{"_id":"5bd5f638bdec22233165d8a0","slug":"61540748856-faizabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"शस्त्र लाइसेंस आवेदन में जमा करना होगा तीन का आईटीआर","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
शस्त्र लाइसेंस आवेदन में जमा करना होगा तीन का आईटीआर
Updated Sun, 28 Oct 2018 11:17 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शस्त्र लाइसेंस के लिए जमा करना होगा तीन साल का आईटीआर
फैजाबाद। उत्तर प्रदेश में आर्म्स लाइसेंस से रोक हटने के बाद कलेक्ट्रेट में शस्त्र विभाग में आवेदन पत्र लेने वालों की भीड़ उमड़ रही है। विभागीय अधिकारियों की माने तो अब तक एक हजार से अधिक फॉर्म काउंटर पर जमा हो चुके हैं।
नियमानुसार शस्त्र लाइसेंस के लिए इच्छुक व्यक्ति आवेदन कर सकता है लेकिन उन्हें जरूरी कागजात फॉर्म के साथ लगाने होंगे। विभागीय अधिकारियों की माने तो अगर जरूरी कागजात आवेदक नहीं लगाता है तो फॉर्म निरस्त कर दिया जाएगा।
इस बार आय के ब्योरे के साथ तीन साल का इनकम टैक्स का डिटेल का प्रमाण पत्र भी देना होगा। अगर कोई ऐसा प्रमाण पत्र नहीं देता है तो आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा।
विज्ञापन
विगत वर्षों में शस्त्र लाइसेंस बनाने पर रोक लगी हुई थी। योगी सरकार ने शस्त्र लाइसेंस से वर्षों बाद रोक हटा ली है। लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
अधिकारियों की माने तो अपराध पीड़ित, विरासत, व्यापारी, उद्यमी, बैंक, संस्थागत, वित्तीय संस्थान, विभिन्न विभागों के ऐसे कर्मी, जो प्रवर्तन में कार्यरत हैं जैसे सैनिक/अर्धसैनिक/पुलिसबल के कर्मी, एमएलए, एमएलसी, एमपी, राज्य, राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय स्तर के निशानेबाज आदि को लाइसेंस बनवाने में वरीयता दी जाएगी।
रिवॉल्वर और गन सहित अन्य लाइसेंस लेने के लिए पहचान पत्र, एड्रेस प्रुफ, दो पासपोर्ट साइज फोटो, वोटर आईडी और उसके साथ-साथ पिछले तीन साल की इनकम टैक्स रिटर्न का की पूरी जानकारी देनी होती है।
पढ़ाई के प्रमाण पत्र के अलावा जन्म प्रमाण पत्र की फोटो कॉपी भी देेनी होगी। लेकिन लाइसेंस के लिए आवेदन करने वालों को इन सभी कागजात के साथ में पैन कार्ड के साथ-साथ प्रारूप एस-3 पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा किया गया स्वास्थ्य प्रमाण पत्र भी देना जरूरी है।
वहीं, व्यापारियों को जीएसटी रजिस्ट्रेशन की कॉपी आवेदन पत्र के साथ लगानी होगी। आर्म्स पटल सहायक मोहम्मद शुऐब ने बताया कि आवेदकों को जरूरी सभी प्रमाण पत्र लगाने होंगे। उसके बाद भी शस्त्र लाइसेंसों के आवेदनों पर ही विचार किया जाएगा।
हालांकि इससे पहले पुलिस और राजस्व विभाग द्वारा आवेदक के कागजात और अन्य जांच की जाती है। अगर लाइसेंस देना जरूरी लगेगा, उसके बाद भी प्रशासन लाइसेंस जारी करेगा। वह बताते हैं कि अब तक एक हजार से अधिक फॉर्म जमा हो चुके हैं।
