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शिक्षामित्र पत्नी पर जानलेवा हमला में 4 साल की सजा
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अयोध्या। शराब के लिए पैसे न देने पर शिक्षामित्र पत्नी को चाकू से गोद कर घायल करने के मामले में कोर्ट ने पति को चार साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। दोषी पर कोर्ट ने 27 हजार जुर्माना भी किया है।
फैसला फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय शैलेंद्र सिंह यादव की अदालत से हुआ। फौजदारी के अधिवक्ता निजामुद्दीन उर्फ सब्बन ने बताया कि वादी विजय बहादुर सिंह निवासी हसनू कटरा थाना कैंट की पुत्री शिक्षामित्र रागिनी सिंह से 29 जुलाई 2006 को सुबह पति राणा प्रताप ने शराब पीने के लिए पैसे मांगे।
पैसे न देने पर चाकू से गोदकर उसे मरणासन्न कर दिया। विवेचना में पुलिस ने रागिनी के बयान के आधार पर उसके जेठ राजमणि सिंह व जेठानी कुसुम सिंह को भी आरोपी बनाते हुए आरोप पत्र तीनों के खिलाफ अदालत में प्रस्तुत किया।
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कोर्ट में जेठ व जेठानी की ओर से आरोपों से उन्मोचित करने के लिए अर्जी दी गई। जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर सुनवाई के बाद पति राणा प्रताप को दोषी पाते हुए सजा दी।
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फैसला फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय शैलेंद्र सिंह यादव की अदालत से हुआ। फौजदारी के अधिवक्ता निजामुद्दीन उर्फ सब्बन ने बताया कि वादी विजय बहादुर सिंह निवासी हसनू कटरा थाना कैंट की पुत्री शिक्षामित्र रागिनी सिंह से 29 जुलाई 2006 को सुबह पति राणा प्रताप ने शराब पीने के लिए पैसे मांगे।
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पैसे न देने पर चाकू से गोदकर उसे मरणासन्न कर दिया। विवेचना में पुलिस ने रागिनी के बयान के आधार पर उसके जेठ राजमणि सिंह व जेठानी कुसुम सिंह को भी आरोपी बनाते हुए आरोप पत्र तीनों के खिलाफ अदालत में प्रस्तुत किया।
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कोर्ट में जेठ व जेठानी की ओर से आरोपों से उन्मोचित करने के लिए अर्जी दी गई। जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर सुनवाई के बाद पति राणा प्रताप को दोषी पाते हुए सजा दी।