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Ayodhya News: दशहरी के निर्यात के लिए मैंगो पैक हाउस की दरकार
Thu, 08 Jun 2023 12:30 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Thu, 08 Jun 2023 12:30 AM IST
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राजेंद्र कुमार पांडेय
अयोध्या। मैंगो बेल्ट सोहावल के आम उत्पादकों को अब तक निर्यात की सुविधा नहीं मिल पाई है। दशहरी आम के निर्यात के लिए मैंगो पैक हाउस बनाए जाने का प्रस्ताव उद्यान विभाग की ओर से मंत्री को सौंपा जा चुका है। इस पर फिलहाल मंजूरी नहीं मिली है। हालांकि एयरपोर्ट बनने से निर्यात के लिए परिस्थितियां बन रही हैं। इससे निर्यात की राह आसान हो सकती है। आम के निर्यात से देश के विदेशी मुद्रा भंडार में बढ़ोतरी होगी, साथ ही आम उत्पादकों को भी लाभ होगा।
मैंगो बेल्ट सोहावल के तीन ब्लॉकों में फैली है। इसमें सोहावल, मसौधा और मया बाजार की 28 ग्राम पंचायतें शामिल हैं। कई हजार हेक्टेयर में फलपट्टी क्षेत्र का फैलाव है। आम के उत्पादन का कोई मुकम्मल डाटा बेस नहीं तैयार किया गया है, लेकिन जानकारों का मानना है कि मैंगो बेल्ट से हजारों टन दशहरी के साथ चौसा, लंगड़ा बाहर की मंडियों को भेजा जाता है। जानकार बताते हैं कि इस फल पट्टी क्षेत्र की मिट्टी की खासियत के चलते आम का स्वाद भी अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप है लेकिन यहां से निर्यात की सुविधा क्यों नहीं की जा रही, समझ से परे है।
किसान राम अकबाल सिंह कहते हैं कि समय-समय पर निर्यात की सुविधा की मांग की जाती है, लेकिन अब तक यह सुविधा नहीं मिल पाई है। देवबक्श पांडेय कहते हैं कि निर्यात की सुविधा मिलती तो इससे आम उत्पादकों को लाभ होता। ज्यादा लोग इसकी खेती करते। (संवाद)
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योगी सरकार के पहले कार्यकाल में उद्यान विभाग की ओर से मंत्री केशव प्रसाद मौर्य को मैंगो पैक हाउस को लेकर प्रस्ताव सौंपा गया था। हालांकि अब तक इसे लेकर कार्रवाई आगे नहीं बढ़ी। सूत्रों के मुताबिक, अगले कुछ माह में अयोध्या को यह सुविधा मिल सकती है।
क्या है मैंगो पैक हाउस
मैंगो पैक हाउस को तैयार करने में लगभग छह करोड़ रुपये खर्च होते हैं। इसमें आम को निर्यात के लायक तैयार किया जाता है। इसमें सबसे पहले धुलाई होती है। फिर छंटाई कर आम का वेपर ट्रीटमेंट किया जाता है। इससे आम पूरी तरह कीटाणु एवं वायरस मुक्त हो जाता है। अब तक प्रदेश से जापान, अमेरिका, यूके, दुबई, सिंगापुर, आस्ट्रेलिया, स्पेन, न्यूजीलैंड, नेपाल कोरिया, फ्रांस, स्वीडन जैसे देशों को मांग के अनुसार आम का निर्यात किया जाता है।
मंजूरी का इंतजार
आम के निर्यात के लिए मैंगो पैक हाउस बनवाए जाने का प्रस्ताव पूर्व में विभाग के मंत्री को दिया जा चुका है। अभी इसको लेकर शासन से कोई निर्देश प्राप्त नहीं हुआ है। मंजूरी मिलने के बाद तुरंत काम शुरू कराया जाएगा।
- डीपी सिंह, जिला उद्यान अधिकारी
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अयोध्या। मैंगो बेल्ट सोहावल के आम उत्पादकों को अब तक निर्यात की सुविधा नहीं मिल पाई है। दशहरी आम के निर्यात के लिए मैंगो पैक हाउस बनाए जाने का प्रस्ताव उद्यान विभाग की ओर से मंत्री को सौंपा जा चुका है। इस पर फिलहाल मंजूरी नहीं मिली है। हालांकि एयरपोर्ट बनने से निर्यात के लिए परिस्थितियां बन रही हैं। इससे निर्यात की राह आसान हो सकती है। आम के निर्यात से देश के विदेशी मुद्रा भंडार में बढ़ोतरी होगी, साथ ही आम उत्पादकों को भी लाभ होगा।
मैंगो बेल्ट सोहावल के तीन ब्लॉकों में फैली है। इसमें सोहावल, मसौधा और मया बाजार की 28 ग्राम पंचायतें शामिल हैं। कई हजार हेक्टेयर में फलपट्टी क्षेत्र का फैलाव है। आम के उत्पादन का कोई मुकम्मल डाटा बेस नहीं तैयार किया गया है, लेकिन जानकारों का मानना है कि मैंगो बेल्ट से हजारों टन दशहरी के साथ चौसा, लंगड़ा बाहर की मंडियों को भेजा जाता है। जानकार बताते हैं कि इस फल पट्टी क्षेत्र की मिट्टी की खासियत के चलते आम का स्वाद भी अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप है लेकिन यहां से निर्यात की सुविधा क्यों नहीं की जा रही, समझ से परे है।
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किसान राम अकबाल सिंह कहते हैं कि समय-समय पर निर्यात की सुविधा की मांग की जाती है, लेकिन अब तक यह सुविधा नहीं मिल पाई है। देवबक्श पांडेय कहते हैं कि निर्यात की सुविधा मिलती तो इससे आम उत्पादकों को लाभ होता। ज्यादा लोग इसकी खेती करते। (संवाद)
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योगी सरकार के पहले कार्यकाल में उद्यान विभाग की ओर से मंत्री केशव प्रसाद मौर्य को मैंगो पैक हाउस को लेकर प्रस्ताव सौंपा गया था। हालांकि अब तक इसे लेकर कार्रवाई आगे नहीं बढ़ी। सूत्रों के मुताबिक, अगले कुछ माह में अयोध्या को यह सुविधा मिल सकती है।
क्या है मैंगो पैक हाउस
मैंगो पैक हाउस को तैयार करने में लगभग छह करोड़ रुपये खर्च होते हैं। इसमें आम को निर्यात के लायक तैयार किया जाता है। इसमें सबसे पहले धुलाई होती है। फिर छंटाई कर आम का वेपर ट्रीटमेंट किया जाता है। इससे आम पूरी तरह कीटाणु एवं वायरस मुक्त हो जाता है। अब तक प्रदेश से जापान, अमेरिका, यूके, दुबई, सिंगापुर, आस्ट्रेलिया, स्पेन, न्यूजीलैंड, नेपाल कोरिया, फ्रांस, स्वीडन जैसे देशों को मांग के अनुसार आम का निर्यात किया जाता है।
मंजूरी का इंतजार
आम के निर्यात के लिए मैंगो पैक हाउस बनवाए जाने का प्रस्ताव पूर्व में विभाग के मंत्री को दिया जा चुका है। अभी इसको लेकर शासन से कोई निर्देश प्राप्त नहीं हुआ है। मंजूरी मिलने के बाद तुरंत काम शुरू कराया जाएगा।
- डीपी सिंह, जिला उद्यान अधिकारी