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अधिगृहित परिसर के रेड जोन में घुसे दो संदिग्ध, हड़कंप
Updated Thu, 03 Aug 2017 11:47 PM IST
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दोनों स्कूटर सवार को डी-1 बैरियर पर सुरक्षा बलों ने घेरकर पकड़ा
अयोध्या। अतिसंवेदनशील क्षेत्र अधिगृहीत परिसर (रेड जोन) में गुरुवार को स्कूटर सवार दो संदिग्ध युवक घुस गए। सुरक्षा बलों ने युवकों की तलाशी ली तो उनके पास से पुलिस वर्दी के कपड़े मिले। दोनों की पहचान मो. खालिद व मो. फाजिल निवासी जिला मुजफ्फरनगर के रूप में हुई है। दोनों पांच दिन से फैजाबाद में मुसाफिरखाना में रहकर कपड़े बेचने का काम कर रहे हैं।
गुरुवार सुबह करीब 11 बजे स्कूटर पर सवार दो युवक अमावा मंदिर के निकट विवादित परिसर के मुख्य गेट बैरियर डी-1 पर पहुंचे। गतिविधियां संदिग्ध लगने पर सुरक्षाकर्मियों ने तलाशी के बाद उन्हें हिरासत में ले लिया। थाना रामजन्म भूमि में आईबी व खुफिया पुलिस के अधिकारियों ने उनसे पूछताछ की। इसमें दोनों युवकों ने अपना नाम मो. खालिद और मो. फाजिल निवासी साउथ खालापार, जिला मुजफ्फरनगर बताया। उन्होंने बताया कि उसके चार साथी और हैं जो एक ही गांव के रहने वाले हैं। वे विगत 5 दिन से फैजाबाद के चौक स्थित मुसाफिरखाना में रह रहे हैं तथा अलग-अलग क्षेत्रों में पुलिस की वर्दी बेचने का काम कर रहे हैं। दोनों युवकों के पास से कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली और देर शाम तस्दीक में उनका पता भी सही पाया गया। रामजन्म भूमि थाने के प्रभारी सुनील मिश्र ने बताया कि फिलहाल दोनों युवकों से पूछताछ जारी है।
आखिर स्कूटर के साथ कैसे पहुंच गए ?
दोनों संदिग्ध जहां से पकड़े गए वहीं से लोग रामजन्म भूमि दर्शन करने के लिए प्रवेश करते हैं। प्रश्न ये उठता है कि इतनी चाक चौबंद सुरक्षा ऊपर से सावन मेला के होते हुए भी दोनों युवक स्कूटर समेत यहां कैसे पहुंच गए। यह वह एरिया है जहां सामान्य दिनों में भी स्थानीय लोगों को छोड़ कोई भी वाहन के साथ नहीं पहुंच सकता। यही नहीं यहां तक पहुंचने के लिए चप्पे-चप्पे पर तैनात पुलिसकर्मियों की निगाहों के सामने से गुजरना पड़ता है।
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खुफिया तंत्र भी हुआ फेल
सामान्य दिनों के साथ विशेषकर मेले के दौरान जिले की पुलिस व खुफिया विभाग के कर्मी शहर में बाहर से आकर रहने वालों का ब्योरा रखती है। ऐसे छह बाहरी युवक मुसाफिरखाने में रह रहे थे, इसकी जानकारी पुलिस को नहीं थी। ये खुफिया विभाग की नाकामी को दर्शाता है।
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अयोध्या। अतिसंवेदनशील क्षेत्र अधिगृहीत परिसर (रेड जोन) में गुरुवार को स्कूटर सवार दो संदिग्ध युवक घुस गए। सुरक्षा बलों ने युवकों की तलाशी ली तो उनके पास से पुलिस वर्दी के कपड़े मिले। दोनों की पहचान मो. खालिद व मो. फाजिल निवासी जिला मुजफ्फरनगर के रूप में हुई है। दोनों पांच दिन से फैजाबाद में मुसाफिरखाना में रहकर कपड़े बेचने का काम कर रहे हैं।
गुरुवार सुबह करीब 11 बजे स्कूटर पर सवार दो युवक अमावा मंदिर के निकट विवादित परिसर के मुख्य गेट बैरियर डी-1 पर पहुंचे। गतिविधियां संदिग्ध लगने पर सुरक्षाकर्मियों ने तलाशी के बाद उन्हें हिरासत में ले लिया। थाना रामजन्म भूमि में आईबी व खुफिया पुलिस के अधिकारियों ने उनसे पूछताछ की। इसमें दोनों युवकों ने अपना नाम मो. खालिद और मो. फाजिल निवासी साउथ खालापार, जिला मुजफ्फरनगर बताया। उन्होंने बताया कि उसके चार साथी और हैं जो एक ही गांव के रहने वाले हैं। वे विगत 5 दिन से फैजाबाद के चौक स्थित मुसाफिरखाना में रह रहे हैं तथा अलग-अलग क्षेत्रों में पुलिस की वर्दी बेचने का काम कर रहे हैं। दोनों युवकों के पास से कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली और देर शाम तस्दीक में उनका पता भी सही पाया गया। रामजन्म भूमि थाने के प्रभारी सुनील मिश्र ने बताया कि फिलहाल दोनों युवकों से पूछताछ जारी है।
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आखिर स्कूटर के साथ कैसे पहुंच गए ?
दोनों संदिग्ध जहां से पकड़े गए वहीं से लोग रामजन्म भूमि दर्शन करने के लिए प्रवेश करते हैं। प्रश्न ये उठता है कि इतनी चाक चौबंद सुरक्षा ऊपर से सावन मेला के होते हुए भी दोनों युवक स्कूटर समेत यहां कैसे पहुंच गए। यह वह एरिया है जहां सामान्य दिनों में भी स्थानीय लोगों को छोड़ कोई भी वाहन के साथ नहीं पहुंच सकता। यही नहीं यहां तक पहुंचने के लिए चप्पे-चप्पे पर तैनात पुलिसकर्मियों की निगाहों के सामने से गुजरना पड़ता है।
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खुफिया तंत्र भी हुआ फेल
सामान्य दिनों के साथ विशेषकर मेले के दौरान जिले की पुलिस व खुफिया विभाग के कर्मी शहर में बाहर से आकर रहने वालों का ब्योरा रखती है। ऐसे छह बाहरी युवक मुसाफिरखाने में रह रहे थे, इसकी जानकारी पुलिस को नहीं थी। ये खुफिया विभाग की नाकामी को दर्शाता है।