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‘भव्य राम मंदिर निर्माण से ही देश का विकास’
अमर उजाला ब्यूरो/फैजाबाद
Updated Sun, 30 Apr 2017 12:03 AM IST
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मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के संयोजन में तुलसी स्मारक भवन में आयोजित ‘हक के साथ आओ-अयोध्या विवाद सुलझाओ’ सम्मेलन में विभिन्न मुस्लिम संगठनों के लोग जुटे।
हनुमानगढ़ी मंदिर से रामलला की चौखट तक मुस्लिमों ने राम हमारे नबी हैं, कुरान वाले आएंगे मंदिर यहीं बनाएंगे का नारा बुलंद किया तो सम्मेलन में कहा कि राम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर निर्माण से ही देश का विकास संभव है।
सम्मेलन से पूर्व मुस्लिमों ने हनुमानगढ़ी मंदिर में पहुंच दर्शन किया, परिक्रमा के बाद पुजारी राजूदास से चंदन लगवाया और प्रसाद ग्रहण किया। मंदिर में राम हमारे नबी हैं, कुरान वाले आएंगे मंदिर यहीं बनाएंगे।
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ईमान वाले आएंगे राम मंदिर बनाएंगे के नारे लगाते राम जन्मभूमि की ओर बढे़। शाम लगभग पौने पांच बजे पहुंचने के बावजूद कार्यक्रम न होने की बात कहते हुए दर्शन नहीं किया।
अमावां मंदिर बैरियर पर प्रशासनिक अफसरों को रामलला को पुष्प अर्पित कर सौंपा। यहां से वापस सम्मेलन स्थल पहुंचे। यहां मुस्लिमों ने कहा कि आज रामलला जहां विराजमान हैं।
हीं उनका जन्मस्थान है, जिसको हाईकोर्ट के तीनों जजों ने स्वीकारा है। मस्जिद खुदा की इबादतगाह होती है किसी व्यक्ति का घर नहीं। हिंदू मुस्लिम भाईचारे को कौमी एकता व धर्म के दलाल तोड़ने का प्रयास कर रहे हैं।
कोर्ट ने भी आपसी सुलह की बात कही है। राम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर निर्माण से ही देश का विकास है। इसके पूर्व लोगों ने मणिपर्वत कब्रिस्तान स्थित बाबरी मस्जिद के मुद्दई मरहूम मो. हाशिम अंसारी की कब्र पर श्रद्धासुमन अर्पित किया।
सम्मेलन में आल इंडिया शिया मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष खुर्शीद आगा, आल इंडिया सुन्नी सीरत काउंसिल के ख्वाजा रूमी, शिया मंच के मेंहदी आगा जाफरी, राज मिर्जा, सैय्यद हसन कैसर, हिंद ताजिएदार सेवक संघ के हरीश चंद भानू, मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के महीर रजध्वज, मंच के इस्लाम अब्बास, राजा रईस खान, बब्लू खान मौजूद रहे।
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हनुमानगढ़ी मंदिर से रामलला की चौखट तक मुस्लिमों ने राम हमारे नबी हैं, कुरान वाले आएंगे मंदिर यहीं बनाएंगे का नारा बुलंद किया तो सम्मेलन में कहा कि राम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर निर्माण से ही देश का विकास संभव है।
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सम्मेलन से पूर्व मुस्लिमों ने हनुमानगढ़ी मंदिर में पहुंच दर्शन किया, परिक्रमा के बाद पुजारी राजूदास से चंदन लगवाया और प्रसाद ग्रहण किया। मंदिर में राम हमारे नबी हैं, कुरान वाले आएंगे मंदिर यहीं बनाएंगे।
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ईमान वाले आएंगे राम मंदिर बनाएंगे के नारे लगाते राम जन्मभूमि की ओर बढे़। शाम लगभग पौने पांच बजे पहुंचने के बावजूद कार्यक्रम न होने की बात कहते हुए दर्शन नहीं किया।
अमावां मंदिर बैरियर पर प्रशासनिक अफसरों को रामलला को पुष्प अर्पित कर सौंपा। यहां से वापस सम्मेलन स्थल पहुंचे। यहां मुस्लिमों ने कहा कि आज रामलला जहां विराजमान हैं।
हीं उनका जन्मस्थान है, जिसको हाईकोर्ट के तीनों जजों ने स्वीकारा है। मस्जिद खुदा की इबादतगाह होती है किसी व्यक्ति का घर नहीं। हिंदू मुस्लिम भाईचारे को कौमी एकता व धर्म के दलाल तोड़ने का प्रयास कर रहे हैं।
कोर्ट ने भी आपसी सुलह की बात कही है। राम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर निर्माण से ही देश का विकास है। इसके पूर्व लोगों ने मणिपर्वत कब्रिस्तान स्थित बाबरी मस्जिद के मुद्दई मरहूम मो. हाशिम अंसारी की कब्र पर श्रद्धासुमन अर्पित किया।
सम्मेलन में आल इंडिया शिया मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष खुर्शीद आगा, आल इंडिया सुन्नी सीरत काउंसिल के ख्वाजा रूमी, शिया मंच के मेंहदी आगा जाफरी, राज मिर्जा, सैय्यद हसन कैसर, हिंद ताजिएदार सेवक संघ के हरीश चंद भानू, मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के महीर रजध्वज, मंच के इस्लाम अब्बास, राजा रईस खान, बब्लू खान मौजूद रहे।