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चंद्रग्रहण के चलते बंद रहे मंदिरों के कपाट
Updated Tue, 08 Aug 2017 12:04 AM IST
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दोपहर बाद श्रद्धालु नहीं कर सके आराध्य के दर्शन
अयोध्या। चंद्रग्रहण के चलते सोमवार दोपहर से रामनगरी में मंदिरों के कपाट बंद रहे। इसके चलते सावन मेले में आए लाखों श्रद्धालु अपराह्न बाद अपने आराध्य के दर्शन से वंचित रह गए।
चंद्रग्रहण के कारण सूतक लगने के चलते अपराह्न 01.52 बजे से ही मंदिरों के कपाट बंद हो गए। बड़ी संख्या में भक्त मंदिर की चौखट पर ही शीश झुकाकर लौट गए। रामलला, हनुमानगढ़ी, कनकभवन, नागेश्वरनाथ, क्षीरेश्वरनाथ सहित अन्य मंदिरों के पट सूतक लगते ही बंद कर दिए गए।
इससे बड़ी संख्या में श्रद्धालु दोपहर बाद अपने आराध्य के दर्शन नहीं कर पाए। अब सभी मंदिर मंगलवार सुबह अपने निर्धारित समय पर मंगला आरती के साथ खुलेंगे। हनुमानगढ़ी के पुजारी रमेश दास ने बताया कि, मंगलवार भोर चार बजे मंदिर की विधिवत सफाई के बाद हनुमान जी महाराज का भव्य शृंगार व आरती करके भक्तों के दर्शनार्थ पट खुलेंगे।
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रामजन्मभूमि के पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने बताया कि, ग्रहण के चलते दूसरी पाली में गर्भगृह बंद रहा, अब मंगलवार को पहली पाली से रामलला का दर्शन भक्तों को सुलभ हो सकेगा। वहीं, सोमवार को पहली पाली में लगभग 30 हजार श्रद्धालुओं ने रामलला के दरबार में हाजिरी लगाई।
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अयोध्या। चंद्रग्रहण के चलते सोमवार दोपहर से रामनगरी में मंदिरों के कपाट बंद रहे। इसके चलते सावन मेले में आए लाखों श्रद्धालु अपराह्न बाद अपने आराध्य के दर्शन से वंचित रह गए।
चंद्रग्रहण के कारण सूतक लगने के चलते अपराह्न 01.52 बजे से ही मंदिरों के कपाट बंद हो गए। बड़ी संख्या में भक्त मंदिर की चौखट पर ही शीश झुकाकर लौट गए। रामलला, हनुमानगढ़ी, कनकभवन, नागेश्वरनाथ, क्षीरेश्वरनाथ सहित अन्य मंदिरों के पट सूतक लगते ही बंद कर दिए गए।
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इससे बड़ी संख्या में श्रद्धालु दोपहर बाद अपने आराध्य के दर्शन नहीं कर पाए। अब सभी मंदिर मंगलवार सुबह अपने निर्धारित समय पर मंगला आरती के साथ खुलेंगे। हनुमानगढ़ी के पुजारी रमेश दास ने बताया कि, मंगलवार भोर चार बजे मंदिर की विधिवत सफाई के बाद हनुमान जी महाराज का भव्य शृंगार व आरती करके भक्तों के दर्शनार्थ पट खुलेंगे।
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रामजन्मभूमि के पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने बताया कि, ग्रहण के चलते दूसरी पाली में गर्भगृह बंद रहा, अब मंगलवार को पहली पाली से रामलला का दर्शन भक्तों को सुलभ हो सकेगा। वहीं, सोमवार को पहली पाली में लगभग 30 हजार श्रद्धालुओं ने रामलला के दरबार में हाजिरी लगाई।