{"_id":"613a6d4b8ebc3edacc1bbb9e","slug":"divya-deepotsav-will-be-available-till-a-fortnight-in-ayodhya-dham-faizabad-news-lko5948372112","type":"story","status":"publish","title_hn":"अयोध्या धाम में पखवारे तक मनेगा दिव्य दीपोत्सव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अयोध्या धाम में पखवारे तक मनेगा दिव्य दीपोत्सव
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अयोध्या। अयोध्या धाम में होने वाला पांचवां दिव्य दीपोत्सव इस बार पखवारे भर चलेगा। दशहरे के बाद से दीपोत्सव की धूम शुरू हो जाएगी। इसमें विविध प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रम होने के साथ छोटी दीपावली के दिन राम की पैड़ी पर कुल 9 लाख दीप जलाने की तैयारी है, ताकि 7.50 लाख दीपों का नया विश्व रिकॉर्ड बनाया जा सके।
दीपोत्सव को दिव्य व भव्य बनाने के लिए हाईवे से लेकर सरयू घाट व मठ-मंदिरों को रामायण कालीन थीम पर सजाया जाएगा। सजाने के लिए ख्याति प्राप्त एजेंसियां टेंडर के जरिए कार्य करेंगी। शासन के निर्देश पर अयोध्या में पांचवां दिव्य दीपोत्सव अति भव्य व दिव्य मनाए जाने की योजना को लेकर बृहस्पतिवार को पर्यटन विभाग के प्रमुख सचिव मुकेश मेश्राम की अध्यक्षता में वर्चुवल बैठक हुई।
इसमें दीपोत्सव में कोरोना गाइड लाइन का पालन करते हुए सीधे तौर पर पर्यटकों से जोड़े जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया। पिछले दो बार से कोरोना महामारी के चलते दीपोत्सव में आमजन की सहभागिता नहीं हो पा रही थी। इस बार कोरोना का असर कम होने पर दीपोत्सव में आम लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी विमर्श हुआ।
विज्ञापन
पर्यटन विभाग ने पहले ही दीपोत्सव को दिव्य व सुंदर बनाने के लिए ख्यातिप्राप्त संस्थाओं से टेंडर आमंत्रित कर रखा है। बैठक में तय हुआ है कि इस बार दीपोत्सव रामायण कालीन थीम सजीव करने में कोई कसर न छोड़ी जाए। एजेंसियों के माध्यम से विशेष प्रकार से सजाया जाएगा। साथ ही प्रवेश द्वार सिर्फ लाइटिंग से नहीं, बल्कि थीम के आधार पर बनाए जाएंगे।
द्वारों की संख्या भी पिछले वर्षों की अपेक्षा दुगुनी होगी। राम की पैड़ी पर लोगों के आवागमन व दीपोत्सव को देखने वालों के लिए विशेष इंतजाम किए जाएंगे। हर घाट की रामायण के विभिन्न कांडों की थीम को दीपों में उकेरा जाएगा। इसके साथ ही दशहरे के बाद दीपोत्सव शुरू हो जाएगा। इसमें विविध प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे।
लक्ष्य यह है कि इसमें युवाओं की भागेदारी हो। बैठक में जिलाधिकारी अनुज कुमार झा, नगर आयुक्त विशाल सिंह, अवध विवि के दीपोत्सव प्रभारी शैलेंद्र वर्मा, विवि के कुलसचिव उमानाथ समेत नगर निगम, प्राधिकरण, पर्यटन, संस्कृति विभाग, सिंचाई, पीडब्ल्यूडी, अवध विवि के प्रतिनिधियों समेत पुलिस के आला अधिकारियों ने एक्सपर्ट टीमों के साथ भाग लिया।
इस बार दीपोत्सव में साढ़े सात लाख दीप जलाकर रिकॉर्ड बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए घाटों को बढ़ाए जाने का लक्ष्य निर्धारित है। इसमें पश्चिम के चार घाटों को लिए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अभी तक राम की पैड़ी के 24 घाटों पर दीप जलाए जाते हैं लेकिन इस बार दीपों की संख्या बढ़ जाने से चार और घाट शामिल किए जाएंगे लेकिन यह निर्णय गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड की सहमति के बाद होगा।
साढ़े सात लाख दीपों का रिकॉर्ड बनाने के लिए 28 घाटों पर 9 लाख दीप सजाए जाएंगे। इसके लिए विवि प्रशासन 10 लाख दीपों को क्रय करेगा। अयोध्या में नौ लाख दीपों को जलाने के लिए अवध विवि प्रशासन 12 हजार वालेंटियर्स लगाएगा। विवि के दीपोत्सव प्रभारी शैलेंद्र वर्मा ने बताया है कि पिछली बार सात लाख दीपों को सजाने के लिए 10 हजार वालेंटियर्स लगाए गए थे।
