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हत्यारोपी को आजीवन कारावास
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हत्यारे को आजीवन कारावास
अयोध्या। नाली के विवाद में दलित की हत्या कर देने के मामले में कोर्ट ने दोषी पाते हुए हत्यारे को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने हत्या आरोपी पर 10 हजार का जुर्माना भी किया है।
यह फैसला अपर जिला जज व विशेष न्यायाधीश एससी एसटी एक्ट हरिनाथ पांडे की अदालत से हुआ। दौरान मुकदमा एक आरोपी की मौत हो गई, इसलिए उसके खिलाफ मुकदमा अबेट कर दिया गया, जबकि एक का विचारण अलग हो रहा है।
वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी पारसनाथ व एडीजीसी रोहित पांडे ने बताया कि घटना 27 जून 2001 की है। रौनाही थाना क्षेत्र के सारंगापुर गांव में नाली के विवाद को लेकर गांव के दबंगों ने दलितों पर हमला बोल दिया था।
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इसकी रिपोर्ट सुखदेव ने गांव के ही रणछोड़ उर्फ रणछोड़ सिंह, राज प्रताप सिंह व तेज बहादुर सिंह के खिलाफ हत्या व दलित उत्पीड़न अधिनियम के तहत लिखाई थी।
सुनवाई के दौरान रणछोड़ की मौत हो गई, जबकि तेज बहादुर सिंह की पत्रावली अलग कर दी गई। राज प्रताप सिंह को सुनवाई के बाद दोषी पाते हुए अदालत ने आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई।
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अयोध्या। नाली के विवाद में दलित की हत्या कर देने के मामले में कोर्ट ने दोषी पाते हुए हत्यारे को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने हत्या आरोपी पर 10 हजार का जुर्माना भी किया है।
यह फैसला अपर जिला जज व विशेष न्यायाधीश एससी एसटी एक्ट हरिनाथ पांडे की अदालत से हुआ। दौरान मुकदमा एक आरोपी की मौत हो गई, इसलिए उसके खिलाफ मुकदमा अबेट कर दिया गया, जबकि एक का विचारण अलग हो रहा है।
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वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी पारसनाथ व एडीजीसी रोहित पांडे ने बताया कि घटना 27 जून 2001 की है। रौनाही थाना क्षेत्र के सारंगापुर गांव में नाली के विवाद को लेकर गांव के दबंगों ने दलितों पर हमला बोल दिया था।
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इसकी रिपोर्ट सुखदेव ने गांव के ही रणछोड़ उर्फ रणछोड़ सिंह, राज प्रताप सिंह व तेज बहादुर सिंह के खिलाफ हत्या व दलित उत्पीड़न अधिनियम के तहत लिखाई थी।
सुनवाई के दौरान रणछोड़ की मौत हो गई, जबकि तेज बहादुर सिंह की पत्रावली अलग कर दी गई। राज प्रताप सिंह को सुनवाई के बाद दोषी पाते हुए अदालत ने आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई।