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ऑनलाइन ठगी करने वाले गिरोह का एक शातिर गिरफ्तार
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अयोध्या। गैस एजेंसी, पेट्रोल पंप की डीलरशिप, लोन व नौकरी दिलाने के नाम पर ऑनलाइन ठगी करने वाले गिरोह के एक बदमाश को जिले की साइबर सेल पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
आरोपी ने अयोध्या कोतवाली अंतर्गत बैसिंह गांव के युवक से धोखाधड़ी कर 14.43 लाख रुपये हड़पे थे। पीड़ित की शिकायत पर साइबर सेल ने मुकदमा दर्ज किया था।
राम अजोर यादव निवासी ग्राम बैसिंह पोस्ट दर्शन नगर थाना कोतवाली अयोध्या ने 18 सितंबर 2020 को थाना साइबर क्राइम पर शिकायती पत्र देकर बताया था कि उनके व्हाट्स एप पर एक मैसेज प्राप्त हुआ था।
जिसमें इंडेन गैस एजेंसी, पेट्रोल पंप के लाइसेंस हेतु आवेदन मांगे गए थे। उक्त मैसेज पर दी गई वेबसाइट पर उन्होंने आवेदन किया। इसके बाद वेबसाइट के अधिकारी के रूप में आरोपियों द्वारा भिन्न-भिन्न मद जैसे रजिस्ट्रेशन, सर्टिफिकेट फीस, सिक्योरिटी फीस, इश्योरेंस फीस, सर्वे आदि के रूप में उनसे 14 लाख 43 हजार 400 रुपये खातों में जमा करा लिए गए।
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बाद में उन्हें जानकारी हुई कि यह सब फर्जी था तो उन्होंने इसकी शिकायत की। साइबर क्राइम थाना ने केस दर्ज कर जांच शुरू की। सीओ सिटी एएसपी पलाश बंसल के पर्यवेक्षण में साइबर क्राइम थाना अयोध्या परिक्षेत्र अयोध्या की टीम द्वारा इंदौर, उज्जैन मध्य प्रदेश, झारखंड आदि राज्यों में जाकर साक्ष्य संकलन किया गया।
इस दौरान पता चला कि संगठित साइबर अपराध करने वाले एक गिरोह का सदस्य सौरभ सिंह निवासी घोरांग थाना घनघटा जनपद संतकबीर नगर, वर्तमान पता मानवता नगर थाना कनाड़िया जनपद इंदौर मप्र है।
इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के पास से साइबर ठगी से संबंधित बरामद मोबाइल में फर्जी आधार कार्ड की प्रति, सरकारी वेबसाइटों से मिलते जुलते पंजीकृत 10 फर्जीवाडे में प्रयुक्त डोमेन नेम, कई बैंकों के खाते, रजिस्टर, मोबाइल नंबर व इंटरनेट बैकिंग के यूजर आईडी व पासवर्ड संरक्षित मिले।
पूछताछ में पता चला कि सौरभ अपने साथियों के साथ मिलकर नौकरी की तलाश कर रहे भोले भाले लोगों का रिज्यूम अपनी प्लेसमेंट एजेंसी में एकत्र करवाकर उनको नेवी, बीएसफ, रेलवे में चयनित होने की फर्जी काल करके सीट कंफर्म करवाने हेतु खाते में पैसा जमा करने को कहता था।
इस दौरान उनके रिज्यूम एवं बैंक खाते में अंकित मोबाइल नंबर पर भेजा गया ओटीपी पूछकर उनके खाते में जमा धनराशि को निकाल लेता था। यहां से एकत्र पैसों को निकालने के नाम पर गूगल पर एड्वरटाइजमेंट, प्रमोशनल मेसेज और शार्ट वीडियो बनाकर ऐसे लोगों को टारगेट किया जाता था जिनका किसी कारणवश बैंकों द्वारा लोन पास नहीं हो सका और उनको बताया जाता था कि उनका सिविल स्कोर ठीक नहीं है।
सिविल स्कोर ठीक करवाने के नाम पर उनके बैंक खातों की डिटेल ले ली जाती थी। इसके बाद उनके बैंक खातों को इन लोगों द्वारा आपरेट किया जाता था तथा उसमें ठगी का पैसा ट्रांसफर कर दिया जाता था। बाद में एटीएम आदि के माध्यम से उक्त धनराशि को निकाल लिया जाता था।
