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Ayodhya News: हनुमंतलाल ने दी अनुमति, मठ-मंदिरों में उड़ा अबीर-गुुलाल

Sat, 04 Mar 2023 09:43 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या Updated Sat, 04 Mar 2023 09:43 AM IST
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Hanumantlal gave permission, Abir-Gulal flew in Math-Temples
अयोध्या। वैष्णव नगरी में शुक्रवार को रंगभरी एकादशी के साथ ही होली की मुनादी हो गई। परंपरा के अनुरूप सबसे पहले हनुमंतलाल को अबीर-गुलाल अर्पित कर उनसे उत्सव की अनुमति ली गई। इसके बाद नागा-साधुओं ने हनुमानगढ़ी के निशान के साथ शोभायात्रा निकालकर मठ-मंदिरों को होली का आमंत्रण दिया। पंचकोसी परिक्रमा के साथ शोभायात्रा का समापन हुआ। अब होली के उल्लास में रामनगरी बुढ़वा मंगल तक डूबी रहेगी।
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रंगभरी एकादशी पर रामनगरी में परंपरागत रूप से सिद्धपीठ हनुमानगढ़ी में सुबह नौ बजे सर्वप्रथम हनुमान जी महाराज का विधिवत पूजन-अर्चन व श्रृंगार के बाद अबीर-गुलाल लगाया गया। हनुमान जी के निशान व छड़ी की पूजा-आरती की गई। नागा साधुओं ने अपने आराध्य हनुमंतलाल को अबीर-गुलाल अर्पित कर रंगोत्सव के आगाज की अनुमति मांगी। इसके बाद मंदिर परिसर में जमकर अबीर-गुलाल उड़ाया।
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संतों के संग भक्त भी आस्था में मग्न होकर नृत्य करते दिखे। इसके बाद नागा-साधुओं की टोली सड़कों पर निकली। संतों ने ढोल की थाप व होली गीतों पर जमकर नृत्य किया। तरह-तरह के करतब दिखाए। रास्ते में जो मिला उसे अबीर-गुुलाल लगाया। लोग भी हनुमान जी का प्रसाद समझकर आनंदित होते रहे। शोभायात्रा सरयू तट पहुंची जहां नागा-साधुओं ने स्नान किया और निशान की दोबारा पूजा की।
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इसके बाद मंदिरों की ओर रुख किया। साधु-संतों ने मठ-मंदिरों में जाकर विराजमान विग्रह को अबीर-गुलाल लगाते हुए होली का निमंत्रण दिया। रामनगरी की धार्मिक परिधि यानी की 15 किलोमीटर का पूरा क्षेत्र जय श्रीराम, हनुमंतलला के जयकारों से गूंजता रहा। शोभायात्रा में पुजारी रमेश दास, पुजारी राजू दास, पुजारी हेमंत दास, अभिषेक दास, मामा दास, अभय दास सहित सैकड़ों की संख्या में नागा साधु शामिल रहे।

मठ-मंदिरों में की गई निशान की पूजा
हनुमानगढ़ी का निशान साल में केवल एक बार रंगभरी एकादशी पर ही मंदिर परिसर से बाहर निकलता है। ऐसे में शुक्रवार को यह निशान जहां-जहां पहुंचा, भक्तों ने इसकी आरती-पूजा की। सर्वप्रथम राजगोपाल मंदिर में शोभायात्रा का स्वागत किया गया।


मणिरामदास की छावनी में वैदिक मंत्रोच्चारों के मध्य निशान की पूजा हुई। डाडिया मंदिर, दर्शन भवन, लंबे हनुमान मंदिर, जानकीघाट बड़ास्थान, तपस्वी छावनी, बड़ी छावनी सहित अन्य मंदिरों में होली का निमंत्रण देते हुए नागा साधु पंचकोसी परिक्रमा को निकल पड़े।


रंगभरी एकादशी पर लगा सवामनी भोग
अयोध्या। श्री श्याम फाल्गुन महोत्सव के क्रम में रंगभरी एकादशी पर शुक्रवार को रामजानकी मंदिर से भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा का शुभारंभ नाका हनुमानगढ़ी के महंत रामदास ने किया। इससे पूर्व उन्होंने मंदिर में विराजमान भगवान का पूजन-अर्चन किया। बताया कि नाका हनुमानगढ़ी में एकादशी पर सवा मन पेड़ा का भोग हनुमान जी महाराज को अर्पित किया गया। संवाद
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