{"_id":"6aa58ecb8d69e9b51b05a565","slug":"7000-page-case-diary-and-charge-sheet-prepared-ayodhya-news-c-13-1-lko1125-1916348-2026-09-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ayodhya News: सात हजार पन्नों की केस डायरी, चार्जशीट तैयार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ayodhya News: सात हजार पन्नों की केस डायरी, चार्जशीट तैयार
Sat, 12 Sep 2026 11:11 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Sat, 12 Sep 2026 11:11 PM IST
विज्ञापन
राम मंदिर परिसर का दृश्य
अयोध्या। राममंदिर के चढ़ावे की रकम चोरी के मामले में पुलिस की विवेचना निर्णायक दौर में पहुंच गई है। आठों गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ आरोपों की पुष्टि के लिए पर्याप्त साक्ष्य जुटा लेने का दावा करते हुए पुलिस ने करीब सात हजार पन्नों की केस डायरी तैयार कर ली है। 22 व 23 सितंबर को चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी है।
चार्जशीट में आरोपियों के बयान से लेकर घटनास्थल और मंदिर परिसर के सीसीटीवी फुटेज, बरामद नकदी, वाहन, आभूषण और महत्वपूर्ण दस्तावेजों तक को साक्ष्य के तौर पर शामिल किया गया है। पुलिस का फोकस अब इन सभी साक्ष्यों के आपसी मिलान और आरोपों की कड़ियों को जोड़ने पर है। जोन स्तर पर भी जांच के प्रमुख बिंदुओं की समीक्षा हो चुकी है। चार्जशीट दाखिल होने से पहले केस डायरी में शामिल साक्ष्यों की कानूनी मजबूती और आरोपियों की भूमिका को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
40 दिन में 70 से ज्यादा बार रकम निकालने-छिपाने का दावा
मामले की शुरुआती जांच में मंदिर परिसर के सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर 27 अप्रैल से पांच जून के बीच करीब 40 दिनों में 70 से अधिक बार चढ़ावे की रकम को छिपाने या निकालने की संदिग्ध गतिविधियां सामने आने की बात कही गई थी। पुलिस अब इन्हीं फुटेज को आरोपियों के बयानों और बरामदगी से जोड़कर घटनाक्रम की कड़ियों को तैयार कर लिया है। शुरुआती विवेचना में करीब 79 लाख रुपये की बरामदगी सामने आई थी। इसके बाद पुलिस रिमांड के दौरान हुई पूछताछ में रकम के कथित बंटवारे, छिपाने और इस्तेमाल से जुड़े कई पहलुओं की पड़ताल की गई। जांच में तीन और चार पहिया वाहनों के अलावा एक बाइक, आभूषण और दस्तावेज भी सामने आए हैं। पुलिस इन संपत्तियों और बरामदगी को कथित चोरी की रकम से जोड़ने वाले साक्ष्यों की जांच कर रही है।
विज्ञापन
गणना के दौरान रकम निकालने का आरोप
विवेचना में दर्ज आरोपियों के बयानों के मुताबिक, चढ़ावे की गणना के दौरान रकम निकालकर सहयोगियों के जरिये उसे मोजे आदि में छिपाने का तरीका अपनाया जाता था। बयानों में यह दावा भी सामने आया है कि चोरी की रकम का एक हिस्सा गणना प्रभारी सुभाष चंद्र को दिया जाता था। पुलिस इस दावे की पुष्टि के लिए सीसीटीवी फुटेज, बयानों और अन्य साक्ष्यों का मिलान कर रही है। एक अन्य आरोपी अनुकल्प मिश्रा की गणना के दौरान की गतिविधियां भी सीसीटीवी फुटेज में संदिग्ध बताए जाने की बात विवेचना में सामने आई है। पुलिस ने फुटेज में दिखाई देने वाली गतिविधियों और आरोपियों के बयानों के बीच सामंजस्य की पड़ताल की है।
दर्शन के नाम पर वसूली और वाहनों से कमाई का भी जिक्र
