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182 करोड़ की लागत से पक्के बनाए जाएंगे बड़े नाले
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अयोध्या। शहर में जलभराव न हो और जल निकासी की व्यवस्था बेहतर हो, इसके लिए 182 करोड़ रुपये की लागत से शहर के नालों का निर्माण कराया जाएगा। नगर निगम ने एक मीटर से ज्यादा चौड़े छोटे 36 नालों की सफाई का काम शुरू करा दिया है।
उम्मीद है कि प्राधिकरण से बड़े नालों पर भी काम शीघ्र कराया जाएगा। बीते साल बारिश में शहर में भीषण समस्या उत्पन्न हुई थी। पानी जमा होने से जर्जर मकान ढह गए थे।
देवकाली से सटे क्षेत्र, गद्दोपुर के पास मंझवा सहित शहर के भीतर और शहर से सटे कई इलाके की कॉलोनियों में कमर भर तक पानी भर गया था। व्यवस्था इतनी चरमरा गई थी कि प्रशासन के स्तर पर पूरी तरह मदद नहीं पहुंच पाई।
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पखवारे भर से ज्यादा समय तक असक्त लोग अपने घरों में कैद होकर रह गए थे। लोगों को जूता-चप्पल निकाल पानी में घुसकर जरूरी काम के लिए आना-जाना पड़ रहा था।
शहर के भीतर भी हालात अच्छे नहीं थे। बारिश और उससे उपजी समस्या का मंजर याद कर लोग आज भी सिहर जाते हैं। पिछले दिनों भ्रमण के दौरान महापौर से लोगों बारिश के दौरान होने वाली दिक्कतों की चर्चा की तो उन्होंने इसको लेकर कार्रवाई का निर्देश दिया।
जल निकासी के लिए शहर के बड़ों नालों के निर्माण के लिए सर्वे के साथ डीपीआर नगर निगम ने तैयार किया है। निर्माण प्राधिकरण कराएगा। डीपीआर प्राधिकरण को भेज दिया गया गया। नालों के निर्माण पर कुल 182 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
शहर की पाश कॉलोनी कौशलपुरी में भी पिछले साल बारिश से भीषण समस्या उत्पन्न हुई थी। इस बार ऐसी समस्या न उत्पन्न हो, इसके लिए प्राधिकरण ने कौशलपुरी से रेलवे लाइन के पास से होकर जाने वाले नाले की सफाई कराने की तैयारी में है।
यह सहादतगंज के बगल से सरयू में मिलता है। एडीए के अधिशासी अभियंता एके राय ने बताया कि इस नाले की सफाई जल्द कराई जाएगी। जिससे बारिश में जल भराव कीसमस्या न उत्पन्न हो।
शहर के एक मीटर से कम चौड़ाई के नालों की सफाई शुरू करा दी गई है। एक मीटर से ज्यादा चौड़ाई के एक दर्जन से ज्यादा चौड़ाई के नालों के निर्माण के लिए सर्वे के बाद नगर निगम ने डीपीआर तैयार कराया गया। इसे एडीए को सौंप दिया गया है। इन नालों का निर्माण एडीए कराएगा। प्रयास है कि यह काम भी जल्द शुरू हो और इस बारिश में शहर के लोगों को जलभराव की समस्या से निजात मिल जाए।- ऋषिकेश उपाध्याय, महापौर
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उम्मीद है कि प्राधिकरण से बड़े नालों पर भी काम शीघ्र कराया जाएगा। बीते साल बारिश में शहर में भीषण समस्या उत्पन्न हुई थी। पानी जमा होने से जर्जर मकान ढह गए थे।
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देवकाली से सटे क्षेत्र, गद्दोपुर के पास मंझवा सहित शहर के भीतर और शहर से सटे कई इलाके की कॉलोनियों में कमर भर तक पानी भर गया था। व्यवस्था इतनी चरमरा गई थी कि प्रशासन के स्तर पर पूरी तरह मदद नहीं पहुंच पाई।
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पखवारे भर से ज्यादा समय तक असक्त लोग अपने घरों में कैद होकर रह गए थे। लोगों को जूता-चप्पल निकाल पानी में घुसकर जरूरी काम के लिए आना-जाना पड़ रहा था।
शहर के भीतर भी हालात अच्छे नहीं थे। बारिश और उससे उपजी समस्या का मंजर याद कर लोग आज भी सिहर जाते हैं। पिछले दिनों भ्रमण के दौरान महापौर से लोगों बारिश के दौरान होने वाली दिक्कतों की चर्चा की तो उन्होंने इसको लेकर कार्रवाई का निर्देश दिया।
जल निकासी के लिए शहर के बड़ों नालों के निर्माण के लिए सर्वे के साथ डीपीआर नगर निगम ने तैयार किया है। निर्माण प्राधिकरण कराएगा। डीपीआर प्राधिकरण को भेज दिया गया गया। नालों के निर्माण पर कुल 182 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
शहर की पाश कॉलोनी कौशलपुरी में भी पिछले साल बारिश से भीषण समस्या उत्पन्न हुई थी। इस बार ऐसी समस्या न उत्पन्न हो, इसके लिए प्राधिकरण ने कौशलपुरी से रेलवे लाइन के पास से होकर जाने वाले नाले की सफाई कराने की तैयारी में है।
यह सहादतगंज के बगल से सरयू में मिलता है। एडीए के अधिशासी अभियंता एके राय ने बताया कि इस नाले की सफाई जल्द कराई जाएगी। जिससे बारिश में जल भराव कीसमस्या न उत्पन्न हो।
शहर के एक मीटर से कम चौड़ाई के नालों की सफाई शुरू करा दी गई है। एक मीटर से ज्यादा चौड़ाई के एक दर्जन से ज्यादा चौड़ाई के नालों के निर्माण के लिए सर्वे के बाद नगर निगम ने डीपीआर तैयार कराया गया। इसे एडीए को सौंप दिया गया है। इन नालों का निर्माण एडीए कराएगा। प्रयास है कि यह काम भी जल्द शुरू हो और इस बारिश में शहर के लोगों को जलभराव की समस्या से निजात मिल जाए।- ऋषिकेश उपाध्याय, महापौर