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विश्वस्तरीय कंसलटेंट कंपनी खींचेगी रामनगरी के विकास का खाका
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अयोध्या। रामनगरी के 500 वर्षों के विकास का खाका खींचने की तैयारी शुरू हो गई है। इसके लिए अयोध्या विकास प्राधिकरण एक विश्वस्तरीय कंसलटेंट कंपनी से अनुबंध करेगी। इसकी अनुमति शासन से मिलते ही अयोध्या विकास प्राधिकरण कंसलटेंट कंपनी के चयन प्रक्रिया की तैयारी में जुट गया है। मौजूदा समय में एक निजी कंपनी के सहयोग से डीपीआर तैयार कराकर ई-टेंडरिंग की व्यवस्था की जा रही है। उम्मीद है कि जल्द ही प्राधिकरण को कंसलटेंट कंपनी मिल जाएगी। इस पर आने वाला व्यय उत्तर प्रदेश सरकार उठाएगी।
अयोध्या विकास प्राधिकरण ने पिछले बोर्ड बैठक में अयोध्या के विकास के लिए एक विश्वस्तरीय कंसलटेंट टीम नियुक्त किए जाने का प्रस्ताव रखा था। इस प्रस्ताव में अयोध्या के अंदरूनी आवरण के लिए विकास संबंधी योजनाओं का खाका खींचने की बात कही गई थी। प्राधिकरण का प्रस्ताव था कि रामनगरी को पर्यटन व धार्मिक नगरी के रूप में विकसित करने व लंबी अवधि तक विकास के पैमाने को स्थिर रखने के लिए एक विश्वस्तरीय प्लान बनना चाहिए जो कम से कम 500 वर्षों तक कार्य करे। प्राधिकरण बोर्ड की बैठक में इस प्रस्ताव को पास कर शासन को भेजा गया था। अब इस प्रस्ताव को शासन स्तर पर मंजूरी मिल गई है।
अयोध्या विकास प्राधिकरण अब विश्वस्तरीय कंसलटेंट टीम का चयन कर सकता है। इस प्रस्ताव की मंजूरी के बाद विकास प्राधिकरण ने अपने विश्वस्तरीय कंसलटेंट टीम के चयन की तैयारी शुरू कर दी है। प्राधिकरण ने एक निजेी कंपनी को पूरे अयोध्या शहर के विकास की कार्य योजना व डीपीआर तैयार करने का जिम्मा दिया है। इसके उपरांत पूरी कार्य की ई-टेंडरिंग की जाएगी। इसमें विश्वस्तरीय कंपनी का चयन किया जाएगा।
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नए विकास प्राधिकरण के क्षेत्रफल के आधार पर बनेगा प्लान
अयोध्या विकास प्राधिकरण अपने क्षेत्र को बढ़ाने के लिए शासन में प्रस्ताव भेजा है। यह योजना मास्टर प्लान 2031 के तहत शासन मेें लंबित है। पूरे क्षेत्रफल का मास्टर प्लान बन जाने के बाद इसको शासन स्तर पर मंजूरी मिल सकती है। मास्टर प्लान के बन जाने के बाद अयोध्या विकास प्राधिकरण की ओर से चयनित विश्वस्तरीय कंपनी अयोध्या के विकास क्षेत्र के अंदरूनी आवरण का खाका तैयार करेगी। इसमें सड़कों की लंबाई व चौड़ाई, घाटों का विकास, पार्क, धार्मिक स्थल समेत समस्त विकास कार्य की कार्ययोजना तैयार करेगी। इस प्लान के तैयार होने के बाद अयोध्या को विश्वस्तरीय धार्मिक नगरी के रूप में डेवलप किया जा सकेगा।
सचिव स्तर के लोग रखेंगे निगरानी
अयोध्या को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने के लिए चयनित विश्वस्तरीय कंपनी के विकास संबंधी प्रस्तावों पर को अमली जामा पहनाने के लिए निगरानी समिति भी शासन स्तर पर गठित की गई है। इसकी निगरानी मुख्य सचिव की देखरेख समस्त 14 विकास संबंधी विभागों के प्रमुख सचिव करेंगे। निगरानी समिति का यह भी कार्य होगा कि समस्त विकास कार्यों एवं विभागों में समन्यवय स्थापित करे। इसके साथ ही कार्यों के मूल्यांकन व गुणवत्ता के लिए विकास संबंधी सरकारी संस्थाओं को जिम्मा सौंपा गया है। इसके अलावा समस्त कार्यों को पूरा कराने का जिम्मा अयोध्या विकास प्राधिकरण के पास होगा।
अयोध्या विकास प्राधिकरण की ओर से रामनगरी को विश्वस्तरीय सुविधाओं वाला शहर बनाने के लिए एक प्रस्ताव बोर्ड की बैठक में पास कराकर शासन को भेजा गया था। इस प्रस्ताव को शासन ने मंजूरी दे दी है। प्रस्ताव के अनुसार एक रामनगरी के विकास के लिए एक विश्वस्तरीय कंसलटेंट टीम का चयन किया जाएगा। इसकी प्रक्रिया शुरू हो गई है। साथ ही समस्त अयोध्या के अंदर होने वाले समस्त विकास कार्यों की देखरेख, गुणवत्ता व मूल्यांकन के लिए आला अफसरों की टीम बनाई गई है। उम्मीद है कि इस कार्य से अयोध्या का सुनियोजित व आपेक्षित विकास होगा, जिससे अयोध्या में पर्यटकों को विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलेंगी।
