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श्रीनगर में तैनात सीआरपीएफ के एएसआई की हार्ट अटैक से मौत
Updated Sat, 29 Sep 2018 11:49 PM IST
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हैदरगंज (फैजाबाद)। श्रीनगर के जाकुरा में सीआरपीएफ की 115वीं बटालियन में तैनात एएसआई अमरनाथ पांडेय (47) की ड्यूटी के दौरान हार्ट अटैक से मौत हो गई। अमरनाथ पांडेय फैजाबाद जिले की ग्राम सभा पाराराम के मजरा मर्दन पांडेय का पुरवा के निवासी स्व. राम प्रताप पांडेय के दूसरे नंबर के पुत्र थे।
अमरनाथ 1991 में सीआरपीएफ में भर्ती हुए थे। उनका विवाह 25 वर्ष पूर्व किरण पांडेय के साथ हुआ था। उनके कर्मवीर पांडेय (18) व कर्मराज (16) दो पुत्र हैं। उनका शव शनिवार देर रात गांव पहुंचने की संभावना है। एएसआई की मौत से परिवारीजनों में कोहराम मच गया है।
एएसआई अमरनाथ पांडेय के बेटे कर्मवीर ने बताया कि उन्हें शुक्रवार की रात फोन पर जानकारी दी गई कि उनके पिता की हार्ट अटैक से मौत हो गई है। उनका शव प्लेन से शनिवार को लखनऊ के लिए रवाना किया गया। देर रात तक शव गांव पहुंचने की संभावना है। वहीं, उनकी मौत की खबर मिलते ही परिवारीजनों में कोहराम मच गया है।
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उनके घर पर ग्रामीणों व शुभचिंतकों की भीड़ जुट गई है। इस दौरान सभी की आंखों में आंसू थे और वह दुखी परिवारीजनों को सांत्वना दे रहे थे। अमरनाथ के बड़े भाई रामफेर पांडेय होमगार्ड हैं, जबकि तीसरे भाई चित्रागंन पांडेय और चौथे भाई जगदंबा पांडेय घर पर रहकर खेती का कार्य करते हैं।
गांव के प्रधान वृंदावन प्रजापति ने बताया कि अमरनाथ मृदुभाषी थे। गांव आने पर वह सभी से मिलकर उनका हालचाल लेते थे। गांव निवासी रामकुमार पांडेय, कमला प्रसाद पांडेय, राम सूरत व लालमणि आदि ने शोक जताते हुए कहा कि विश्वास ही नहीं हो रहा है कि उनकी मौत हो गई है। कहा कि वे गांव की शान थे, उनकी क्षति अपूर्णनीय है।
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अमरनाथ 1991 में सीआरपीएफ में भर्ती हुए थे। उनका विवाह 25 वर्ष पूर्व किरण पांडेय के साथ हुआ था। उनके कर्मवीर पांडेय (18) व कर्मराज (16) दो पुत्र हैं। उनका शव शनिवार देर रात गांव पहुंचने की संभावना है। एएसआई की मौत से परिवारीजनों में कोहराम मच गया है।
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एएसआई अमरनाथ पांडेय के बेटे कर्मवीर ने बताया कि उन्हें शुक्रवार की रात फोन पर जानकारी दी गई कि उनके पिता की हार्ट अटैक से मौत हो गई है। उनका शव प्लेन से शनिवार को लखनऊ के लिए रवाना किया गया। देर रात तक शव गांव पहुंचने की संभावना है। वहीं, उनकी मौत की खबर मिलते ही परिवारीजनों में कोहराम मच गया है।
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उनके घर पर ग्रामीणों व शुभचिंतकों की भीड़ जुट गई है। इस दौरान सभी की आंखों में आंसू थे और वह दुखी परिवारीजनों को सांत्वना दे रहे थे। अमरनाथ के बड़े भाई रामफेर पांडेय होमगार्ड हैं, जबकि तीसरे भाई चित्रागंन पांडेय और चौथे भाई जगदंबा पांडेय घर पर रहकर खेती का कार्य करते हैं।
गांव के प्रधान वृंदावन प्रजापति ने बताया कि अमरनाथ मृदुभाषी थे। गांव आने पर वह सभी से मिलकर उनका हालचाल लेते थे। गांव निवासी रामकुमार पांडेय, कमला प्रसाद पांडेय, राम सूरत व लालमणि आदि ने शोक जताते हुए कहा कि विश्वास ही नहीं हो रहा है कि उनकी मौत हो गई है। कहा कि वे गांव की शान थे, उनकी क्षति अपूर्णनीय है।