इस बार दीपों की संख्या नौ लाख हो जाने पर दो हजार अतिरिक्त वालेंटियर्स लगाए जाएंगे। इसमें 10 हजार वालेंटियर्स घाटों पर व दो हजार विशेष परिस्थितियों के लिए होंगे। इस बार दीपों को जलाने के लिए वैक्स का भी प्रयोग हो सकता है लेकिन यह गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड की टीम की सहमति के बाद होगा।
विज्ञापन
दीपोत्सव को दिव्य व भव्य बनाने के लिए हाईवे से लेकर सरयू घाट व मठ-मंदिरों को रामायण कालीन थीम पर सजाया जाएगा। सजाने के लिए ख्याति प्राप्त एजेंसियां टेंडर के जरिए कार्य करेंगी। शासन के निर्देश पर अयोध्या में पांचवां दिव्य दीपोत्सव अति भव्य व दिव्य मनाए जाने की योजना को लेकर बृहस्पतिवार को पर्यटन विभाग के प्रमुख सचिव मुकेश मेश्राम की अध्यक्षता में वर्चुवल बैठक हुई।
विज्ञापन
इसमें दीपोत्सव में कोरोना गाइड लाइन का पालन करते हुए सीधे तौर पर पर्यटकों से जोड़े जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया। पिछले दो बार से कोरोना महामारी के चलते दीपोत्सव में आमजन की सहभागिता नहीं हो पा रही थी। इस बार कोरोना का असर कम होने पर दीपोत्सव में आम लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी विमर्श हुआ।
विज्ञापन
पर्यटन विभाग ने पहले ही दीपोत्सव को दिव्य व सुंदर बनाने के लिए ख्यातिप्राप्त संस्थाओं से टेंडर आमंत्रित कर रखा है। बैठक में तय हुआ है कि इस बार दीपोत्सव रामायण कालीन थीम सजीव करने में कोई कसर न छोड़ी जाए। एजेंसियों के माध्यम से विशेष प्रकार से सजाया जाएगा। साथ ही प्रवेश द्वार सिर्फ लाइटिंग से नहीं, बल्कि थीम के आधार पर बनाए जाएंगे।
द्वारों की संख्या भी पिछले वर्षों की अपेक्षा दुगुनी होगी। राम की पैड़ी पर लोगों के आवागमन व दीपोत्सव को देखने वालों के लिए विशेष इंतजाम किए जाएंगे। हर घाट की रामायण के विभिन्न कांडों की थीम को दीपों में उकेरा जाएगा। इसके साथ ही दशहरे के बाद दीपोत्सव शुरू हो जाएगा। इसमें विविध प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे।
लक्ष्य यह है कि इसमें युवाओं की भागेदारी हो। बैठक में जिलाधिकारी अनुज कुमार झा, नगर आयुक्त विशाल सिंह, अवध विवि के दीपोत्सव प्रभारी शैलेंद्र वर्मा, विवि के कुलसचिव उमानाथ समेत नगर निगम, प्राधिकरण, पर्यटन, संस्कृति विभाग, सिंचाई, पीडब्ल्यूडी, अवध विवि के प्रतिनिधियों समेत पुलिस के आला अधिकारियों ने एक्सपर्ट टीमों के साथ भाग लिया।
इस बार दीपोत्सव में साढ़े सात लाख दीप जलाकर रिकॉर्ड बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए घाटों को बढ़ाए जाने का लक्ष्य निर्धारित है। इसमें पश्चिम के चार घाटों को लिए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अभी तक राम की पैड़ी के 24 घाटों पर दीप जलाए जाते हैं लेकिन इस बार दीपों की संख्या बढ़ जाने से चार और घाट शामिल किए जाएंगे लेकिन यह निर्णय गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड की सहमति के बाद होगा।
साढ़े सात लाख दीपों का रिकॉर्ड बनाने के लिए 28 घाटों पर 9 लाख दीप सजाए जाएंगे। इसके लिए विवि प्रशासन 10 लाख दीपों को क्रय करेगा। अयोध्या में नौ लाख दीपों को जलाने के लिए अवध विवि प्रशासन 12 हजार वालेंटियर्स लगाएगा। विवि के दीपोत्सव प्रभारी शैलेंद्र वर्मा ने बताया है कि पिछली बार सात लाख दीपों को सजाने के लिए 10 हजार वालेंटियर्स लगाए गए थे।
इस बार दीपों की संख्या नौ लाख हो जाने पर दो हजार अतिरिक्त वालेंटियर्स लगाए जाएंगे। इसमें 10 हजार वालेंटियर्स घाटों पर व दो हजार विशेष परिस्थितियों के लिए होंगे। इस बार दीपों को जलाने के लिए वैक्स का भी प्रयोग हो सकता है लेकिन यह गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड की टीम की सहमति के बाद होगा।