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कॉल नहीं रिसीव करने वाले 15 स्कूलों से मांगा स्पष्टीकरण
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कॉल नहीं रिसीव करने वाले 15 स्कूलों से मांगा स्पष्टीकरण
अयोध्या। जिले के परिषदीय स्कूलों में शिक्षकों की हाजिरी के लिए चलाए जा रहे एसएमएस व मोबाइल कॉल कार्यक्रम के तहत कॉल रिसीव नहीं करने वाले 15 स्कूलों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अमिता सिंह ने तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण उपलब्ध कराने व संतोषजनक जवाब न मिलने पर कार्रवाई का निर्देश दिया है।
मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक आनंद ने जिले के परिषदीय प्राथमिक विद्यालय/उच्च प्राथमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापक, सहायक अध्यापक, शिक्षामित्र व अनुदेशकों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से एसएमएस उपस्थिति व मोबाइल कॉल कार्यक्रम संचालित किया है। जिसके तहत बीएसए कार्यालय पर एक कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया है।
प्रथम चरण में अमानीगंज व हैरिंग्टनगंज ब्लॉक में यह कार्यक्रम संचालित किया गया है। योजना के तहत कंट्रोल रूम से स्कूल में प्रतिदिन फोन किया जाता है और स्कूल के अन्य सभी कर्मचारियों से उसी फोन से वार्ता कराने को कहा जाता है। इस तरह संबंधित अध्यापक की विद्यालय में उपस्थिति सुनिश्चित कराई जाती है।
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इस व्यवस्था के तहत 14 जनवरी को उपस्थिति के लिए कंट्रोल रूम से की गई कॉल दोनों ब्लॉक के 15 विद्यालयों ने रिसीव नहीं की। जिसे घोर लापरवाही मानते हुए बीएसए अमिता सिंह ने दोनों ब्लॉक के खंड शिक्षा अधिकारियों को नोटिस देकर संबंधित स्कूलों से स्पष्टीकरण तीन दिवस के भीतर मांगा है। साथ ही संतोषजनक जवाब न देने पर संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई का निर्देश भी दिया है।
जिला प्रशासन की ओर से शिक्षक उपस्थिति के लिए शुरू किए गए इस प्रयोग से शिक्षकों में खासा आक्रोश है। शिक्षक संघ ने इस प्रणाली का पूर्णतया बहिष्कार करने का एलान किया है। उप्र प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष ने बीएसए अमिता सिंह को दिए पत्र में कहा है कि शिक्षकों को कॉल व एसएमएस न किए जाने पर सीडीओ कंट्रोल रूम से फोन पर धमकाया जा रहा है।
यदि इस प्रकार की गतिविधियां अविलंब रोकी न गईं तो शिक्षक अपने निजी मोबाइल नंबर को 22 जनवरी से बंद रखकर शिक्षण कार्य करेंगे। यदि निजी मोबाइल बंद करने से किसी सूचना के आदान-प्रदान या मध्याह्न भोजन संबंधी सूचना समय से प्राधिकरण को उपलब्ध नहीं होगी तो उसका उत्तरदायित्व विभाग का होगा।
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अयोध्या। जिले के परिषदीय स्कूलों में शिक्षकों की हाजिरी के लिए चलाए जा रहे एसएमएस व मोबाइल कॉल कार्यक्रम के तहत कॉल रिसीव नहीं करने वाले 15 स्कूलों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अमिता सिंह ने तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण उपलब्ध कराने व संतोषजनक जवाब न मिलने पर कार्रवाई का निर्देश दिया है।
मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक आनंद ने जिले के परिषदीय प्राथमिक विद्यालय/उच्च प्राथमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापक, सहायक अध्यापक, शिक्षामित्र व अनुदेशकों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से एसएमएस उपस्थिति व मोबाइल कॉल कार्यक्रम संचालित किया है। जिसके तहत बीएसए कार्यालय पर एक कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया है।
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प्रथम चरण में अमानीगंज व हैरिंग्टनगंज ब्लॉक में यह कार्यक्रम संचालित किया गया है। योजना के तहत कंट्रोल रूम से स्कूल में प्रतिदिन फोन किया जाता है और स्कूल के अन्य सभी कर्मचारियों से उसी फोन से वार्ता कराने को कहा जाता है। इस तरह संबंधित अध्यापक की विद्यालय में उपस्थिति सुनिश्चित कराई जाती है।
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इस व्यवस्था के तहत 14 जनवरी को उपस्थिति के लिए कंट्रोल रूम से की गई कॉल दोनों ब्लॉक के 15 विद्यालयों ने रिसीव नहीं की। जिसे घोर लापरवाही मानते हुए बीएसए अमिता सिंह ने दोनों ब्लॉक के खंड शिक्षा अधिकारियों को नोटिस देकर संबंधित स्कूलों से स्पष्टीकरण तीन दिवस के भीतर मांगा है। साथ ही संतोषजनक जवाब न देने पर संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई का निर्देश भी दिया है।
जिला प्रशासन की ओर से शिक्षक उपस्थिति के लिए शुरू किए गए इस प्रयोग से शिक्षकों में खासा आक्रोश है। शिक्षक संघ ने इस प्रणाली का पूर्णतया बहिष्कार करने का एलान किया है। उप्र प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष ने बीएसए अमिता सिंह को दिए पत्र में कहा है कि शिक्षकों को कॉल व एसएमएस न किए जाने पर सीडीओ कंट्रोल रूम से फोन पर धमकाया जा रहा है।
यदि इस प्रकार की गतिविधियां अविलंब रोकी न गईं तो शिक्षक अपने निजी मोबाइल नंबर को 22 जनवरी से बंद रखकर शिक्षण कार्य करेंगे। यदि निजी मोबाइल बंद करने से किसी सूचना के आदान-प्रदान या मध्याह्न भोजन संबंधी सूचना समय से प्राधिकरण को उपलब्ध नहीं होगी तो उसका उत्तरदायित्व विभाग का होगा।