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शारदा सहायक नहर कटी, घरों में घुसा पानी, फसलें तबाह
Updated Thu, 12 Apr 2018 11:48 PM IST
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शारदा सहायक नहर कटी, घरों में घुसा पानी, फसलें तबाह
फैजाबाद। शारदा सहायक नहर बुधवार आधी रात के बाद गोपालपुर गांव के पास अचानक कट गई। जब तक लोगों की सुबह नींद खुली तो करीब 50 घरों में पानी घुस गया। करीब 200 बीघे खड़ी गेहूं की फसल डूब गई। प्राथमिक विद्यालय और गांव के मंदिर पानी से घिर गए हैं। नहर व सिंचाई विभाग के अभियंता मौके पर पहुंचकर मजदूरों के अभाव में लाचार हैं। दोपहर में बाराबंकी से नहर में जलापूर्ति बंद कराकर पानी का फ्लो रुकने के बाद पटरी बांधने की तैयारी है।
सोहावल तहसील के गोपालपुर गांव में शारदा सहायक नहर कटने से पूरा गांव जलमग्न हो गया। गांव के लोग कांप उठे। जिनके घरों में पानी घुस गया, उन परिवारों ने अपना सामान सड़क पर लाकर रखना शुरू कर दिया। खेतों में खड़ी गेहूं की फसल डूब गयी। कटा गेहूं पानी में उतराने लगा। प्राथमिक विद्यालय और गांव के मंदिर पानी से घिर गये। अफरा-तफरी के बीच मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार पैगाम हैदर, राजस्व निरीक्षक प्रियंबदा मिश्रा के साथ लेखपालों की टीम पुलिस बल के साथ लोगों को समझाने और पीड़ित परिवारों की सूची बनाने में लगे रहे। बचाव के लिए पहुंचे नहर व सिंचाई विभाग के आला अधिकारी मजदूरों के न मिलने का रोना रोकर तमाशबीन बने रहे। बाराबंकी पंप कैनाल से दोपहर में नहर में जलापूर्ति ठप करा दी गई है। पानी कम होने का इंतजार हो रहा है। कटान के मुहाने के कृषक रामसूरत पांडेय के साथ दिनेश, जितेंद्र, रवि, दीपक, गिरधारी आदि लोगों ने आरोप लगाया कि नहर विभाग की लापरवाही से तबाही ज्यादा हुई। सुबह प्रशासन कटान को रोक ले जाता तो फसलों का नुकसान कम होता। दिनभर नहर विभाग को मजदूर नहीं मिले, जो पानी में उतरकर कार्य कर पाते। बड़ी मशीनों का भी उपयोग नहीं किया गया।
50 घर पानी से प्रभावित : नायब तहसीलदार
नायब तहसीलदार पैगाम हैदर ने बताया कि करीब 50 घर पानी से प्रभावित हैं और करीब 200 बीघे गेहूं की खड़ी फसल प्रभावित हुई है। क्षति का आंकलन राजस्व विभाग करने में जुटा है। पीड़ित परिवारों की सुरक्षा और खानपान का बंदोबस्त कराया जा रहा है।
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मशीनें मौके पर नहीं जा सकती, मजदूर बुलाए : एक्सईएन
अधिशासी अभियंता मनोज कुमार सिंह ने बताया कि मजदूर न मिलने से कटान स्थल को भरने व पानी बंद करने में विलंब हुआ। बाहर से अनुभवी मजदूरों की टीम बुलायी गयी है। नहर को सुबह ही सूचना मिलते ही बंद करा दिया गया है। कटान के चारों तरफ पानी भरा होने से बड़ी मशीनें मौके तक नहीं जा सकतीं।
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फैजाबाद। शारदा सहायक नहर बुधवार आधी रात के बाद गोपालपुर गांव के पास अचानक कट गई। जब तक लोगों की सुबह नींद खुली तो करीब 50 घरों में पानी घुस गया। करीब 200 बीघे खड़ी गेहूं की फसल डूब गई। प्राथमिक विद्यालय और गांव के मंदिर पानी से घिर गए हैं। नहर व सिंचाई विभाग के अभियंता मौके पर पहुंचकर मजदूरों के अभाव में लाचार हैं। दोपहर में बाराबंकी से नहर में जलापूर्ति बंद कराकर पानी का फ्लो रुकने के बाद पटरी बांधने की तैयारी है।
सोहावल तहसील के गोपालपुर गांव में शारदा सहायक नहर कटने से पूरा गांव जलमग्न हो गया। गांव के लोग कांप उठे। जिनके घरों में पानी घुस गया, उन परिवारों ने अपना सामान सड़क पर लाकर रखना शुरू कर दिया। खेतों में खड़ी गेहूं की फसल डूब गयी। कटा गेहूं पानी में उतराने लगा। प्राथमिक विद्यालय और गांव के मंदिर पानी से घिर गये। अफरा-तफरी के बीच मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार पैगाम हैदर, राजस्व निरीक्षक प्रियंबदा मिश्रा के साथ लेखपालों की टीम पुलिस बल के साथ लोगों को समझाने और पीड़ित परिवारों की सूची बनाने में लगे रहे। बचाव के लिए पहुंचे नहर व सिंचाई विभाग के आला अधिकारी मजदूरों के न मिलने का रोना रोकर तमाशबीन बने रहे। बाराबंकी पंप कैनाल से दोपहर में नहर में जलापूर्ति ठप करा दी गई है। पानी कम होने का इंतजार हो रहा है। कटान के मुहाने के कृषक रामसूरत पांडेय के साथ दिनेश, जितेंद्र, रवि, दीपक, गिरधारी आदि लोगों ने आरोप लगाया कि नहर विभाग की लापरवाही से तबाही ज्यादा हुई। सुबह प्रशासन कटान को रोक ले जाता तो फसलों का नुकसान कम होता। दिनभर नहर विभाग को मजदूर नहीं मिले, जो पानी में उतरकर कार्य कर पाते। बड़ी मशीनों का भी उपयोग नहीं किया गया।
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50 घर पानी से प्रभावित : नायब तहसीलदार
नायब तहसीलदार पैगाम हैदर ने बताया कि करीब 50 घर पानी से प्रभावित हैं और करीब 200 बीघे गेहूं की खड़ी फसल प्रभावित हुई है। क्षति का आंकलन राजस्व विभाग करने में जुटा है। पीड़ित परिवारों की सुरक्षा और खानपान का बंदोबस्त कराया जा रहा है।
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मशीनें मौके पर नहीं जा सकती, मजदूर बुलाए : एक्सईएन
अधिशासी अभियंता मनोज कुमार सिंह ने बताया कि मजदूर न मिलने से कटान स्थल को भरने व पानी बंद करने में विलंब हुआ। बाहर से अनुभवी मजदूरों की टीम बुलायी गयी है। नहर को सुबह ही सूचना मिलते ही बंद करा दिया गया है। कटान के चारों तरफ पानी भरा होने से बड़ी मशीनें मौके तक नहीं जा सकतीं।