विशाल सिंह, वीसी अयोध्या विकास प्राधिकरण
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अयोध्या विकास प्राधिकरण ने पिछले बोर्ड बैठक में अयोध्या के विकास के लिए एक विश्वस्तरीय कंसलटेंट टीम नियुक्त किए जाने का प्रस्ताव रखा था। इस प्रस्ताव में अयोध्या के अंदरूनी आवरण के लिए विकास संबंधी योजनाओं का खाका खींचने की बात कही गई थी। प्राधिकरण का प्रस्ताव था कि रामनगरी को पर्यटन व धार्मिक नगरी के रूप में विकसित करने व लंबी अवधि तक विकास के पैमाने को स्थिर रखने के लिए एक विश्वस्तरीय प्लान बनना चाहिए जो कम से कम 500 वर्षों तक कार्य करे। प्राधिकरण बोर्ड की बैठक में इस प्रस्ताव को पास कर शासन को भेजा गया था। अब इस प्रस्ताव को शासन स्तर पर मंजूरी मिल गई है।
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अयोध्या विकास प्राधिकरण अब विश्वस्तरीय कंसलटेंट टीम का चयन कर सकता है। इस प्रस्ताव की मंजूरी के बाद विकास प्राधिकरण ने अपने विश्वस्तरीय कंसलटेंट टीम के चयन की तैयारी शुरू कर दी है। प्राधिकरण ने एक निजेी कंपनी को पूरे अयोध्या शहर के विकास की कार्य योजना व डीपीआर तैयार करने का जिम्मा दिया है। इसके उपरांत पूरी कार्य की ई-टेंडरिंग की जाएगी। इसमें विश्वस्तरीय कंपनी का चयन किया जाएगा।
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नए विकास प्राधिकरण के क्षेत्रफल के आधार पर बनेगा प्लान
अयोध्या विकास प्राधिकरण अपने क्षेत्र को बढ़ाने के लिए शासन में प्रस्ताव भेजा है। यह योजना मास्टर प्लान 2031 के तहत शासन मेें लंबित है। पूरे क्षेत्रफल का मास्टर प्लान बन जाने के बाद इसको शासन स्तर पर मंजूरी मिल सकती है। मास्टर प्लान के बन जाने के बाद अयोध्या विकास प्राधिकरण की ओर से चयनित विश्वस्तरीय कंपनी अयोध्या के विकास क्षेत्र के अंदरूनी आवरण का खाका तैयार करेगी। इसमें सड़कों की लंबाई व चौड़ाई, घाटों का विकास, पार्क, धार्मिक स्थल समेत समस्त विकास कार्य की कार्ययोजना तैयार करेगी। इस प्लान के तैयार होने के बाद अयोध्या को विश्वस्तरीय धार्मिक नगरी के रूप में डेवलप किया जा सकेगा।
सचिव स्तर के लोग रखेंगे निगरानी
अयोध्या को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने के लिए चयनित विश्वस्तरीय कंपनी के विकास संबंधी प्रस्तावों पर को अमली जामा पहनाने के लिए निगरानी समिति भी शासन स्तर पर गठित की गई है। इसकी निगरानी मुख्य सचिव की देखरेख समस्त 14 विकास संबंधी विभागों के प्रमुख सचिव करेंगे। निगरानी समिति का यह भी कार्य होगा कि समस्त विकास कार्यों एवं विभागों में समन्यवय स्थापित करे। इसके साथ ही कार्यों के मूल्यांकन व गुणवत्ता के लिए विकास संबंधी सरकारी संस्थाओं को जिम्मा सौंपा गया है। इसके अलावा समस्त कार्यों को पूरा कराने का जिम्मा अयोध्या विकास प्राधिकरण के पास होगा।
अयोध्या विकास प्राधिकरण की ओर से रामनगरी को विश्वस्तरीय सुविधाओं वाला शहर बनाने के लिए एक प्रस्ताव बोर्ड की बैठक में पास कराकर शासन को भेजा गया था। इस प्रस्ताव को शासन ने मंजूरी दे दी है। प्रस्ताव के अनुसार एक रामनगरी के विकास के लिए एक विश्वस्तरीय कंसलटेंट टीम का चयन किया जाएगा। इसकी प्रक्रिया शुरू हो गई है। साथ ही समस्त अयोध्या के अंदर होने वाले समस्त विकास कार्यों की देखरेख, गुणवत्ता व मूल्यांकन के लिए आला अफसरों की टीम बनाई गई है। उम्मीद है कि इस कार्य से अयोध्या का सुनियोजित व आपेक्षित विकास होगा, जिससे अयोध्या में पर्यटकों को विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलेंगी।
विशाल सिंह, वीसी अयोध्या विकास प्राधिकरण