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गंदगी रोकने की साइकोलॉजी को परखेगा आईआईएम इंदौर
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अयोध्या। रामनगरी को साफ-सुथरा बनाने के लिए आईआईएम इंदौर से हुए एमओयू पर कार्य शुरू हो चुका है। आईआईएम ने अयोध्या की सफाई व्यवस्था को लेकर प्लान तैयार किया है। इसे तीन चरणों में लागू किया जाना है। पहले चरण में आईआईएम के विशेषज्ञों की टीम अयोध्या विजिट कर यहां गंदगी को रोकने की साइकोलॉजी समझेगा। विशेषज्ञों की टीम लोगों से बातचीत कर गंदगी कैसे रोकी जाए इसका प्लान तैयार करेगी। दूसरे चरण में इस योजना से लोगों को जोड़ने व अंतिम चरण में प्रशिक्षण व अन्य कार्यक्रम होंगे।
अयोध्या को विश्वस्तरीय पर्यटन नगरी बनाने के लिए यहां की सफाई व्यवस्था भी उत्कृष्ट श्रेणी की करनी होगी। अयोध्या नगर निगम ने आईआईएम इंदौर के साथ सफाई कार्यों में अमूलचूल परिवर्तन के लिए एमओयू साइन किया है। आईआईएम ने देश के पांच वरिष्ठ प्रोफेसरों की एक टीम गठित की है। इसकी पहली मीटिंग भी हो चुकी है। इसमें अयोध्या में वर्तमान में साफ-सफाई व्यवस्था का आकलन करने के लिए आईआईएम ने एक पत्र नगर निगम को भेजा है।
अयोध्या नगर निगम प्रशासन जल्द ही मांगी गई जानकारी आईआईएम इंदौर को सौंप देगा। इसके उपरांत अयोध्या नगर निगम के आला अफसरों के साथ आईआईएम इंदौर की टीम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बातचीत करेगी। एक अप्रैल को आईआईएम के प्रोफेसरों की टीम अयोध्या पहुंचेगी। टीम के लोग स्वत: नगर वासियों से मिलकर गंदगी को कैसे रोका जाए, इसका प्लान तैयार करेंगे। टीम लोगों से बात करके उनका मनोविज्ञान भी समझेगी, इसी के आधार प्लान तैयार किया जाएगा।
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विशेषज्ञ इस पर भी मंथन करेंगे कि लोगाें को कैसे इससे जोड़ा जाए। दोनों प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद संपूर्ण सफाई योजना का प्लान, प्रशिक्षण सहित अन्य कार्यों को अंजाम दिया जाएगा। इंदौर नगर निगम सफाई व्यवस्था के मामले में देश में सबसे ऊपर है। वहां के निवासी सफाई व्यवस्था को लेकर अपनी जिम्मेदारी समझते हैं। जितना कूड़ा व गंदगी नगर निगम साफ करता है वहां के नागरिक भी उतनी सफाई करते हैं। इसी प्रकार की व्यवस्था अयोध्या में भी की जानी है।
अयोध्या को साफ-सुथरा बनाने के लिए आईआईएम इंदौर से एमओयू किया गया है। इसके लिए एक अप्रैल को विशेषज्ञों की टीम आ रही है। टीम शहरवासियों से बातचीत करके गंदगी दूर करने का प्लान तैयार करेगी। बाद में इसे अयोध्या में लागू कराया जाएगा।
विशाल सिंह, नगर आयुक्त, अयोध्या
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अयोध्या को विश्वस्तरीय पर्यटन नगरी बनाने के लिए यहां की सफाई व्यवस्था भी उत्कृष्ट श्रेणी की करनी होगी। अयोध्या नगर निगम ने आईआईएम इंदौर के साथ सफाई कार्यों में अमूलचूल परिवर्तन के लिए एमओयू साइन किया है। आईआईएम ने देश के पांच वरिष्ठ प्रोफेसरों की एक टीम गठित की है। इसकी पहली मीटिंग भी हो चुकी है। इसमें अयोध्या में वर्तमान में साफ-सफाई व्यवस्था का आकलन करने के लिए आईआईएम ने एक पत्र नगर निगम को भेजा है।
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अयोध्या नगर निगम प्रशासन जल्द ही मांगी गई जानकारी आईआईएम इंदौर को सौंप देगा। इसके उपरांत अयोध्या नगर निगम के आला अफसरों के साथ आईआईएम इंदौर की टीम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बातचीत करेगी। एक अप्रैल को आईआईएम के प्रोफेसरों की टीम अयोध्या पहुंचेगी। टीम के लोग स्वत: नगर वासियों से मिलकर गंदगी को कैसे रोका जाए, इसका प्लान तैयार करेंगे। टीम लोगों से बात करके उनका मनोविज्ञान भी समझेगी, इसी के आधार प्लान तैयार किया जाएगा।
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विशेषज्ञ इस पर भी मंथन करेंगे कि लोगाें को कैसे इससे जोड़ा जाए। दोनों प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद संपूर्ण सफाई योजना का प्लान, प्रशिक्षण सहित अन्य कार्यों को अंजाम दिया जाएगा। इंदौर नगर निगम सफाई व्यवस्था के मामले में देश में सबसे ऊपर है। वहां के निवासी सफाई व्यवस्था को लेकर अपनी जिम्मेदारी समझते हैं। जितना कूड़ा व गंदगी नगर निगम साफ करता है वहां के नागरिक भी उतनी सफाई करते हैं। इसी प्रकार की व्यवस्था अयोध्या में भी की जानी है।
अयोध्या को साफ-सुथरा बनाने के लिए आईआईएम इंदौर से एमओयू किया गया है। इसके लिए एक अप्रैल को विशेषज्ञों की टीम आ रही है। टीम शहरवासियों से बातचीत करके गंदगी दूर करने का प्लान तैयार करेगी। बाद में इसे अयोध्या में लागू कराया जाएगा।
विशाल सिंह, नगर आयुक्त, अयोध्या