नए शस्त्र लाइसेंस जारी किए जाने के साथ लाइसेंस ट्रांसफर की प्रक्रिया भी चल रही है। मौजूदा समय में इसके भी आवेदन जमा हो रहे हैं। इसमें राइफल के ट्रांसफर के लिए 750, बीडीएल के लिए 100 से 500 व रिवॉल्वर व पिस्टल के लिए 1000 रुपये फीस निर्धारित है।
विज्ञापन
फैजाबाद। उत्तर प्रदेश में आर्म्स लाइसेंस से रोक हटने के बाद कलेक्ट्रेट में शस्त्र विभाग में आवेदन पत्र लेने वालों की भीड़ उमड़ रही है। विभागीय अधिकारियों की माने तो अब तक एक हजार से अधिक फॉर्म काउंटर पर जमा हो चुके हैं।
नियमानुसार शस्त्र लाइसेंस के लिए इच्छुक व्यक्ति आवेदन कर सकता है लेकिन उन्हें जरूरी कागजात फॉर्म के साथ लगाने होंगे। विभागीय अधिकारियों की माने तो अगर जरूरी कागजात आवेदक नहीं लगाता है तो फॉर्म निरस्त कर दिया जाएगा।
विज्ञापन
इस बार आय के ब्योरे के साथ तीन साल का इनकम टैक्स का डिटेल का प्रमाण पत्र भी देना होगा। अगर कोई ऐसा प्रमाण पत्र नहीं देता है तो आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा।
विज्ञापन
विगत वर्षों में शस्त्र लाइसेंस बनाने पर रोक लगी हुई थी। योगी सरकार ने शस्त्र लाइसेंस से वर्षों बाद रोक हटा ली है। लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
अधिकारियों की माने तो अपराध पीड़ित, विरासत, व्यापारी, उद्यमी, बैंक, संस्थागत, वित्तीय संस्थान, विभिन्न विभागों के ऐसे कर्मी, जो प्रवर्तन में कार्यरत हैं जैसे सैनिक/अर्धसैनिक/पुलिसबल के कर्मी, एमएलए, एमएलसी, एमपी, राज्य, राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय स्तर के निशानेबाज आदि को लाइसेंस बनवाने में वरीयता दी जाएगी।
रिवॉल्वर और गन सहित अन्य लाइसेंस लेने के लिए पहचान पत्र, एड्रेस प्रुफ, दो पासपोर्ट साइज फोटो, वोटर आईडी और उसके साथ-साथ पिछले तीन साल की इनकम टैक्स रिटर्न का की पूरी जानकारी देनी होती है।
पढ़ाई के प्रमाण पत्र के अलावा जन्म प्रमाण पत्र की फोटो कॉपी भी देेनी होगी। लेकिन लाइसेंस के लिए आवेदन करने वालों को इन सभी कागजात के साथ में पैन कार्ड के साथ-साथ प्रारूप एस-3 पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा किया गया स्वास्थ्य प्रमाण पत्र भी देना जरूरी है।
वहीं, व्यापारियों को जीएसटी रजिस्ट्रेशन की कॉपी आवेदन पत्र के साथ लगानी होगी। आर्म्स पटल सहायक मोहम्मद शुऐब ने बताया कि आवेदकों को जरूरी सभी प्रमाण पत्र लगाने होंगे। उसके बाद भी शस्त्र लाइसेंसों के आवेदनों पर ही विचार किया जाएगा।
हालांकि इससे पहले पुलिस और राजस्व विभाग द्वारा आवेदक के कागजात और अन्य जांच की जाती है। अगर लाइसेंस देना जरूरी लगेगा, उसके बाद भी प्रशासन लाइसेंस जारी करेगा। वह बताते हैं कि अब तक एक हजार से अधिक फॉर्म जमा हो चुके हैं।
नए शस्त्र लाइसेंस जारी किए जाने के साथ लाइसेंस ट्रांसफर की प्रक्रिया भी चल रही है। मौजूदा समय में इसके भी आवेदन जमा हो रहे हैं। इसमें राइफल के ट्रांसफर के लिए 750, बीडीएल के लिए 100 से 500 व रिवॉल्वर व पिस्टल के लिए 1000 रुपये फीस निर्धारित है।