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10 करोड़ से रामनगरी में खुलेगी रामलीला एकेडमी
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अयोध्या। प्रदेश की योगी सरकार यूनेस्को द्वारा वर्ष 2005 में घेाषित विश्व की अमूर्त विरासत ‘रामलीला’ के वैश्विक विस्तार के लिए रामनगरी में शीघ्र ही रामलीला एकेडमी स्थापित करने जा रही है।
इसके लिए सरकार ने 10 करोड़ का बजट भी निर्धारित कर दिया है। रामलीला एकेडमी की स्थापना के लिए रामनगरी में जमीन देखी जा रही है। इस योजना को 2022 तक मूर्त रूप देने का प्रयास है।
रामनगरी में रामलीला एकेडमी की स्थापना से रामलीला के वैश्विक स्वरूप पर शोध करने में सहायता मिलेगी। इसके माध्यम से रामलीला के मूल स्वरूप के संरक्षण, संवर्धन के लिए रामलीला का अलग-अलग संदर्भों में संकलन कर विभिन्न गतिविधियां भी संचालित कराई जाएंगी।
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राम की संस्कृति के अध्ययन के लिए कोर्सेज भी चलाए जाएंगे। साथ ही रामलीला आधारित म्यूजियम भी विकसित करने की योजना है।
अयोध्या शोध संस्थान के निदेशक वाईपी सिंह कहते हैं कि राम की वैश्विकता पूरे विश्व में प्रमाणिकता के साथ है बावजूद इसके रामलीला के मूल स्वरूप के संरक्षण एवं संवर्धन की जरूरत है।
रामलीला एकेडमी की स्थापना इसी उद्देश्य से की जा रही है। प्रदेश सरकार की तरफ से रामलीला एकेडमी के लिए 10 करोड़ का बजट भी निर्धारित कर दिया है।
रामनगरी में जमीन देखी जा रही है, जमीन चिह्नित होते ही उसका अधिग्रहण कर काम शुरू कर दिया जाएगा। बताया कि रामलीला एकेडमी के नाम पर कुछ लोग जमीन देने को तैयार भी हो गए हैं, सहमति बनते ही परिकल्पना को साकार रूप देने का काम गति पकड़ेगा।
बताया कि रामलीला एकेडमी की स्थापना से राम की वैश्विक यात्रा पर शोध करने करने में मदद मिलेगी। एकेडमी में एक म्यूजियम भी स्थापित किया जाएगा जिसमें रामलीला के विभिन्न संदर्भों को विभिन्न शैलियों में प्रदर्शित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त एक अंतरराष्ट्रीय विशाल पुस्तकालय भी बनाने की योजना है।
युवाओं को रामलीला से जोड़ने का प्रयास
योगी सरकार युवाओं को राम संस्कृति व रामलीला से जोड़ने के लिए कई अभिनव प्रयोग कर रही है। इसी के तहत विद्यार्थियों में रामलीला के प्रति रूझान उत्पन्न करने के लिए प्रतियोगिता, पुरस्कार, विदेश भ्रमण, जिसमें रामलीला से संबंधित देशों की यात्रा करते हुए रामलीला को दिखाया जाना शामिल है।
रामलीला की प्रसिद्धि रामचरित मानस के गायन के माध्यम से ही हुई है। इस परंपरा को नई पीढ़ी में विकसित करने के लिए विशेष योजना भी सरकार बना रही है। अयोध्या शोध संस्थान के व्यवस्थापक रामतीरथ ने बताया कि सांस्कृतिक क्रियाकलापों में रामलीला के मंचन की व्यवस्था हेतु सुसंगत प्रस्ताव शीघ्र तैयार करने का निर्देश शासन से मिला है।
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इसके लिए सरकार ने 10 करोड़ का बजट भी निर्धारित कर दिया है। रामलीला एकेडमी की स्थापना के लिए रामनगरी में जमीन देखी जा रही है। इस योजना को 2022 तक मूर्त रूप देने का प्रयास है।
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रामनगरी में रामलीला एकेडमी की स्थापना से रामलीला के वैश्विक स्वरूप पर शोध करने में सहायता मिलेगी। इसके माध्यम से रामलीला के मूल स्वरूप के संरक्षण, संवर्धन के लिए रामलीला का अलग-अलग संदर्भों में संकलन कर विभिन्न गतिविधियां भी संचालित कराई जाएंगी।
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राम की संस्कृति के अध्ययन के लिए कोर्सेज भी चलाए जाएंगे। साथ ही रामलीला आधारित म्यूजियम भी विकसित करने की योजना है।
अयोध्या शोध संस्थान के निदेशक वाईपी सिंह कहते हैं कि राम की वैश्विकता पूरे विश्व में प्रमाणिकता के साथ है बावजूद इसके रामलीला के मूल स्वरूप के संरक्षण एवं संवर्धन की जरूरत है।
रामलीला एकेडमी की स्थापना इसी उद्देश्य से की जा रही है। प्रदेश सरकार की तरफ से रामलीला एकेडमी के लिए 10 करोड़ का बजट भी निर्धारित कर दिया है।
रामनगरी में जमीन देखी जा रही है, जमीन चिह्नित होते ही उसका अधिग्रहण कर काम शुरू कर दिया जाएगा। बताया कि रामलीला एकेडमी के नाम पर कुछ लोग जमीन देने को तैयार भी हो गए हैं, सहमति बनते ही परिकल्पना को साकार रूप देने का काम गति पकड़ेगा।
बताया कि रामलीला एकेडमी की स्थापना से राम की वैश्विक यात्रा पर शोध करने करने में मदद मिलेगी। एकेडमी में एक म्यूजियम भी स्थापित किया जाएगा जिसमें रामलीला के विभिन्न संदर्भों को विभिन्न शैलियों में प्रदर्शित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त एक अंतरराष्ट्रीय विशाल पुस्तकालय भी बनाने की योजना है।
युवाओं को रामलीला से जोड़ने का प्रयास
योगी सरकार युवाओं को राम संस्कृति व रामलीला से जोड़ने के लिए कई अभिनव प्रयोग कर रही है। इसी के तहत विद्यार्थियों में रामलीला के प्रति रूझान उत्पन्न करने के लिए प्रतियोगिता, पुरस्कार, विदेश भ्रमण, जिसमें रामलीला से संबंधित देशों की यात्रा करते हुए रामलीला को दिखाया जाना शामिल है।
रामलीला की प्रसिद्धि रामचरित मानस के गायन के माध्यम से ही हुई है। इस परंपरा को नई पीढ़ी में विकसित करने के लिए विशेष योजना भी सरकार बना रही है। अयोध्या शोध संस्थान के व्यवस्थापक रामतीरथ ने बताया कि सांस्कृतिक क्रियाकलापों में रामलीला के मंचन की व्यवस्था हेतु सुसंगत प्रस्ताव शीघ्र तैयार करने का निर्देश शासन से मिला है।