{"_id":"5e136df58ebc3e87e86b2d0e","slug":"avadh-s-legacy-adorned-in-university-with-five-crores-faizabad-news-lko501662985","type":"story","status":"publish","title_hn":"पांच करोड़ से विवि में सजेगी अवध की विरासत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पांच करोड़ से विवि में सजेगी अवध की विरासत
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अयोध्या। डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विवि अपने कैंपस में पर्यटकों व विद्यार्थियों को अवध विरासत दिखाने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए शासन को 5 करोड़ का प्रस्ताव भेजने की सहमति दी गई है। इसके पहले कुलपति प्रो. मनोज दीक्षित ने विवि फंड से सवा लाख रुपये दृष्ठि कला विभाग को स्वीकृत करते हुए डेमो तैयार करने का निर्देश दिया है।
अवध की विरासत में प्रभु राम की पूरी लीला के साथ जैन तीर्थंकर, सिख गुरुओं, सूफी-संतों समेत सद्भाव की अयोध्या की पूरी झांकी सजाई जाएगी। ऐतिहासिक-पुरातात्विक स्थलों बहू-बेगम मकबरा, मल्लिका-ए-गजल, गुलाबबाड़ी, गुप्तारघाट आदि स्थलों का भी स्वरूप सजेगा। इसके जरिए विवि की कोशिश है कि कैंपस में आने वाले पर्यटक अयोध्या की प्राचीनता, पौराणिकता, धार्मिकता के साथ फैजाबाद की नवाबी शान से भी परि चित हो सकें।
अयोध्या के फैसले के बाद की बदली तस्वीर के बाद अवध विवि रामनगरी को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने के लिए प्रयासरत है। अयोध्या आने वाले पर्यटक व विद्यार्थी, शोधार्थी आदि हर तबके के लिए अवध विवि में समूचे अवध की विरासत को जानने-समझने की यह नायाब कोशिश जल्द आकार लेती नजर आएगी।
विज्ञापन
इसका तैयार हो रहा डेमो देखकर ही लोग आकर्षित हुए बिना नहीं रह पा रहे हैं। अवध विवि के कुलपति की ओर से दृष्टिकला विभाग को मूर्तिकला व भित चित्र के माध्यम से अयोध्या की विरासत को संजोने के निर्देश जारी किए गए हैं। इसमें दृष्टि कला विभाग प्रस्ताव तैयार कर चुका है। प्रस्ताव के अनुसार विवि में एक भवन का निर्माण किया जाएगा।
इसमें अवध की विरासतों की झांकी सजायी जाएगी। इसमें भगवान राम-लक्ष्मण व मां सीता के स्वरूपों को सजाया जाएगा। इसके साथ ही जैन धर्म के प्रथम तीर्थकर, सिख धर्म गुरुओं, अयोध्या के प्रमुख सूफी संतों समेत बहू-बेगम का मकबरा, गुलाबबाड़ी व गुप्तारघाट, भरतकुंड सहित अन्य स्थलों की झांकिया सजेंगी।
इसके अलावा दीवारों पर भित चित्रण प्रमुख धार्मिक स्थलों का किया जाएगा। प्रस्ताव तैयार करने के बाद दृश्य कला विभाग अब पूरे योजना का डेमो तैयार कर रहा है। सवा लाख रुपये की लागत से बन रहे डेमो को तैयार होने के बाद शासन को भेजा जाएगा।
विवि कैंपस में अवध की विरासत को संजोने के क्रम में सबसे महत्वपूर्ण यह है कि समस्त 3डी झांकियां दृष्टिकला विभाग के विद्यार्थियों की ओर से बनाई जाएगी। इसमें विभाग के शिक्षकों का निर्देशन विद्यार्थियों को प्राप्त होगा। झांकियों को सजाने में खासतौर से मूर्तिकला की भूमिका प्रमुख होगी। मूर्तियों को बनाने में वेस्टेज पदार्थों का प्रयोग किया जाएगा।
