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विदऽेशी संसदीय अधिकारियों ने लगाए जयश्रीराम के नारे
Updated Wed, 29 Aug 2018 11:49 PM IST
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विदेशी संसदीय दल ने किए रामलला के दर्शन
अयोध्या। लोकसभा सचिवालय द्वारा आयोजित 34वें पार्लियामेंट्री इंटर्नशिप प्रोग्राम के तहत यहां पहुंचे 20 देशों की संसदीय संस्थाओं के 47 प्रतिनिधियों समेत 51 सदस्यीय दल ने बुधवार को रामनगरी अयोध्या का भ्रमण कर विभिन्न मंदिरों में दर्शन-पूजन किया। सर्वप्रथम रामलला के दरबार में हाजिरी लगा जय श्रीराम का जयकारा लगाया।
इसके बाद सिद्धपीठ हनुमानगढ़ी और कनकभवन में दर्शन-पूजन कर सरयू में भी आचमन और पूजन किया। दल ने नयाघाट स्थित रामकथा संग्रहालय समेत अन्य स्थलों का भी भ्रमण किया। दर्शन के बाद अधिकारियों ने कहा कि अयोध्या आकर जीवन धन्य हुआ। राम की नगरी के बारे में बहुत सुना था, आज यहां आने का सौभाग्य भी मिल गया।
बीपीएसटी (ब्यूरो ऑफ पार्लियामेंट्री स्टडीज एंड ट्रेनिंग) लोकसभा सेक्रेटियट दिल्ली की एडिशनल डायरेक्टर डॉ. सीमा कौल सिंह ने बताया कि यह भ्रमण 34वें पार्लियामेंट्री इंटर्नशिप का एक पार्ट है। हर वर्ष एक माह का पार्लियामेंट्री इंटर्नशिप प्रोग्राम आयोजित किया जाता है। जिसमें विभिन्न देशों की संसद के अधिकारी भारत ट्रेनिंग के लिए आते हैं।
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इस वर्ष भी विश्व के 20 देशों से 47 संसदीय अधिकारियों का एक दल 2 अगस्त से ही भारत के दौरे पर है। दल ने भारतीय संसद में ट्रेनिंग लेकर संसद की कार्यप्रणाली की बारीकियां समझीं। साथ ही लोकसभा अध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष, संसदीय मंत्री समेत कई सांसदों व विधायकों से भी मुलाकात की है। इसी प्रोग्राम के तहत चार दिवसीय भ्रमण का भी प्लान है।
हर वर्ष हम एक स्टेट से इसके लिए अटैचमेंट करते हैं। इस बार उत्तरप्रदेश को पत्र लिखा गया था जिसे स्वीकार किया गया। इसी पार्ट के तहत यह दल अयोध्या दर्शन-पूजन एवं भ्रमण को पहुंचा है। अयोध्या पहुंचने पर रेंजीडेट्र मजिस्ट्रेट राजीव त्रिपाठी द्वारा दल का स्वागत सत्कार किया गया।
दल में बीपीएसटी (ब्यूरो ऑफ पार्लियामेंट्री स्टडीज एंड ट्रेनिंग) लोकसभा सेक्रेटियट दिल्ली की डायरेक्टर अल्पना त्रिपाठी, राजवीर सिंह, खजेंद्र पाठक समेत प्रतिनिधियों में अफ्रीका, श्रीलंका, अफगानिस्तान, कांगो, घाना, फिजी, नामीबिया, नाइजीरिया, नेपाल, फिलीपींस, मॉरीशस, भूटान, वियतनाम, जिम्बाब्वे, केन्या, गुयाना, कीनिया, म्यांमार, अफगानिस्तान व भूटान के संसदीय अधिकारी शामिल रहे।
मॉरीशस सचिवालय से आईं प्रीटी देवी ने कहा कि अयोध्या के बारे में बहुत सुना था, यहां आकर उसकी पवित्रता का अहसास हो रहा है। रामलला के दर्शन कर आनंदित महसूस कर रही हूं। मॉरीशस में भी राम की संस्कृति व्यापक स्तर पर है। फिजी के सचिवालय अधिकारी तरुण किशोर लाल ने कहा कि भारत के पार्लियामेंट के बारे में बहुत कुछ सीखने को मिला।
अयोध्या भगवान राम की जन्मस्थली माना जाती है, यहां के मंदिरों में दर्शन का सौभाग्य मिला। श्रीलंका सचिवालय की शारिणी ने कहा कि अयोध्या पहुंचकर रामलला का दर्शन कर आनंद की अनुभूति हुई है।
हमारे देश में राम संस्कृति की गहरी जड़े हैं। अयोध्या की पवित्र भूमि के बारे में पढ़ा था, यहां आकर बहुत ही अच्छा लगा। कीनिया की एलेक्जेंड्रिया ने कहा कि राम जी के बारे में सुना था, अयोध्या आकर उनका गौरव भी दिखाई दे रहा है। हनुमानगढ़ी में भी दर्शन कर जीवन धन्य हुआ। ट्रेनिंग के जरिए भारत की संसदीय कार्यप्रणाली के भी बारे में जानने का अवसर मिला है।
