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दोपहर 1ः 44 बजे तक भद्र, उसके बाद बांधें राखी
फैजाबाद/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 26 Aug 2015 11:04 PM IST
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श्रावण शुक्ल पक्ष पूर्णिमा तिथि पर दूसरी बेला एक बजकर 44 मिनट तक भद्रा पक्ष की वजह से दोपहर बाद ही भाइयों की कलाईयों पर राखियां सज सकेंगी।
भद्रा का संबंध सूर्य और शनि से है। इस कारण इस वर्ष भी रक्षा बंधन पर्व पर 29 अगस्त को दोपहर तक भद्रा का साया है। वैदिकाचार्य पं. श्रुतिधर द्विवेदी बताते हैं कि भद्रा पक्ष में शुभ कार्य नहीं किए जाते हैं।
बताते हैं कि 28 अगस्त की रात दो बजकर 48 मिनट पर पूर्णिमा के साथ भद्रा पक्ष लगेगी, जो 29 अगस्त एक बजकर 44 मिनट तक रहेगी। इसके पश्चात रात 12 बजकर 39 मिनट तक रक्षाबंधन पर्व मनाया जा सकता है।
बहनें इस दौरान भाइयों की कलाइयों पर रक्षाबंधन बांध सकेंगी। वहीं पंडित संतोष वैदिक बताते हैं कि 28 अगस्त की रात दो बजकर 48 मिनट से 29 अगस्त की रात 12 बजकर 39 मिनट पर पूर्णिमा रहेगी। इस कारण ऋग्वेद को मानने वाले 28 अगस्त को श्रावणी उपाकर्म मना सकते हैं।
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भद्रा का संबंध सूर्य और शनि से है। इस कारण इस वर्ष भी रक्षा बंधन पर्व पर 29 अगस्त को दोपहर तक भद्रा का साया है। वैदिकाचार्य पं. श्रुतिधर द्विवेदी बताते हैं कि भद्रा पक्ष में शुभ कार्य नहीं किए जाते हैं।
बताते हैं कि 28 अगस्त की रात दो बजकर 48 मिनट पर पूर्णिमा के साथ भद्रा पक्ष लगेगी, जो 29 अगस्त एक बजकर 44 मिनट तक रहेगी। इसके पश्चात रात 12 बजकर 39 मिनट तक रक्षाबंधन पर्व मनाया जा सकता है।
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बहनें इस दौरान भाइयों की कलाइयों पर रक्षाबंधन बांध सकेंगी। वहीं पंडित संतोष वैदिक बताते हैं कि 28 अगस्त की रात दो बजकर 48 मिनट से 29 अगस्त की रात 12 बजकर 39 मिनट पर पूर्णिमा रहेगी। इस कारण ऋग्वेद को मानने वाले 28 अगस्त को श्रावणी उपाकर्म मना सकते हैं।
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