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दुष्कर्मी को उम्रकैद, दो को दस साल की सजा
Faizabad
Updated Thu, 11 Sep 2014 05:30 AM IST
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फैजाबाद। नाबालिग से गैंगरेप के एक मामले में अदालत ने तीन युवकों में से एक को आजीवन कारावास व दो अन्य को दस-दस साल कैद की सजा सुनाई है। तीनों आरोपियों पर अदालत ने 15-15 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। फैसला बुधवार को अपर जिलाजज राजेश्वर शुक्ल की अदालत से हुआ। मामला तारुन थाने से जुड़ा है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता पीएम कुद्दूसी व वीरेंद्र मौर्य ने बताया कि घटना सात अप्रैल 2010 की है। तारुन थानाक्षेत्र के एक गांव की रहने वाली किशोरी रात को शौच के लिए गई थी। वहां पहले से घात लगाए बैठे गांव के ही तीन युवक राज नंदन, कंपोटर उर्फ जगदीश, महेश उसे जबरदस्ती ट्यूबवेल खीच ले गए। इसके बाद वहां तीनों ने उसके साथ दुराचार किया। इसके बाद युवकों ने उसे रेलवे स्टेशन पर एक अन्य युवक मनोज को सौंप दिया। मनोज किशोरी को गुजरात प्रांत के सूरत शहर ले गया और उसको सवा महीने बंधक बनाकर दुराचार किया। इसकी रिपोर्ट पीड़िता की मां ने चारों लोगों के खिलाफ लिखाई थी। सुनवाई के दौरान अदालत में किशोरी ने मनोज को छोड़ अन्य तीनों की ओर से जबरन दुष्कर्म करने की बात कही। इसे आधार मानते हुए अदालत ने मनोज को छोड़ अन्य को अपहरण व गैंगरेप के मामले में सजा सुनाई। दोषी राजनंदन इसके पूर्व भी रेप के मामले में एडीजे तृतीय की अदालत से दस साल की सजा पा चुका है। उसने किशोरी के साथ दूसरी बार रेप किया था। इसलिए उसे अदालत ने आजीवन कारावस की सजा सुनाई। वहीं कंपोटर उर्फ जगदीश तथा महेश को दस वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। सभी पर 15-15 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया।
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सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता पीएम कुद्दूसी व वीरेंद्र मौर्य ने बताया कि घटना सात अप्रैल 2010 की है। तारुन थानाक्षेत्र के एक गांव की रहने वाली किशोरी रात को शौच के लिए गई थी। वहां पहले से घात लगाए बैठे गांव के ही तीन युवक राज नंदन, कंपोटर उर्फ जगदीश, महेश उसे जबरदस्ती ट्यूबवेल खीच ले गए। इसके बाद वहां तीनों ने उसके साथ दुराचार किया। इसके बाद युवकों ने उसे रेलवे स्टेशन पर एक अन्य युवक मनोज को सौंप दिया। मनोज किशोरी को गुजरात प्रांत के सूरत शहर ले गया और उसको सवा महीने बंधक बनाकर दुराचार किया। इसकी रिपोर्ट पीड़िता की मां ने चारों लोगों के खिलाफ लिखाई थी। सुनवाई के दौरान अदालत में किशोरी ने मनोज को छोड़ अन्य तीनों की ओर से जबरन दुष्कर्म करने की बात कही। इसे आधार मानते हुए अदालत ने मनोज को छोड़ अन्य को अपहरण व गैंगरेप के मामले में सजा सुनाई। दोषी राजनंदन इसके पूर्व भी रेप के मामले में एडीजे तृतीय की अदालत से दस साल की सजा पा चुका है। उसने किशोरी के साथ दूसरी बार रेप किया था। इसलिए उसे अदालत ने आजीवन कारावस की सजा सुनाई। वहीं कंपोटर उर्फ जगदीश तथा महेश को दस वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। सभी पर 15-15 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया।
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