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पांच डॉक्टरों में दो गायब, एक ट्रेनिंग पर
Faizabad
Updated Mon, 23 Sep 2013 05:37 AM IST
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मवई। ब्लॉक स्तरीय अस्पताल मवई को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का दर्जा दे दिया गया। अस्पताल में पांच चिकित्सकों की तैनाती है। इनमें से तीन चिकित्सक अस्पताल नहीं आते हैं, जिसमें दो तो अरसे से लापता है। जबकि एक मात्र महिला चिकित्सक अल्ट्रासाउंड की ट्रेनिंग लेने के लिए गई हैं। अब सीएचसी में एक मेडिकल आफिसर और एक अधीक्षक के जरिए काम चल रहा है।
जिले की बॉर्डर व लखनऊ के निकट की सीएचसी होने की वजह से राजधानी से रिश्ता रखने वाले चिकित्सकों की यह पहली पसंद होती है। मवई से लखनऊ की दूरी महज एक घंटे की है। मवई में तैनात अधिकतर चिकित्सक राजधानी में प्राइवेट प्रैक्टिस करते हैं। अस्पताल की कार्यप्रणाली के चलते जिनका भी प्राइवेट प्रैक्टिस का फंडा बिगड़ता है, वह बगैर किसी सूचना के अस्पताल आना बंद कर देता है। जिससे मरीजों को कदम-कदम पर दुश्वारियों का सामना करना पड़ता है।
मुकम्मल इलाज के लिए मरीजों को या तो रुदौली जाना पड़ता है या फिर बाराबंकी व लखनऊ जाते हैं। अस्पताल में तैनात डॉ. राम प्रकाश द्विवेदी और डॉ. शिशिर विश्वकर्मा लंबे अरसे से गायब हैं। इसके पूर्व मवई में डॉ. पूजा की नियुक्ति की गई, तब भी महिला चिकित्सक के नहीं आने से महिला मरीजों का बुरा हाल रहा। अब डॉ. पूजा का चयन अल्ट्रासाउंड प्रशिक्षण में लिए हो गया। उसके बाद से अस्पताल में किसी महिला चिकित्सक व स्त्री रोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं हुई है।
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जिले की बॉर्डर व लखनऊ के निकट की सीएचसी होने की वजह से राजधानी से रिश्ता रखने वाले चिकित्सकों की यह पहली पसंद होती है। मवई से लखनऊ की दूरी महज एक घंटे की है। मवई में तैनात अधिकतर चिकित्सक राजधानी में प्राइवेट प्रैक्टिस करते हैं। अस्पताल की कार्यप्रणाली के चलते जिनका भी प्राइवेट प्रैक्टिस का फंडा बिगड़ता है, वह बगैर किसी सूचना के अस्पताल आना बंद कर देता है। जिससे मरीजों को कदम-कदम पर दुश्वारियों का सामना करना पड़ता है।
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मुकम्मल इलाज के लिए मरीजों को या तो रुदौली जाना पड़ता है या फिर बाराबंकी व लखनऊ जाते हैं। अस्पताल में तैनात डॉ. राम प्रकाश द्विवेदी और डॉ. शिशिर विश्वकर्मा लंबे अरसे से गायब हैं। इसके पूर्व मवई में डॉ. पूजा की नियुक्ति की गई, तब भी महिला चिकित्सक के नहीं आने से महिला मरीजों का बुरा हाल रहा। अब डॉ. पूजा का चयन अल्ट्रासाउंड प्रशिक्षण में लिए हो गया। उसके बाद से अस्पताल में किसी महिला चिकित्सक व स्त्री रोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं हुई है।
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