में जलाभिषेक के लिए लाइन लग गई। यहां भोर से पहले तीन बजे से ही मंदिर का पट भक्तों के लिए खोल दिया गया था।
यहां से भक्तों का कारवां भोले की दूसरी प्राचीनतम पीठ क्षीरेश्वरनाथ में पूजा-अर्चना के लिए निकल पड़ा। शिवभक्तों ने रामलला व हनुमानगढ़ी में भी हाजिरी लगाई। रायगंज स्थित स्वर्णखनिकुंड पर नागंपचमी के अवसर पर परंपरागत मेले का आयोजन हुआ। जिले भर में जगह-जगह बच्चों ने गुड़िया पीटी। वही प्रशासन द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। पूरे मेला क्षेत्र की सीसीटीवी से निगरानी की जाती रही।
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वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में भी सावन के सोमवार पर शिवभक्ति की धूम रही। विकासखंड मया के श्री शृंगी ऋषि आश्रम स्थित शिवालय पर नागपंचमी को जलाभिषेक के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ी। यहां सुबह से शाम तक कावंड़ियाें की भीड़ जुटी रही। वहीं तहसील रुदौली के भेलसर टिकैतनगर मार्ग पर हापा मेला आकर्षण का केंद्र रहा। बड़ी संख्या में सजी दुकानों पर खरीदारों की भीड़ रही। यहां बच्चों ने झूले का आनंद लिया।
शेषावतार भगवान की झांकी सजी
अयोध्या। नागपंचमी पर सरयू तट स्थित शेषावतार मंदिर में भव्य झांकी सजाई गई। सुबह शेषावतार भगवान का विधि-विधानपूर्वक अभिषेक-पूजन किया गया। शाम को भव्य झांकी सजाई गई, दर्शन कर भक्त निहाल हो उठे। महंत अशोक दास ने बताया कि मंदिर रामायणकालीन है, परंपरागत रूप से हर वर्ष नागपंचमी पर झांकी महोत्सव का आयोजन होता है।
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तीन साल बाद सावन के सोमवार पर नागपंचमी का इस बार संयोग रहा। नागपंचमी होने के कारण भक्तों ने नागदेवता का भी पूजन-अर्चन किया। शहर से लेकर देहात तक जगह-जगह मेले लगे। शिवमंदिरों में ब्रह्ममुहूर्त से शुरू हुआ दर्शन-पूजन, अभिषेक का सिलसिला दिनभर जारी रहा। उमड़े भक्तों ने सबसे पहले पावन सलिला सरयू में डुबकी लगाई। इसके बाद भोले बाबा की प्राचीनतम पीठ नागेश्वरनाथ में जलाभिषेक के लिए लाइन लग गई। यहां भोर से पहले तीन बजे से ही मंदिर का पट भक्तों के लिए खोल दिया गया था।
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यहां से भक्तों का कारवां भोले की दूसरी प्राचीनतम पीठ क्षीरेश्वरनाथ में पूजा-अर्चना के लिए निकल पड़ा। शिवभक्तों ने रामलला व हनुमानगढ़ी में भी हाजिरी लगाई। रायगंज स्थित स्वर्णखनिकुंड पर नागंपचमी के अवसर पर परंपरागत मेले का आयोजन हुआ। जिले भर में जगह-जगह बच्चों ने गुड़िया पीटी। वही प्रशासन द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। पूरे मेला क्षेत्र की सीसीटीवी से निगरानी की जाती रही।
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वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में भी सावन के सोमवार पर शिवभक्ति की धूम रही। विकासखंड मया के श्री शृंगी ऋषि आश्रम स्थित शिवालय पर नागपंचमी को जलाभिषेक के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ी। यहां सुबह से शाम तक कावंड़ियाें की भीड़ जुटी रही। वहीं तहसील रुदौली के भेलसर टिकैतनगर मार्ग पर हापा मेला आकर्षण का केंद्र रहा। बड़ी संख्या में सजी दुकानों पर खरीदारों की भीड़ रही। यहां बच्चों ने झूले का आनंद लिया।
शेषावतार भगवान की झांकी सजी
अयोध्या। नागपंचमी पर सरयू तट स्थित शेषावतार मंदिर में भव्य झांकी सजाई गई। सुबह शेषावतार भगवान का विधि-विधानपूर्वक अभिषेक-पूजन किया गया। शाम को भव्य झांकी सजाई गई, दर्शन कर भक्त निहाल हो उठे। महंत अशोक दास ने बताया कि मंदिर रामायणकालीन है, परंपरागत रूप से हर वर्ष नागपंचमी पर झांकी महोत्सव का आयोजन होता है।