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अयोध्या। लोकसभा सचिवालय द्वारा आयोजित 34वें पार्लियामेंट्री इंटर्नशिप प्रोग्राम के तहत यहां पहुंचे 20 देशों की संसदीय संस्थाओं के 47 प्रतिनिधियों समेत 51 सदस्यीय दल ने बुधवार को रामनगरी अयोध्या का भ्रमण कर विभिन्न मंदिरों में दर्शन-पूजन किया। सर्वप्रथम रामलला के दरबार में हाजिरी लगा जय श्रीराम का जयकारा लगाया।
इसके बाद सिद्धपीठ हनुमानगढ़ी और कनकभवन में दर्शन-पूजन कर सरयू में भी आचमन और पूजन किया। दल ने नयाघाट स्थित रामकथा संग्रहालय समेत अन्य स्थलों का भी भ्रमण किया। दर्शन के बाद अधिकारियों ने कहा कि अयोध्या आकर जीवन धन्य हुआ। राम की नगरी के बारे में बहुत सुना था, आज यहां आने का सौभाग्य भी मिल गया।
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बीपीएसटी (ब्यूरो ऑफ पार्लियामेंट्री स्टडीज एंड ट्रेनिंग) लोकसभा सेक्रेटियट दिल्ली की एडिशनल डायरेक्टर डॉ. सीमा कौल सिंह ने बताया कि यह भ्रमण 34वें पार्लियामेंट्री इंटर्नशिप का एक पार्ट है। हर वर्ष एक माह का पार्लियामेंट्री इंटर्नशिप प्रोग्राम आयोजित किया जाता है। जिसमें विभिन्न देशों की संसद के अधिकारी भारत ट्रेनिंग के लिए आते हैं।
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इस वर्ष भी विश्व के 20 देशों से 47 संसदीय अधिकारियों का एक दल 2 अगस्त से ही भारत के दौरे पर है। दल ने भारतीय संसद में ट्रेनिंग लेकर संसद की कार्यप्रणाली की बारीकियां समझीं। साथ ही लोकसभा अध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष, संसदीय मंत्री समेत कई सांसदों व विधायकों से भी मुलाकात की है। इसी प्रोग्राम के तहत चार दिवसीय भ्रमण का भी प्लान है।
हर वर्ष हम एक स्टेट से इसके लिए अटैचमेंट करते हैं। इस बार उत्तरप्रदेश को पत्र लिखा गया था जिसे स्वीकार किया गया। इसी पार्ट के तहत यह दल अयोध्या दर्शन-पूजन एवं भ्रमण को पहुंचा है। अयोध्या पहुंचने पर रेंजीडेट्र मजिस्ट्रेट राजीव त्रिपाठी द्वारा दल का स्वागत सत्कार किया गया।
दल में बीपीएसटी (ब्यूरो ऑफ पार्लियामेंट्री स्टडीज एंड ट्रेनिंग) लोकसभा सेक्रेटियट दिल्ली की डायरेक्टर अल्पना त्रिपाठी, राजवीर सिंह, खजेंद्र पाठक समेत प्रतिनिधियों में अफ्रीका, श्रीलंका, अफगानिस्तान, कांगो, घाना, फिजी, नामीबिया, नाइजीरिया, नेपाल, फिलीपींस, मॉरीशस, भूटान, वियतनाम, जिम्बाब्वे, केन्या, गुयाना, कीनिया, म्यांमार, अफगानिस्तान व भूटान के संसदीय अधिकारी शामिल रहे।
मॉरीशस सचिवालय से आईं प्रीटी देवी ने कहा कि अयोध्या के बारे में बहुत सुना था, यहां आकर उसकी पवित्रता का अहसास हो रहा है। रामलला के दर्शन कर आनंदित महसूस कर रही हूं। मॉरीशस में भी राम की संस्कृति व्यापक स्तर पर है। फिजी के सचिवालय अधिकारी तरुण किशोर लाल ने कहा कि भारत के पार्लियामेंट के बारे में बहुत कुछ सीखने को मिला।
अयोध्या भगवान राम की जन्मस्थली माना जाती है, यहां के मंदिरों में दर्शन का सौभाग्य मिला। श्रीलंका सचिवालय की शारिणी ने कहा कि अयोध्या पहुंचकर रामलला का दर्शन कर आनंद की अनुभूति हुई है।
हमारे देश में राम संस्कृति की गहरी जड़े हैं। अयोध्या की पवित्र भूमि के बारे में पढ़ा था, यहां आकर बहुत ही अच्छा लगा। कीनिया की एलेक्जेंड्रिया ने कहा कि राम जी के बारे में सुना था, अयोध्या आकर उनका गौरव भी दिखाई दे रहा है। हनुमानगढ़ी में भी दर्शन कर जीवन धन्य हुआ। ट्रेनिंग के जरिए भारत की संसदीय कार्यप्रणाली के भी बारे में जानने का अवसर मिला है।