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12 घंटे लॉकअप के बाद पराग डेयरी के जीएम को जमानत
फैजाबाद/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 05 Aug 2015 10:46 PM IST
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मामले में पुलिस ने सामान्य प्रबंधक जेपी त्रिपाठी को मंगलवार शाम से ही हिरासत में ले रखा था। 12 घंटे लॉकअप में रहने के बाद बुधवार सीजेएम कोर्ट में पेशी हुई, जहां से उनको जमानत भी मिल गई।
सामान्य प्रबंधक पर लगाए गए आरोपों के मुताबिक दुग्ध विकास मंत्री के छापे में पराग डेयरी में मार्केट में भेजे जा रहे दूध की जांच सही मिली लेकिन फुल क्रीम मिल्क (एफसीएम) दूध की जांच में वसा मानक से प्वाइंट फाइव (.5) कम पाई गई थी।
हालांकि इससे पूर्व की गई जांच में इसी दूध में वसा प्वाइंट वन (.1) कम पाया गया था। उत्पादन यूनिट में देशी घी का स्टाक रजिस्टर के अनुरूप नहीं पाया गया।
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भंडारण (स्टोर) में दूध पाउडर स्टॉक रजिस्टर से 400 किलो अधिक पाया गया था। मक्खन के स्टॉक में भारी अंतर पाया गया। इसके साथ ही कैश रिकॉर्ड की जांच में 33 रुपये का अंतर पाया गया था।
छापे में देशी घी के स्टाक रूम, भंडारण (स्टोर) और मक्खन के स्टॉक और कैश रिकॉर्ड को सील करने की कार्रवाई की गई। मंत्री के छापे में देर रात तक कार्रवाई को लेकर विभागीय अफसरों में माथापच्ची चलती रही।
बताया गया कि बुधवार सुबह क्षेत्रीय दुग्ध विकास अधिकारी एमके शुक्ल ने मंत्री के छापे में मिली तमाम खामियों के आरोप में सामान्य प्रबंधक जेपी त्रिपाठी को नामजद करते हुए तहरीर दी।
कोतवाल अमित सिंह ने बताया कि तहरीर पर धारा 406 भादवि के तहत रिपोर्ट दर्ज कर सामान्य प्रबंधक जेपी त्रिपाठी को गिरफ्तार कर सीजेएम कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उनको जमानत भी मिल गई।
उधर मंत्री के छापे के बाद की गई कार्रवाई के कारण बुधवार को पराग डेयरी से मार्केट में आपूर्ति के लिए दूध, दही, खीर, मट्ठा आदि उत्पाद बिक्री के लिए सामान्य दिनों की तरह गए। छापे में घी व मक्खन को सील कर दिए जाने के कारण यह बुधवार को मार्केट में बिक्री के लिए नहीं भेजे गए।
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सामान्य प्रबंधक पर लगाए गए आरोपों के मुताबिक दुग्ध विकास मंत्री के छापे में पराग डेयरी में मार्केट में भेजे जा रहे दूध की जांच सही मिली लेकिन फुल क्रीम मिल्क (एफसीएम) दूध की जांच में वसा मानक से प्वाइंट फाइव (.5) कम पाई गई थी।
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हालांकि इससे पूर्व की गई जांच में इसी दूध में वसा प्वाइंट वन (.1) कम पाया गया था। उत्पादन यूनिट में देशी घी का स्टाक रजिस्टर के अनुरूप नहीं पाया गया।
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भंडारण (स्टोर) में दूध पाउडर स्टॉक रजिस्टर से 400 किलो अधिक पाया गया था। मक्खन के स्टॉक में भारी अंतर पाया गया। इसके साथ ही कैश रिकॉर्ड की जांच में 33 रुपये का अंतर पाया गया था।
छापे में देशी घी के स्टाक रूम, भंडारण (स्टोर) और मक्खन के स्टॉक और कैश रिकॉर्ड को सील करने की कार्रवाई की गई। मंत्री के छापे में देर रात तक कार्रवाई को लेकर विभागीय अफसरों में माथापच्ची चलती रही।
बताया गया कि बुधवार सुबह क्षेत्रीय दुग्ध विकास अधिकारी एमके शुक्ल ने मंत्री के छापे में मिली तमाम खामियों के आरोप में सामान्य प्रबंधक जेपी त्रिपाठी को नामजद करते हुए तहरीर दी।
कोतवाल अमित सिंह ने बताया कि तहरीर पर धारा 406 भादवि के तहत रिपोर्ट दर्ज कर सामान्य प्रबंधक जेपी त्रिपाठी को गिरफ्तार कर सीजेएम कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उनको जमानत भी मिल गई।
उधर मंत्री के छापे के बाद की गई कार्रवाई के कारण बुधवार को पराग डेयरी से मार्केट में आपूर्ति के लिए दूध, दही, खीर, मट्ठा आदि उत्पाद बिक्री के लिए सामान्य दिनों की तरह गए। छापे में घी व मक्खन को सील कर दिए जाने के कारण यह बुधवार को मार्केट में बिक्री के लिए नहीं भेजे गए।