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बंदरों के बचाव के लिए सरयू किनारे स्थापित होगा पुनर्वास केंद्र

Sat, 10 Jul 2021 11:42 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 10 Jul 2021 11:42 PM IST
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Rehabilitation center will be established on the banks of Saryu for the rescue of monkeys
अयोध्या। रामनगरी की प्राचीनता व विशिष्टता की पहचान कराने वाले बंदरों के बचाव को लेकर शासन व प्रशासन तैयारी में है। इसमें बंदरों के बचाव के लिए पुनर्वास केंद्र खोले जाने की योजना है। यह पुनर्वास केंद्र सरयू किनारे 2300 एकड़ में प्रस्तावित श्रीराम स्मृति वन में बनेगा। अयोध्या के विजन डाक्यूमेंट में इसकी व्यवस्था की गई है।
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साथ ही स्मार्ट सिटी में बर्थ एंड कंट्रोल यूनिट में गोवंश, कुत्ता व बंदरों के संरक्षण के लिए कार्य किए जा रहे हैं। नगर निगम की बैसिंह कान्हा गोशाला में तीनों जानवरों के लिए स्थाई व्यवस्था की जा रही है। इसमें छुट्टा जानवरों के लिए हॉस्पिटल बनाया जा रहा है जहां टीकाकरण से लेकर बंदरों के इलाज की पूरी व्यवस्था होगी।
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अयोध्या नगर निगम में छुट्टा जानवरों में विशेष रूप से गोवंश, कुत्ता व बंदर शामिल हैं। अभी तक इनके संरक्षण की कोई विशेष व्यवस्था नहीं थी। पिछले वर्ष प्रदेश सरकार ने बैसिंह में छुट्टा जानवरों के लिए नगर निगम की देखरेख में कान्हा गोशाला स्थापित की थी।
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इसके लिए शासन से नौ करोड़ रुपये प्रस्तावित किए गए थे जिसमें बाउंड्रीवाल, गोवंश को बैठने लिए शेड व हरा चारा समेत अन्य व्यवस्थाएं निर्धारित की गई हैं लेकिन मौजूदा समय में पर्याप्त व्यवस्था न होने के कारण गोवंश के अक्सर मरने की सूचना आती रहती है।
इसके दृष्टिगत स्मार्ट सिटी योजना के तहत बर्थ एंड कंट्रोल यूनिट के नाम से नई योजना की सहमति प्रदेश सरकार से मिली है।
इसमें सवा तीन करोड़ रुपये की लागत से कुत्तों के संरक्षण पर भी कार्य किया जाना है। नगर निगम प्रशासन मौजूदा समय में बैसिंह की कान्हा गोशाला में छुट्टा जानवरों के लिए हॉस्पिटल बनाने की तैयारी में लगा हुआ है। इसमें हॉस्पिटल बनाने वाली एजेंसी का निर्धारण किया जा रहा है।
वहीं दूसरी ओर कान्हा गोशाला में गोवंश की देखरेख के लिए विशेषज्ञों को उतारने की तैयारी है, जो पूरी तरह से गोवंश के लिए सुरक्षा, सुविधा व खानपान का ख्याल रख सकें। इसके साथ ही बंदरों के बचाव पर भी कार्य होना है। अयोध्या में बड़ी तादात में बंदर मौजूद हैं।
जल्द ही बंदरों की संख्या का निर्धारण व उनके बचाव के लिए काम शुरू होगा। अयोध्या के विजन डाक्यूमेंट में सरयू किनारे प्रस्तावित 2300 एकड़ भूमि के अंतिम छोर पर पुनर्वास केंद्र बनाए जाने का प्रस्ताव है। इससे अयोध्या में बंदरों का संरक्षण व बचाव हो सकेगा।

अयोध्या विकास प्राधिकरण के वीसी विशाल सिंह ने बताया कि स्मार्ट सिटी में गोवंश, कुत्ता व बंदरों के संरक्षण के लिए कार्य चल रहा है। विजन डाक्यूमेंट में उक्त जानवरों के संरक्षण को भी शामिल किया गया है।
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