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Ayodhya News: स्वाइन फ्लू के 90 संदिग्ध मरीज मिले, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट
Thu, 03 Sep 2026 11:52 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Thu, 03 Sep 2026 11:52 PM IST
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अयोध्या। जिले में स्वाइन फ्लू (एच-वन, एन-वन) को लेकर स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। जिले में अब तक 90 संदिग्ध मरीज सामने आए हैं। इनमें ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों की संख्या अधिक बताई जा रही है। सभी संदिग्ध मरीजों के नमूने मेडिकल कॉलेज भेजे गए हैं, जहां आरटीपीसीआर जांच कराई जा रही है। रिपोर्ट आने के बाद ही स्वाइन फ्लू संक्रमण की स्थिति स्पष्ट होगी।
संदिग्ध मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने जिले में निगरानी बढ़ा दी है। मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में आने वाले फ्लू जैसे लक्षण वाले मरीजों पर विशेष नजर रखी जा रही है। मेडिकल कॉलेज के एसोसिएट प्रोफेसर एवं शुगर रोग विशेषज्ञ डॉ. वीरेंद्र वर्मा ने ओपीडी में आने वाले मरीजों को मास्क वितरित किए। उन्होंने बताया कि फ्लू जैसे लक्षण वाले मरीजों की जांच के साथ उनकी निगरानी भी की जा रही है।
उन्होंने कहा कि स्वाइन फ्लू को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सावधानी बेहद जरूरी है। तेज बुखार, खांसी, गले में खराश, नाक बहना या बंद होना, बदन दर्द और सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण दिखाई देने पर चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। भीड़भाड़ वाले स्थानों पर मास्क लगाने, हाथों को साबुन से नियमित रूप से धोने और संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से बचने की सलाह दी गई है।
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मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य दिनेश सिंह मर्तोलिया ने बताया कि जिले के 38 संदिग्ध मरीजों के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। स्वाइन फ्लू की पुष्टि होने पर मरीजों को ट्रॉमा सेंटर में बनाए गए स्वाइन फ्लू वार्ड में भर्ती कर उपचार दिया जाएगा। मेडिकल कॉलेज में 30 बेड का अलग वार्ड तैयार किया गया है। इसके अलावा इमरजेंसी में हेल्प डेस्क बनाई गई है। फ्लू के संदिग्ध मरीजों को इमरजेंसी में भर्ती कर जांच की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें स्वाइन फ्लू वार्ड में स्थानांतरित किया जाएगा।
जांच रिपोर्ट के बाद स्थिति होगी स्पष्ट
एसीएमओ डॉ. पीसी भारतीय ने बताया कि जिले में 90 संदिग्ध मरीज मिले हैं। सभी की जांच कराई जा रही है। पूरे जिले को अलर्ट कर दिया गया है। लोगों को मास्क और सैनिटाइजर का इस्तेमाल करने के निर्देश दिए गए हैं।
लक्षण दिखें तो नजरअंदाज न करें
तेज बुखार, खांसी, गले में खराश, बदन दर्द, नाक बहना या बंद होना, ठंड लगना, कंपकंपी, कभी-कभी उल्टी या दस्त, कमजोरी और सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण दिखाई दें तो इन्हें नजरअंदाज न करें। लक्षण होने पर तत्काल अस्पताल पहुंचकर जांच कराएं। चिकित्सक की सलाह के बिना कोई दवा न लें।
यह बरतें सावधानी
खांसते छींकते समय नाक मुंह ढककर रखें
हाथों को साबुन से बार-बार धोएं
भीड़भाड़ वाले स्थानों पर मास्क का इस्तेमाल करें
फ्लू के लक्षण वाले व्यक्ति से दूरी बनाए रखें
आंख, नाक और मुंह को बार-बार छूने से बचें
बुखार, खांसी, या सांस लेने में परेशानी हो तो डॉक्टर से संपर्क करें
बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों का विशेष ध्यान रखें।
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संदिग्ध मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने जिले में निगरानी बढ़ा दी है। मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में आने वाले फ्लू जैसे लक्षण वाले मरीजों पर विशेष नजर रखी जा रही है। मेडिकल कॉलेज के एसोसिएट प्रोफेसर एवं शुगर रोग विशेषज्ञ डॉ. वीरेंद्र वर्मा ने ओपीडी में आने वाले मरीजों को मास्क वितरित किए। उन्होंने बताया कि फ्लू जैसे लक्षण वाले मरीजों की जांच के साथ उनकी निगरानी भी की जा रही है।
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उन्होंने कहा कि स्वाइन फ्लू को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सावधानी बेहद जरूरी है। तेज बुखार, खांसी, गले में खराश, नाक बहना या बंद होना, बदन दर्द और सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण दिखाई देने पर चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। भीड़भाड़ वाले स्थानों पर मास्क लगाने, हाथों को साबुन से नियमित रूप से धोने और संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से बचने की सलाह दी गई है।
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मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य दिनेश सिंह मर्तोलिया ने बताया कि जिले के 38 संदिग्ध मरीजों के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। स्वाइन फ्लू की पुष्टि होने पर मरीजों को ट्रॉमा सेंटर में बनाए गए स्वाइन फ्लू वार्ड में भर्ती कर उपचार दिया जाएगा। मेडिकल कॉलेज में 30 बेड का अलग वार्ड तैयार किया गया है। इसके अलावा इमरजेंसी में हेल्प डेस्क बनाई गई है। फ्लू के संदिग्ध मरीजों को इमरजेंसी में भर्ती कर जांच की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें स्वाइन फ्लू वार्ड में स्थानांतरित किया जाएगा।
जांच रिपोर्ट के बाद स्थिति होगी स्पष्ट
एसीएमओ डॉ. पीसी भारतीय ने बताया कि जिले में 90 संदिग्ध मरीज मिले हैं। सभी की जांच कराई जा रही है। पूरे जिले को अलर्ट कर दिया गया है। लोगों को मास्क और सैनिटाइजर का इस्तेमाल करने के निर्देश दिए गए हैं।
लक्षण दिखें तो नजरअंदाज न करें
तेज बुखार, खांसी, गले में खराश, बदन दर्द, नाक बहना या बंद होना, ठंड लगना, कंपकंपी, कभी-कभी उल्टी या दस्त, कमजोरी और सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण दिखाई दें तो इन्हें नजरअंदाज न करें। लक्षण होने पर तत्काल अस्पताल पहुंचकर जांच कराएं। चिकित्सक की सलाह के बिना कोई दवा न लें।
यह बरतें सावधानी
खांसते छींकते समय नाक मुंह ढककर रखें
हाथों को साबुन से बार-बार धोएं
भीड़भाड़ वाले स्थानों पर मास्क का इस्तेमाल करें
फ्लू के लक्षण वाले व्यक्ति से दूरी बनाए रखें
आंख, नाक और मुंह को बार-बार छूने से बचें
बुखार, खांसी, या सांस लेने में परेशानी हो तो डॉक्टर से संपर्क करें
बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों का विशेष ध्यान रखें।