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अयोध्या: डॉक्टर ने की लापरवाही, काटना पड़ा महिला का पैर
Tue, 21 Feb 2023 12:34 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Tue, 21 Feb 2023 12:34 AM IST
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अयोध्या। संयुक्त जिला अस्पताल श्रावस्ती में तैनात डॉ. दिग्विजय नाथ पर अयोध्या के एक व्यक्ति ने अपनी मां के गलत इलाज करने का आरोप लगाया है। प्रार्थी का आरोप है कि गलत इलाज के कारण उसे अपनी मां का एक पैर कटवाना पड़ा।
बाद में चिकित्सक से इसकी शिकायत करने पर उसने पीड़ित को मारा पीटा व बंधक बनाकर रखा। मामला वर्ष 2021 का है। शिकायत के बाद कार्रवाई न होने पर पीड़ित ने न्यायालय की शरण ली। न्यायालय के आदेश पर रविवार देर रात चिकित्सक के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
जानकी वल्लभपुरम मौनी बाबा निवासी सनी श्रीवास्तव उर्फ शशांक ने अपनी तहरीर में बताया कि उनकी मां के पैर में कुछ तकलीफ थी। 26 अक्तूबर 2021 को कोरोना काल में वह अपनी मां को आईटीआई के सामने शाहपुर कॉम्पलेक्स में धनवंतरी हेल्थ केयर सेंटर के नाम से निजी नर्सिंग होम चलाने वाले सर्जन डॉ. दिग्विजय नाथ को दिखाने गए। डॉ. दिग्विजय श्रावस्ती जनपद के जिला अस्पताल में तैनात हैं।
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मां को देखने के बाद चिकित्सक ने उन्हें ठीक करने का आश्वासन दिया और इलाज शुरू किया। आरोप लगाया कि इलाज के बाद मां के पैर की स्थिति खराब होने लगी। कई बार दिखाने पर वह पैर ठीक करने की बात कहते रहे। लेकिन हालत बिगड़ती गई व पैर में सड़न पैदा हो गई और जहर फैलने लगा।
हालत ज्यादा खराब होने पर वह मां को गुजरात लेकर गया तो वहां के चिकित्सकों ने कहा कि उक्त डॉक्टर की लापरवाही से यह हालत हुई है। अंत में चिकित्सकों को मां के पैर काटकर उनकी जान बचानी पड़ी।
सनी का आरोप है कि इस दौरान इलाज में चिकित्सक की फीस व दवाई लाखों रुपये खर्च हो गए। मां को वापस घर लाने के बाद वह 22 नवंबर 2021 को डॉ. दिग्विजय नाथ से मिला और इलाज में दिये गए पैसे वापस मांगे तो उसने अपने स्टाफ के साथ मिलकर उन्हें जमकर पीटा व बंधक बना लिया।
वहां से बचकर निकलने के बाद उसने इसकी शिकायत कोतवाली नगर पुलिस व एक दिसंबर 2021 को एसएसपी से भी शिकायत की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उसने कोर्ट की शरण ली। नगर कोतवाल शमशेर बहादुर सिंह ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर चिकित्सक डॉ. दिग्विजय नाथ के खिलाफ धोखाधड़ी, मारपीट व महामारी अधिनियम के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
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बाद में चिकित्सक से इसकी शिकायत करने पर उसने पीड़ित को मारा पीटा व बंधक बनाकर रखा। मामला वर्ष 2021 का है। शिकायत के बाद कार्रवाई न होने पर पीड़ित ने न्यायालय की शरण ली। न्यायालय के आदेश पर रविवार देर रात चिकित्सक के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
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जानकी वल्लभपुरम मौनी बाबा निवासी सनी श्रीवास्तव उर्फ शशांक ने अपनी तहरीर में बताया कि उनकी मां के पैर में कुछ तकलीफ थी। 26 अक्तूबर 2021 को कोरोना काल में वह अपनी मां को आईटीआई के सामने शाहपुर कॉम्पलेक्स में धनवंतरी हेल्थ केयर सेंटर के नाम से निजी नर्सिंग होम चलाने वाले सर्जन डॉ. दिग्विजय नाथ को दिखाने गए। डॉ. दिग्विजय श्रावस्ती जनपद के जिला अस्पताल में तैनात हैं।
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मां को देखने के बाद चिकित्सक ने उन्हें ठीक करने का आश्वासन दिया और इलाज शुरू किया। आरोप लगाया कि इलाज के बाद मां के पैर की स्थिति खराब होने लगी। कई बार दिखाने पर वह पैर ठीक करने की बात कहते रहे। लेकिन हालत बिगड़ती गई व पैर में सड़न पैदा हो गई और जहर फैलने लगा।
हालत ज्यादा खराब होने पर वह मां को गुजरात लेकर गया तो वहां के चिकित्सकों ने कहा कि उक्त डॉक्टर की लापरवाही से यह हालत हुई है। अंत में चिकित्सकों को मां के पैर काटकर उनकी जान बचानी पड़ी।
सनी का आरोप है कि इस दौरान इलाज में चिकित्सक की फीस व दवाई लाखों रुपये खर्च हो गए। मां को वापस घर लाने के बाद वह 22 नवंबर 2021 को डॉ. दिग्विजय नाथ से मिला और इलाज में दिये गए पैसे वापस मांगे तो उसने अपने स्टाफ के साथ मिलकर उन्हें जमकर पीटा व बंधक बना लिया।
वहां से बचकर निकलने के बाद उसने इसकी शिकायत कोतवाली नगर पुलिस व एक दिसंबर 2021 को एसएसपी से भी शिकायत की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उसने कोर्ट की शरण ली। नगर कोतवाल शमशेर बहादुर सिंह ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर चिकित्सक डॉ. दिग्विजय नाथ के खिलाफ धोखाधड़ी, मारपीट व महामारी अधिनियम के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।