फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ayodhya News ›   Many flaws found in the review of basic education

बेसिक शिक्षा की समीक्षा में मिली ढेरों खामियां

Thu, 03 Oct 2019 11:12 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 03 Oct 2019 11:12 PM IST
विज्ञापन
Many flaws found in the review of basic education
अयोध्या। जिले में बेसिक शिक्षा की स्थिति ठीक नहीं कही जा सकती है। राज्य परियोजना निदेशक विजय किरण आनंद की समीक्षा में कई महत्वपूर्ण खामियां पाई गई।
विज्ञापन

इसके बाद निदेशक आनंद ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, वित्त एवं लेखाधिकारी सहित विभिन्न परियोजनाओं के समन्वयकों से स्पष्टीकरण तलब किया है। यह स्पष्टीकरण परियोजनाओं के संचालन से लेकर ग्रांट की स्थिति स्पष्ट न करने जैसे मामलों को लेकर मांगा गया है।
जानकारी के मुताबिक, निदेशक ने बीते 20 सितंबर को जिले में संचालित आपरेशन कायाकल्प, निशुल्क ड्रेस वितरण, कंपोजिट स्कूल ग्रांट, अंशकालिक अनुदेशकों के नवीनीकरण जैसेे तमाम कार्यों की समीक्षा की थी।
विज्ञापन

इसमें बीएसए के साथ ही वित्त एवं लेखाधिकारी, लेखाधिकारी, एबीएसए और विभिन्न परियोजनाओं के जिला समन्वयक शामिल हुए थे। खास बात यह भी है कि विभिन्न परियोजनाओं के लिए दिशा-निर्देश के साथ परियोजनाओं के लिए पैसा मानव संसाधन विकास मंत्रालय से जारी किया जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

सूत्रों की मानें तो समीक्षा में सबसे महत्वपूर्ण आपरेशन कायाकल्प के तहत विद्यालयों में कराए गए निर्माण कार्यों का लेखा-जोखा उचित नहीं मिला। विभाग कार्यों का अलग-अलग विवरण नहीं दे सका।
जबकि इस योजना के तहत लाखों रुपये खर्च किए गए थे। बहुत से विद्यालयों को इसके जरिए चमकाया गया। इसी तरह वित्तीय साल 2018-19 में राज्य परियोजना से विद्यालयों के लिए जारी की गई कंपोजिट स्कूल ग्रांट के उपभोग का लेखा-जोखा अफसर नहीं प्रस्तुत कर पाए।
लापरवाही इस कदर मिली कि जिले में कार्यरत अंशकालिक अनुदेशकों का नवीनीकरण नहीं कराया गया जिसके कारण इनको माह जुलाई 2019 का मानदेय नहीं मिल पाया है। सभी छात्र-छात्राओं का नि:शुल्क यूनीफार्म वितरण नहीं हो पाया। जिले में प्रेरणा एप से निरीक्षण की स्थिति ठीक नहीं मिली।
मानव संपदा पोर्टल पर अधीनस्थ कार्यालय और विद्यालयों के शिक्षकों का डाटा भी अपलोड नहीं मिला। आउट आफ स्कूल बच्चों के लिए विशेष प्रशिक्षण की व्यवस्था है इसे 16 अगस्त से ही शुरू होना चाहिए था लेकिन समीक्षा तक इसे शुरू नहीं कराया गया। कुल मिलाकर समीक्षा में जिले में बेसिक शिक्षा की स्थिति ठीक नहीं मिली।
परियोजनाओं के संचालन पर सवाल उठे। भेजे गए पत्र में कहा तो यहां तक गया है कि जनपद की टीम में समन्वय नहीं है। नेतृत्व क्षमता का अभाव झलकता है। जिले में संचालित कार्यक्रमों में रूचि नहीं ली जा रही है।

समीक्षा के बाद निदेशक श्री आनंद ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, वित्त एवं लेखाधिकारी, लेखाधिकारी, जिला समन्वयक एमडीएम, बालिका शिक्षा, समेकित शिक्षा, विशेष प्रशिक्षण, निर्माण, एमडीएम आदि को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। सात दिन में साक्ष्यों के साथ स्पष्टीकरण मांगा है। इस बाबत बीएसए से बात करने का प्रयास किया गया लेकिन, बात नहीं हो पाई। शासन ने यह पत्र डीएम, सीडीओ के साथ अन्य अफसरों को भी भेजा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed