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जनता के सामने आनी चाहिए गुमनामी बाबा की पहचान
Updated Thu, 25 Jan 2018 12:34 AM IST
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जनता के सामने आनी चाहिए गुमनामी बाबा की पहचान
अयोध्या। अयोध्या पहुंची नेताजी सुभाषचंद्र बोस की प्रपौत्री जयंती रक्षित ने कहा कि गुमनामी बाबा के सामान को देखकर कहा जा सकता है कि गुमनामी बाबा कोई बड़ी शख्सियत थे। लेकिन वह नेताजी थे, इसे सिद्ध करना सरकार का काम है। कहा कि संग्रहालय में रखे अनेक चित्र व किताबें नेताजी की ओर इशारा करते हैं। कहा कि, गुमनामी बाबा की पहचान जनता के सामने आना चाहिए। मैं सिद्ध नहीं कर सकती कि गुमनामी बाबा ही नेता जी थे, लेकिन ज्यादातर सामान, किताबों पर किए गए उनके रिमार्क्स जरूर कुछ इशारा करते हैं।
नेताजी सुभाष चंद्रबोस के परिवारीजन बुधवार को अयोध्या पहुंचे और अंतरराष्ट्रीय रामकथा संग्रहालय में रखे गुमनामी बाबा के सामान को देखा। रामकथा संग्रहालय में गुमनामी बाबा के सामान के लिए बनी आर्ट गैलरी का बुधवार को उद्घाटन होना था लेकिन कार्यदायी संस्था की तकनीकी समिति द्वारा एनओसी न दिए जाने के कारण आर्ट गैलरी का उद्घाटन फिलहाल टल गया है। वहीं गुमनामी बाबा के परिवारीजनों ने स्पेशल अनुमति के बाद अयोध्या के रामकथा संग्रहालय पहुंचकर दो आर्ट गैलरियों में रखे गुमनामी बाबा के 425 सामान को करीब एक घंटे तक बारीकी से देखा। जयंती रक्षित सामान देखकर भावुक नजर आ रहीं थी। कहा कि सामान देखकर लगता है कि यह नेता जी ही थे। गुमनामी बाबा का किरदार आज भी रहस्य बना हुआ है। पहली बार अयोध्या आई हूँ। पहले गुमनामी बाबा को अखबारों के जरिए चित्रों आदि के माध्यम से देखा व जाना था। संग्रहालय में रखे गुमनामी से संबंधित ज्यादातर चित्र सुभाषचंद्र बोस के परिवार से जुड़े हैं। इस दौरान नेता जी की प्रपौत्री तापती घोष, अमिया रक्षित, मिशन नेता जी से जुड़े चंद्रचूड़ घोस, तर्कशास्त्री अधीर सोम भी मौजूद रहे।
बनाई जाए स्पेशल जांच टीम
नेता जी के परिवारीजनों के संग अयोध्या पहुंचे मिशन नेता जी से जुड़े चंद्रचूड़ घोष ने कहा कि हमने जस्टिस विष्णु सहाय आयोग की रिपोर्ट को खारिज करने की मांग सरकार से की है। कहा कि, आयोग ने जांच के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की है। कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि जांच आयोग में उच्च अधिकारी, विशेषज्ञ आदि सम्मिलत हों। विस्तृत वैज्ञानिक जांच की जाए। लेकिन ऐसा कुछ नहीं किया गया। मात्र 42 लोगों के बयान लिए गए और खानापूर्ति की गई। गुमनामी बाबा के सभी सामान की जांच की जानी चाहिए। कहा कि नेता जी के रहस्योद्घाटन के लिए स्पेशल जांच टीम बनाई जानी चाहिए।
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अयोध्या। अयोध्या पहुंची नेताजी सुभाषचंद्र बोस की प्रपौत्री जयंती रक्षित ने कहा कि गुमनामी बाबा के सामान को देखकर कहा जा सकता है कि गुमनामी बाबा कोई बड़ी शख्सियत थे। लेकिन वह नेताजी थे, इसे सिद्ध करना सरकार का काम है। कहा कि संग्रहालय में रखे अनेक चित्र व किताबें नेताजी की ओर इशारा करते हैं। कहा कि, गुमनामी बाबा की पहचान जनता के सामने आना चाहिए। मैं सिद्ध नहीं कर सकती कि गुमनामी बाबा ही नेता जी थे, लेकिन ज्यादातर सामान, किताबों पर किए गए उनके रिमार्क्स जरूर कुछ इशारा करते हैं।
नेताजी सुभाष चंद्रबोस के परिवारीजन बुधवार को अयोध्या पहुंचे और अंतरराष्ट्रीय रामकथा संग्रहालय में रखे गुमनामी बाबा के सामान को देखा। रामकथा संग्रहालय में गुमनामी बाबा के सामान के लिए बनी आर्ट गैलरी का बुधवार को उद्घाटन होना था लेकिन कार्यदायी संस्था की तकनीकी समिति द्वारा एनओसी न दिए जाने के कारण आर्ट गैलरी का उद्घाटन फिलहाल टल गया है। वहीं गुमनामी बाबा के परिवारीजनों ने स्पेशल अनुमति के बाद अयोध्या के रामकथा संग्रहालय पहुंचकर दो आर्ट गैलरियों में रखे गुमनामी बाबा के 425 सामान को करीब एक घंटे तक बारीकी से देखा। जयंती रक्षित सामान देखकर भावुक नजर आ रहीं थी। कहा कि सामान देखकर लगता है कि यह नेता जी ही थे। गुमनामी बाबा का किरदार आज भी रहस्य बना हुआ है। पहली बार अयोध्या आई हूँ। पहले गुमनामी बाबा को अखबारों के जरिए चित्रों आदि के माध्यम से देखा व जाना था। संग्रहालय में रखे गुमनामी से संबंधित ज्यादातर चित्र सुभाषचंद्र बोस के परिवार से जुड़े हैं। इस दौरान नेता जी की प्रपौत्री तापती घोष, अमिया रक्षित, मिशन नेता जी से जुड़े चंद्रचूड़ घोस, तर्कशास्त्री अधीर सोम भी मौजूद रहे।
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बनाई जाए स्पेशल जांच टीम
नेता जी के परिवारीजनों के संग अयोध्या पहुंचे मिशन नेता जी से जुड़े चंद्रचूड़ घोष ने कहा कि हमने जस्टिस विष्णु सहाय आयोग की रिपोर्ट को खारिज करने की मांग सरकार से की है। कहा कि, आयोग ने जांच के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की है। कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि जांच आयोग में उच्च अधिकारी, विशेषज्ञ आदि सम्मिलत हों। विस्तृत वैज्ञानिक जांच की जाए। लेकिन ऐसा कुछ नहीं किया गया। मात्र 42 लोगों के बयान लिए गए और खानापूर्ति की गई। गुमनामी बाबा के सभी सामान की जांच की जानी चाहिए। कहा कि नेता जी के रहस्योद्घाटन के लिए स्पेशल जांच टीम बनाई जानी चाहिए।
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