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आरोपी ने अयोध्या कोतवाली अंतर्गत बैसिंह गांव के युवक से धोखाधड़ी कर 14.43 लाख रुपये हड़पे थे। पीड़ित की शिकायत पर साइबर सेल ने मुकदमा दर्ज किया था।
राम अजोर यादव निवासी ग्राम बैसिंह पोस्ट दर्शन नगर थाना कोतवाली अयोध्या ने 18 सितंबर 2020 को थाना साइबर क्राइम पर शिकायती पत्र देकर बताया था कि उनके व्हाट्स एप पर एक मैसेज प्राप्त हुआ था।
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जिसमें इंडेन गैस एजेंसी, पेट्रोल पंप के लाइसेंस हेतु आवेदन मांगे गए थे। उक्त मैसेज पर दी गई वेबसाइट पर उन्होंने आवेदन किया। इसके बाद वेबसाइट के अधिकारी के रूप में आरोपियों द्वारा भिन्न-भिन्न मद जैसे रजिस्ट्रेशन, सर्टिफिकेट फीस, सिक्योरिटी फीस, इश्योरेंस फीस, सर्वे आदि के रूप में उनसे 14 लाख 43 हजार 400 रुपये खातों में जमा करा लिए गए।
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बाद में उन्हें जानकारी हुई कि यह सब फर्जी था तो उन्होंने इसकी शिकायत की। साइबर क्राइम थाना ने केस दर्ज कर जांच शुरू की। सीओ सिटी एएसपी पलाश बंसल के पर्यवेक्षण में साइबर क्राइम थाना अयोध्या परिक्षेत्र अयोध्या की टीम द्वारा इंदौर, उज्जैन मध्य प्रदेश, झारखंड आदि राज्यों में जाकर साक्ष्य संकलन किया गया।
इस दौरान पता चला कि संगठित साइबर अपराध करने वाले एक गिरोह का सदस्य सौरभ सिंह निवासी घोरांग थाना घनघटा जनपद संतकबीर नगर, वर्तमान पता मानवता नगर थाना कनाड़िया जनपद इंदौर मप्र है।
इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के पास से साइबर ठगी से संबंधित बरामद मोबाइल में फर्जी आधार कार्ड की प्रति, सरकारी वेबसाइटों से मिलते जुलते पंजीकृत 10 फर्जीवाडे में प्रयुक्त डोमेन नेम, कई बैंकों के खाते, रजिस्टर, मोबाइल नंबर व इंटरनेट बैकिंग के यूजर आईडी व पासवर्ड संरक्षित मिले।
पूछताछ में पता चला कि सौरभ अपने साथियों के साथ मिलकर नौकरी की तलाश कर रहे भोले भाले लोगों का रिज्यूम अपनी प्लेसमेंट एजेंसी में एकत्र करवाकर उनको नेवी, बीएसफ, रेलवे में चयनित होने की फर्जी काल करके सीट कंफर्म करवाने हेतु खाते में पैसा जमा करने को कहता था।
इस दौरान उनके रिज्यूम एवं बैंक खाते में अंकित मोबाइल नंबर पर भेजा गया ओटीपी पूछकर उनके खाते में जमा धनराशि को निकाल लेता था। यहां से एकत्र पैसों को निकालने के नाम पर गूगल पर एड्वरटाइजमेंट, प्रमोशनल मेसेज और शार्ट वीडियो बनाकर ऐसे लोगों को टारगेट किया जाता था जिनका किसी कारणवश बैंकों द्वारा लोन पास नहीं हो सका और उनको बताया जाता था कि उनका सिविल स्कोर ठीक नहीं है।
सिविल स्कोर ठीक करवाने के नाम पर उनके बैंक खातों की डिटेल ले ली जाती थी। इसके बाद उनके बैंक खातों को इन लोगों द्वारा आपरेट किया जाता था तथा उसमें ठगी का पैसा ट्रांसफर कर दिया जाता था। बाद में एटीएम आदि के माध्यम से उक्त धनराशि को निकाल लिया जाता था।