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Ayodhya News: तीन घंटे में 1300 लोगों से राम मंदिर की व्यवस्था पर मंथन
Thu, 10 Sep 2026 12:41 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Thu, 10 Sep 2026 12:41 AM IST
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अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के नवनियुक्त सीईओ जितेंद्र मिश्र ने कार्यभार संभालने के बाद राम मंदिर की व्यवस्थाओं की गहराई से पड़ताल शुरू कर दी है। बुधवार को उन्होंने करीब तीन घंटे तक लगभग 1300 अधिकारियों और कर्मचारियों से सुरक्षा, श्रद्धालु सुविधा और मंदिर की व्यवस्थाओं के विभिन्न पहलुओं को समझा। इस दौरान रामलला के दर्शन से लेकर श्रद्धालुओं की सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और चढ़ावे की निगरानी तक कई महत्वपूर्ण विषयों पर मंथन हुआ।
सीईओ ने सुरक्षा अधिकारियों और ट्रस्ट के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर मंदिर की मौजूदा व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी ली। अधिकारियों से उन्होंने श्रद्धालुओं के प्रवेश और निकास, दर्शन मार्ग, भीड़ नियंत्रण और मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था के बारे में जानकारी हासिल की। प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने को देखते हुए सुरक्षा और सुगम दर्शन के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर विशेष जोर रहा।
सुरक्षा में कहां चुनौती, अफसरों से जाना
जितेंद्र मिश्र ने अधिकारियों से केवल मौजूदा व्यवस्था की जानकारी ही नहीं ली, बल्कि यह भी समझने का प्रयास किया कि सुरक्षा और श्रद्धालु प्रबंधन के दौरान जमीन पर किस तरह की चुनौतियां सामने आती हैं। सुरक्षा मानकों का पालन कराते हुए श्रद्धालुओं को कम से कम असुविधा हो, इसके लिए अपनाई जा रही प्रक्रियाओं और व्यवस्थाओं पर भी चर्चा हुई। मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था, विभिन्न स्थानों पर तैनात कर्मचारियों की जिम्मेदारियां और आपसी समन्वय की प्रक्रिया को भी नए सीईओ ने समझा। उनका जोर इस बात पर रहा कि बढ़ती श्रद्धालु संख्या के बीच सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रहने के साथ दर्शन भी सहज और व्यवस्थित तरीके से चलता रहे।
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चढ़ावे की निगरानी व्यवस्था भी समझी
मंदिर की व्यवस्थाओं की समीक्षा के दौरान रामलला को प्राप्त होने वाले चढ़ावे और उसकी निगरानी से जुड़ी व्यवस्था को भी समझा गया। चढ़ावे की प्रक्रिया, उसकी निगरानी और संबंधित जिम्मेदारियों के बीच समन्वय की जानकारी सीईओ ने अधिकारियों से ली। मंदिर में बढ़ती श्रद्धालु संख्या के साथ व्यवस्थाओं को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाए रखना भी महत्वपूर्ण विषयों में शामिल है।
व्यवस्थाओं का स्थलीय जायजा भी लिया
जितेंद्र मिश्र ने मंदिर परिसर का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का स्थलीय जायजा लिया। उन्होंने दर्शन व्यवस्था, श्रद्धालुओं की सुविधाओं, सुरक्षा इंतजामों और परिसर में संचालित विभिन्न कार्यों की वास्तविक स्थिति को समझा। इस दौरान यात्री सुविधा केंद्र, सेवा केंद्र, परकोटा स्थित मंदिरों और कुबेर टीला समेत कई क्षेत्रों का निरीक्षण किया।
पहले समझेंगे पूरी व्यवस्था, फिर बनेगी कार्ययोजना
सीईओ के शुरुआती कदमों से साफ है कि वह तत्काल बदलाव करने के बजाय पहले मौजूदा व्यवस्था को पूरी तरह समझने और जमीनी स्तर से फीडबैक लेने पर जोर दे रहे हैं। तीन घंटे तक 1300 अधिकारियों-कर्मचारियों से जुड़े कामकाज को समझना इसी प्रक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है।
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सीईओ ने सुरक्षा अधिकारियों और ट्रस्ट के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर मंदिर की मौजूदा व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी ली। अधिकारियों से उन्होंने श्रद्धालुओं के प्रवेश और निकास, दर्शन मार्ग, भीड़ नियंत्रण और मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था के बारे में जानकारी हासिल की। प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने को देखते हुए सुरक्षा और सुगम दर्शन के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर विशेष जोर रहा।
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सुरक्षा में कहां चुनौती, अफसरों से जाना
जितेंद्र मिश्र ने अधिकारियों से केवल मौजूदा व्यवस्था की जानकारी ही नहीं ली, बल्कि यह भी समझने का प्रयास किया कि सुरक्षा और श्रद्धालु प्रबंधन के दौरान जमीन पर किस तरह की चुनौतियां सामने आती हैं। सुरक्षा मानकों का पालन कराते हुए श्रद्धालुओं को कम से कम असुविधा हो, इसके लिए अपनाई जा रही प्रक्रियाओं और व्यवस्थाओं पर भी चर्चा हुई। मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था, विभिन्न स्थानों पर तैनात कर्मचारियों की जिम्मेदारियां और आपसी समन्वय की प्रक्रिया को भी नए सीईओ ने समझा। उनका जोर इस बात पर रहा कि बढ़ती श्रद्धालु संख्या के बीच सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रहने के साथ दर्शन भी सहज और व्यवस्थित तरीके से चलता रहे।
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चढ़ावे की निगरानी व्यवस्था भी समझी
मंदिर की व्यवस्थाओं की समीक्षा के दौरान रामलला को प्राप्त होने वाले चढ़ावे और उसकी निगरानी से जुड़ी व्यवस्था को भी समझा गया। चढ़ावे की प्रक्रिया, उसकी निगरानी और संबंधित जिम्मेदारियों के बीच समन्वय की जानकारी सीईओ ने अधिकारियों से ली। मंदिर में बढ़ती श्रद्धालु संख्या के साथ व्यवस्थाओं को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाए रखना भी महत्वपूर्ण विषयों में शामिल है।
व्यवस्थाओं का स्थलीय जायजा भी लिया
जितेंद्र मिश्र ने मंदिर परिसर का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का स्थलीय जायजा लिया। उन्होंने दर्शन व्यवस्था, श्रद्धालुओं की सुविधाओं, सुरक्षा इंतजामों और परिसर में संचालित विभिन्न कार्यों की वास्तविक स्थिति को समझा। इस दौरान यात्री सुविधा केंद्र, सेवा केंद्र, परकोटा स्थित मंदिरों और कुबेर टीला समेत कई क्षेत्रों का निरीक्षण किया।
पहले समझेंगे पूरी व्यवस्था, फिर बनेगी कार्ययोजना
सीईओ के शुरुआती कदमों से साफ है कि वह तत्काल बदलाव करने के बजाय पहले मौजूदा व्यवस्था को पूरी तरह समझने और जमीनी स्तर से फीडबैक लेने पर जोर दे रहे हैं। तीन घंटे तक 1300 अधिकारियों-कर्मचारियों से जुड़े कामकाज को समझना इसी प्रक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है।