{"_id":"658dc8e8f7b2109e1601f807","slug":"had-left-for-the-wedding-with-a-promise-to-return-but-never-returned-faizabad-news-c-97-1-ayo1002-7832-2023-12-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ayodhya News: शादी में लौटने का वादा कर निकले थे, कभी नहीं लौटे....","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ayodhya News: शादी में लौटने का वादा कर निकले थे, कभी नहीं लौटे....
Fri, 29 Dec 2023 12:44 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Fri, 29 Dec 2023 12:44 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अयोध्या। आज से 33 साल पहले दो नवंबर 1990 की तारीख थी। उस समय राम मंदिर का आंदोलन चरम पर था। देश के कोने-कोने से लाखों की संख्या में कारसेवक सरकारी बाधाओं को तोड़ते हुए अयोध्या की सीमा में घुस चुके थे। राजकुमार कोठरी (23) और भाई शरद कोठारी (20) कलकत्ता में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े हुए थे। वे आरएसएस की शाखाओं में शामिल होते थे। कारसेवा में जाने की जिद पिता हीरालाल कोठारी से करने लगे। दिसंबर में मेरी शादी होनी थी, पिता से शादी में लौटने का वादा करके ट्रेन से चल पड़े, लेकिन वाराणसी में ट्रेन सेवा बंद कर दी गई थी। रास्ते भी अयोध्या के बंद कर दिए गए थे। वे किसी तरह से टैक्सी से आजमगढ़ तक पहुंच गए। इसके बाद करीब 200 किलोमीटर पैदल चलकर 30 अक्तूबर 1990 को अयोध्या पहुंच गए। दोनों भाई विवादित ढांचे के गुंबदों तक पहुंच गए और भगवा फहरा दिया। अगले चरण में दो नवंबर को कारसेवकों के साथ दोनों भाई फिर सड़क पर निकले। इस दौरान पुलिस ने फायरिंग शुरू कर दी जिसमें भाईयों को गोली लगी और मौत हो गई।
खुशी है कि साकार हो रहा भाईयों का सपना
भाईयों की मौत का गम तो जीवन भर नहीं भूलेगा, लेकिन इस बात की प्रसन्नता है कि भाईयों का सपना साकार हो रहा है। राम मंदिर निर्माण ही भाईयों को सच्ची श्रद्धांजलि है। 22 जनवरी को प्राण प्रतिष्ठा में लाखों भक्त अयोध्या आएंगे। जलपान शिविर लगाकर रामभक्तों की सेवा करने की योजना बना रही हूं, ट्रस्ट से अनुमति मिल गई है। 16 जनवरी को रामकोट में जलपान शिविर का उद्घाटन होगा।
- बहन पूर्णिमा कोठारी की जुबानी
विज्ञापन
खुशी है कि साकार हो रहा भाईयों का सपना
भाईयों की मौत का गम तो जीवन भर नहीं भूलेगा, लेकिन इस बात की प्रसन्नता है कि भाईयों का सपना साकार हो रहा है। राम मंदिर निर्माण ही भाईयों को सच्ची श्रद्धांजलि है। 22 जनवरी को प्राण प्रतिष्ठा में लाखों भक्त अयोध्या आएंगे। जलपान शिविर लगाकर रामभक्तों की सेवा करने की योजना बना रही हूं, ट्रस्ट से अनुमति मिल गई है। 16 जनवरी को रामकोट में जलपान शिविर का उद्घाटन होगा।
विज्ञापन
- बहन पूर्णिमा कोठारी की जुबानी