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राममंदिर को लेकर अनशन पर बैठे महंत का घटा 15 किलो वजन

Sat, 06 Oct 2018 01:06 AM IST
Updated Sat, 06 Oct 2018 01:06 AM IST
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राममंदिर को लेकर अनशन पर बैठे महंत का घटा 15 किलो वजन
अयोध्या (फैजाबाद)। राम मंदिर निर्माण की मांग को लेकर एक अक्तूबर से तपस्वी छावनी मंदिर में अनशन पर बैठे महंत परमहंस का हठयोग हर वर्ग का भरपूर समर्थन मिलने के साथ और मजबूत होता जा रहा है। हालांकि शुक्रवार को उनका स्वास्थ्य तेजी से गिर गया। डॉक्टरों की टीम ने रिपोर्ट दी है कि अब तक परमहंस का 15 किलो वजन कम हो चुका है।
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उधर, बड़ी संख्या में किन्नरों ने भी अनशन स्थल पर पहुंचकर महंत परमहंस को समर्थन दिया। वहीं, परमहंस को मनाने को प्रशासन भी सक्रिय हो गया है। सीओ अयोध्या राजीव कुमार साव, आरएम अयोध्या अशोक कुमार ने उन्हें मनाने का प्रयास किया, लेकिन परमहंस अपनी मांगों पर अडिग रहे। इसके पहले सांसद, विधायक, विहिप से लेकर महापौर तक परमहंस को मनाने का असफल प्रयास कर चुके हैं।
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राम मंदिर निर्माण के लिए अनशन पर बैठे परमहंस किसी भी सूरत में अनशन खत्म करने को तैयार नहीं हैं। पांचवें दिन आमरण अनशन पर बैठे तपस्वी छावनी के महंत परमहंस दास को किन्नरों ने भी आकर समर्थन दिया। इसी के साथ साधु-संतों का आक्रोश और एकजुटता बढ़ रही है।
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शुक्रवार को किन्नर गुलशन बिंदु के नेतृत्व में तमाम किन्नरों ने तपस्वी छावनी पहुंचकर महंत परमहंस दास की आरती कर पूजन किया और जय श्रीराम का नारा लगाया। साथ ही भजन भी गाए। गुलशन बिंदु ने पीएम मोदी और सीएम योगी को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि अनशन कर रहे महंत को कुछ होता है तो किन्नर समाज की बद दुआएं सरकार को झेलनी पड़ेंगी।

माली समाज, पंडा समाज व भारतीय किसान यूनियन ने भी अनशन स्थल पर जाकर महंत परमहंस के साथ राम मंदिर निर्माण की हुंकार भरी। वहीं, अयोध्या आ रहे श्रद्धालु भी महंत परमहंस के दर्शन करने पहुंच रहे हैं। अलीगढ़ से आए लवनीश वार्ष्णेय ने बताया कि उन्होंने टीवी चैनलों पर महंत के अनशन की खबर देखी तो वह स्वयं को अयोध्या आने से नहीं रोक पाएं। बोले कि राम मंदिर के लिए महंत का योगदान अविस्मरणीय रहेगा। वहीं, प्रतापगढ़ के जितेंद्र कुमार, बस्ती से आनंद श्रीवास्तव, सुल्तानपुर से जितिन सिंह के साथ भी आए लोगों ने परमहंस को प्रणाम किया।

2019 तक मंदिर नहीं बना तो शून्य हो जाएगी भाजपा : परमहंस
महंत परमहंस दास अपने हठ योग पर अड़े हैं। उन्होंने कहा कि वे राम मंदिर मामले पर राजनीति नहीं चाहते। हम तो राम मंदिर चाहते हैं। कहा कि हम संतों ने मोदी को चुनाव जिताया, उम्मीद थी कि मोदी राम मंदिर का मार्ग प्रशस्त करेेंगे, लेकिन चार साल बाद हमें निराशा हाथ लगी। अब चुनाव की तिथि भी नजदीक आ गई, ऐसे में हमने भाजपा को चेताने के लिए यह अनशन शुरू किया है। जब तक मोदी अयोध्या आकर राम मंदिर निर्माण को लेकर आश्वस्त नहीं करते हैं, वह अनशन नहीं तोड़ेंगे। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार की विदेशी नीति अच्छी है, विकास कार्य हो रहे हैं, लेकिन सभी विकास कार्यों से बढ़कर राम मंदिर है। यदि 2019 तक राममंदिर नहीं बना तो भाजपा शून्य हो जाएगी। कहा कि आज मुस्लिम भी राम मंदिर चाहते हैं, कुछ कट्टर मुस्लिमों को छोड़कर मुसलमान राम मंदिर के पक्ष में हैं, यह राम मंदिर निर्माण का अनुकूल समय है।


व्यापारियों ने भी महंत को दिया समर्थन
अयोध्या का व्यापारी समाज भी परमहंस के समर्थन में उतर आया है। शुक्रवार को तमाम यापारियों ने अनशन स्थल पर पहुंचकर महंत परमहंस को समर्थन दिया। व्यापार मंडल के अध्यक्ष बृजकिशोर गुप्ता, अचल कुमार गुप्ता, मनप्रीत सिंह, रंजीत गुप्ता, विकास गुप्ता, शैंकी सिंह, बालकृष्ण वैश्य, अनुराग गुप्ता, संतोष कुमार गुप्ता, अंकुर सोनी, राधेश्याम गुप्ता आदि व्यापारियों ने राम मंदिर के लिए आवाज बुलंद करते हुए जय श्रीराम के नारे लगाए। व्यापारियों ने कहा कि अब राम मंदिर नहीं बना तो कब बनेगा, भाजपा का अब कोई बहाना नहीं चलेगा। व्यापारी मनप्रीत सिंह ने सभी युवाओं से अपील किया कि प्रतिदिन एक पत्र पीएमओ कार्यालय केे महंत जी के समर्थन में भेजें। कहा कि सोशल मीडिया के जरिए भी महंत परमहंस के समर्थन का अभियान छेड़ा जाएगा।
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