विवि के दृश्य कला विभाग के समन्वयक प्रो. विनोद कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विवि अयोध्या के पर्यटन को विकसित करने के क्रम में विवि कैंपस में अवध की विरासत को संजोने का कार्य करेगा। पर्यटक यहां पहुंचकर समूची अयोध्या के प्रमुख स्थलों को जानकारी ले सकेंगे। इसका प्रस्ताव तैयार हो गया है। डेमो प्रदेश शासन को भेजा जा रहा है। अनुमति व बजट के आवंटन के बाद कार्य शुरू किया जाएगा।
विज्ञापन
अवध की विरासत में प्रभु राम की पूरी लीला के साथ जैन तीर्थंकर, सिख गुरुओं, सूफी-संतों समेत सद्भाव की अयोध्या की पूरी झांकी सजाई जाएगी। ऐतिहासिक-पुरातात्विक स्थलों बहू-बेगम मकबरा, मल्लिका-ए-गजल, गुलाबबाड़ी, गुप्तारघाट आदि स्थलों का भी स्वरूप सजेगा। इसके जरिए विवि की कोशिश है कि कैंपस में आने वाले पर्यटक अयोध्या की प्राचीनता, पौराणिकता, धार्मिकता के साथ फैजाबाद की नवाबी शान से भी परि चित हो सकें।
विज्ञापन
अयोध्या के फैसले के बाद की बदली तस्वीर के बाद अवध विवि रामनगरी को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने के लिए प्रयासरत है। अयोध्या आने वाले पर्यटक व विद्यार्थी, शोधार्थी आदि हर तबके के लिए अवध विवि में समूचे अवध की विरासत को जानने-समझने की यह नायाब कोशिश जल्द आकार लेती नजर आएगी।
विज्ञापन
इसका तैयार हो रहा डेमो देखकर ही लोग आकर्षित हुए बिना नहीं रह पा रहे हैं। अवध विवि के कुलपति की ओर से दृष्टिकला विभाग को मूर्तिकला व भित चित्र के माध्यम से अयोध्या की विरासत को संजोने के निर्देश जारी किए गए हैं। इसमें दृष्टि कला विभाग प्रस्ताव तैयार कर चुका है। प्रस्ताव के अनुसार विवि में एक भवन का निर्माण किया जाएगा।
इसमें अवध की विरासतों की झांकी सजायी जाएगी। इसमें भगवान राम-लक्ष्मण व मां सीता के स्वरूपों को सजाया जाएगा। इसके साथ ही जैन धर्म के प्रथम तीर्थकर, सिख धर्म गुरुओं, अयोध्या के प्रमुख सूफी संतों समेत बहू-बेगम का मकबरा, गुलाबबाड़ी व गुप्तारघाट, भरतकुंड सहित अन्य स्थलों की झांकिया सजेंगी।
इसके अलावा दीवारों पर भित चित्रण प्रमुख धार्मिक स्थलों का किया जाएगा। प्रस्ताव तैयार करने के बाद दृश्य कला विभाग अब पूरे योजना का डेमो तैयार कर रहा है। सवा लाख रुपये की लागत से बन रहे डेमो को तैयार होने के बाद शासन को भेजा जाएगा।
विवि कैंपस में अवध की विरासत को संजोने के क्रम में सबसे महत्वपूर्ण यह है कि समस्त 3डी झांकियां दृष्टिकला विभाग के विद्यार्थियों की ओर से बनाई जाएगी। इसमें विभाग के शिक्षकों का निर्देशन विद्यार्थियों को प्राप्त होगा। झांकियों को सजाने में खासतौर से मूर्तिकला की भूमिका प्रमुख होगी। मूर्तियों को बनाने में वेस्टेज पदार्थों का प्रयोग किया जाएगा।
विवि के दृश्य कला विभाग के समन्वयक प्रो. विनोद कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विवि अयोध्या के पर्यटन को विकसित करने के क्रम में विवि कैंपस में अवध की विरासत को संजोने का कार्य करेगा। पर्यटक यहां पहुंचकर समूची अयोध्या के प्रमुख स्थलों को जानकारी ले सकेंगे। इसका प्रस्ताव तैयार हो गया है। डेमो प्रदेश शासन को भेजा जा रहा है। अनुमति व बजट के आवंटन के बाद कार्य शुरू किया जाएगा।