पूर्व महासचिव के चालक रहे टिन्नू यादव से पूछताछ में भी जांच को अहम जानकारियां मिलने का दावा है। सूत्रों के अनुसार, टिन्नू ने अपने बयान में श्रद्धालुओं को दर्शन कराने के नाम पर रुपये लेने और उन रुपयों से आभूषण खरीदने की बात स्वीकार की है। जांच में यह भी सामने आया कि मंदिर से जुड़े संपर्कों और प्रभाव का इस्तेमाल कर वाहनों को किराये पर चलवाने से उसे करीब 90 हजार रुपये मासिक तक की आय होती थी। पुलिस ने इन दावों से जुड़े दस्तावेज और दूसरे साक्ष्य भी केस डायरी में दर्ज किए हैं। अब चार्जशीट में यह स्पष्ट किया जाएगा कि इन गतिविधियों का चोरी की रकम से क्या संबंध रहा और प्रत्येक आरोपी की भूमिका किस स्तर तक रही। मामले की विवेचना के दौरान श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय, पूर्व सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा और पूर्व आमंत्रित सदस्य गोपाल राव समेत संबंधित लोगों के बयान भी दर्ज किए गए हैं।
विज्ञापन
चार्जशीट में आरोपियों के बयान से लेकर घटनास्थल और मंदिर परिसर के सीसीटीवी फुटेज, बरामद नकदी, वाहन, आभूषण और महत्वपूर्ण दस्तावेजों तक को साक्ष्य के तौर पर शामिल किया गया है। पुलिस का फोकस अब इन सभी साक्ष्यों के आपसी मिलान और आरोपों की कड़ियों को जोड़ने पर है। जोन स्तर पर भी जांच के प्रमुख बिंदुओं की समीक्षा हो चुकी है। चार्जशीट दाखिल होने से पहले केस डायरी में शामिल साक्ष्यों की कानूनी मजबूती और आरोपियों की भूमिका को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
विज्ञापन
40 दिन में 70 से ज्यादा बार रकम निकालने-छिपाने का दावा
मामले की शुरुआती जांच में मंदिर परिसर के सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर 27 अप्रैल से पांच जून के बीच करीब 40 दिनों में 70 से अधिक बार चढ़ावे की रकम को छिपाने या निकालने की संदिग्ध गतिविधियां सामने आने की बात कही गई थी। पुलिस अब इन्हीं फुटेज को आरोपियों के बयानों और बरामदगी से जोड़कर घटनाक्रम की कड़ियों को तैयार कर लिया है। शुरुआती विवेचना में करीब 79 लाख रुपये की बरामदगी सामने आई थी। इसके बाद पुलिस रिमांड के दौरान हुई पूछताछ में रकम के कथित बंटवारे, छिपाने और इस्तेमाल से जुड़े कई पहलुओं की पड़ताल की गई। जांच में तीन और चार पहिया वाहनों के अलावा एक बाइक, आभूषण और दस्तावेज भी सामने आए हैं। पुलिस इन संपत्तियों और बरामदगी को कथित चोरी की रकम से जोड़ने वाले साक्ष्यों की जांच कर रही है।
विज्ञापन
गणना के दौरान रकम निकालने का आरोप
विवेचना में दर्ज आरोपियों के बयानों के मुताबिक, चढ़ावे की गणना के दौरान रकम निकालकर सहयोगियों के जरिये उसे मोजे आदि में छिपाने का तरीका अपनाया जाता था। बयानों में यह दावा भी सामने आया है कि चोरी की रकम का एक हिस्सा गणना प्रभारी सुभाष चंद्र को दिया जाता था। पुलिस इस दावे की पुष्टि के लिए सीसीटीवी फुटेज, बयानों और अन्य साक्ष्यों का मिलान कर रही है। एक अन्य आरोपी अनुकल्प मिश्रा की गणना के दौरान की गतिविधियां भी सीसीटीवी फुटेज में संदिग्ध बताए जाने की बात विवेचना में सामने आई है। पुलिस ने फुटेज में दिखाई देने वाली गतिविधियों और आरोपियों के बयानों के बीच सामंजस्य की पड़ताल की है।
दर्शन के नाम पर वसूली और वाहनों से कमाई का भी जिक्र
पूर्व महासचिव के चालक रहे टिन्नू यादव से पूछताछ में भी जांच को अहम जानकारियां मिलने का दावा है। सूत्रों के अनुसार, टिन्नू ने अपने बयान में श्रद्धालुओं को दर्शन कराने के नाम पर रुपये लेने और उन रुपयों से आभूषण खरीदने की बात स्वीकार की है। जांच में यह भी सामने आया कि मंदिर से जुड़े संपर्कों और प्रभाव का इस्तेमाल कर वाहनों को किराये पर चलवाने से उसे करीब 90 हजार रुपये मासिक तक की आय होती थी। पुलिस ने इन दावों से जुड़े दस्तावेज और दूसरे साक्ष्य भी केस डायरी में दर्ज किए हैं। अब चार्जशीट में यह स्पष्ट किया जाएगा कि इन गतिविधियों का चोरी की रकम से क्या संबंध रहा और प्रत्येक आरोपी की भूमिका किस स्तर तक रही। मामले की विवेचना के दौरान श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय, पूर्व सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा और पूर्व आमंत्रित सदस्य गोपाल राव समेत संबंधित लोगों के बयान भी दर्ज किए गए हैं।