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छुट्टा मवेशियों को स्कूल में किया बंद, ग्रामीणों की पुलिस से हुई नोकझोंक
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मवई (अयोध्या)। मवई थाना क्षेत्र के कोटवा गांव में फसलों के नुकसान से परेशान किसानों ने एकजुट होकर शुक्रवार की रात छुट्टा मवेशियों को खदेड़ते हुए प्राथमिक विद्यालय में बंद कर दिया। सुबह मामले की जानकारी होने पर स्कूल पहुंचे ग्राम पंचायत अधिकारी करुणा शंकर व ग्राम प्रधान इरफान ने स्कूल में मवेशियों को बंद देखकर पुलिस को सूचना दी।
जिसके बाद पहुंचे पीआरवी के दारोगा योगेंद्र बहादुर सिंह ने ग्रामीणों से चाभी लेकर गेट खोलकर मवेशियों को निकाल दिया। इससे आक्रोशित ग्रामीणों ने पुलिसकर्मियों को घेर लिया। दरोगा पर गाली गलौज का आरोप लगाते हुए नोकझोंक भी की। बाद में पुलिस ने प्रार्थना पत्र लिखकर देने की बात कही तो ग्रामीण शांत हुए। स्कूल के प्रधानाध्यापक ने अराजकतत्वों के खिलाफ थाने में तहरीर दी है।
मवई थाना क्षेत्र के कोटवा गांव में करीब 50 मवेशियों को ग्रामीणों ने खदेड़ शुक्रवार की रात प्राथमिक विद्यालय में बंद कर दिया। सुबह इसकी सूचना बीइओ अरुण कुमार वर्मा और एनपीआरसी डॉ. अनवर हुसैन खां को हुई तो उन्होंने बीडीओ मवई और एसडीएम रुदौली को जानकारी दी। उसके बाद ग्राम पंचायत अधिकारी व ग्राम प्रधान मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी।
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मौके पर पीआरवी-925 प्रभारी राजबहादुर गांव पहुंचे और स्कूल की चाभी ग्रामीणों से लेकर ताला खोल दिया, जिसके बाद सभी पशु बाहर निकल गए। इससे उत्तेजित किसानों ने पुलिस को घेर लिया। इसी बीच ग्राम प्रधान इरफान व स्कूल के प्रधानाध्यापक शशि कुमार यादव ने ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की। बाद में पुलिस ने शिकायत एसडीएम को देने की बात कही, तब ग्रामीण शांत हुए।
ग्राम पंचायत अधिकारी करुणाशंकर का कहना था कि इन लोगों ने अपने घर के ही पचास प्रतिशत जानवरों को स्कूल में जबरन बंद करा दिया था। स्कूल के प्रधानाध्यापक शशि कुमार यादव ने बताया कि अराजकतत्वों के खिलाफ थाने में तहरीर दी गई है।
वहीं, इस संदर्भ में एसडीएम रुदौली टीपी वर्मा का कहना है कि तहसील क्षेत्र में धारा 144 लागू है। ऐसी स्थिति में स्कूलों या किसी भी सरकारी भवन में निराश्रित मवेशियों को कैद करना जुर्म है। ऐसा कृत्य करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई के लिए थानाध्यक्ष को निर्देशित किया गया है।
ग्रामीणों ने भी दिया शिकायती पत्र
खेतों में खड़ी फसल को चट कर रहे आवारा पशुओं से परेशान कोटवा गांव के ग्रामीण मनीष शुक्ला, शशिकांत, धर्मानंद, रामकरन, सतगुर, बहादुर, छोटी, भोलांशु ने एसडीएम को पत्र लिखकर आवारा पशुओं से निजात दिलाने की मांग की है। ग्रामीणों ने पीआरवी के दरोगा पर अभद्रता का आरोप लगाते हुए उस पर कार्रवाई की बात कही।
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जिसके बाद पहुंचे पीआरवी के दारोगा योगेंद्र बहादुर सिंह ने ग्रामीणों से चाभी लेकर गेट खोलकर मवेशियों को निकाल दिया। इससे आक्रोशित ग्रामीणों ने पुलिसकर्मियों को घेर लिया। दरोगा पर गाली गलौज का आरोप लगाते हुए नोकझोंक भी की। बाद में पुलिस ने प्रार्थना पत्र लिखकर देने की बात कही तो ग्रामीण शांत हुए। स्कूल के प्रधानाध्यापक ने अराजकतत्वों के खिलाफ थाने में तहरीर दी है।
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मवई थाना क्षेत्र के कोटवा गांव में करीब 50 मवेशियों को ग्रामीणों ने खदेड़ शुक्रवार की रात प्राथमिक विद्यालय में बंद कर दिया। सुबह इसकी सूचना बीइओ अरुण कुमार वर्मा और एनपीआरसी डॉ. अनवर हुसैन खां को हुई तो उन्होंने बीडीओ मवई और एसडीएम रुदौली को जानकारी दी। उसके बाद ग्राम पंचायत अधिकारी व ग्राम प्रधान मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी।
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मौके पर पीआरवी-925 प्रभारी राजबहादुर गांव पहुंचे और स्कूल की चाभी ग्रामीणों से लेकर ताला खोल दिया, जिसके बाद सभी पशु बाहर निकल गए। इससे उत्तेजित किसानों ने पुलिस को घेर लिया। इसी बीच ग्राम प्रधान इरफान व स्कूल के प्रधानाध्यापक शशि कुमार यादव ने ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की। बाद में पुलिस ने शिकायत एसडीएम को देने की बात कही, तब ग्रामीण शांत हुए।
ग्राम पंचायत अधिकारी करुणाशंकर का कहना था कि इन लोगों ने अपने घर के ही पचास प्रतिशत जानवरों को स्कूल में जबरन बंद करा दिया था। स्कूल के प्रधानाध्यापक शशि कुमार यादव ने बताया कि अराजकतत्वों के खिलाफ थाने में तहरीर दी गई है।
वहीं, इस संदर्भ में एसडीएम रुदौली टीपी वर्मा का कहना है कि तहसील क्षेत्र में धारा 144 लागू है। ऐसी स्थिति में स्कूलों या किसी भी सरकारी भवन में निराश्रित मवेशियों को कैद करना जुर्म है। ऐसा कृत्य करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई के लिए थानाध्यक्ष को निर्देशित किया गया है।
ग्रामीणों ने भी दिया शिकायती पत्र
खेतों में खड़ी फसल को चट कर रहे आवारा पशुओं से परेशान कोटवा गांव के ग्रामीण मनीष शुक्ला, शशिकांत, धर्मानंद, रामकरन, सतगुर, बहादुर, छोटी, भोलांशु ने एसडीएम को पत्र लिखकर आवारा पशुओं से निजात दिलाने की मांग की है। ग्रामीणों ने पीआरवी के दरोगा पर अभद्रता का आरोप लगाते हुए उस पर कार्रवाई की बात कही।