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बाढ़ से राहत, कटान से आफत
Updated Mon, 10 Jul 2017 11:47 PM IST
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बाढ़ से राहत तो कटान से आफत
फैजाबाद। उफनाई सरयू का जलस्तर पिछले चौबीस घंटे से लाल निशान से 35 सेमी. नीचे स्थिर है। इसकी वजह बैराजों से पानी छोड़ने में आई कमी है। सिंचाई विभाग के मुताबिक, मंगलवार तक जलस्तर में मामूली कमी भी आ सकती है।
मगर लहरों के हिलोर से तटवर्ती इलाकों में भयंकर कटान हो ही है। जलस्तर घटने-बढ़ने से हालात और खराब होंगे। दो दर्जन गांवों में नदी रोजाना कई बीघे खेती की भूमि निगल ले रही है। प्रभावित गांवों से ग्रामीणों का पलायन जारी है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, सरयू में जलस्तर 24 घंटे से शांत है।
नदी रविवार दोपहर से ही 92.380 मीटर पर स्थिर है। जबकि खतरे का लाल निशान 92.730 मीटर है। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता जेपी यादव ने बताया कि बाराबंकी के एल्गिन ब्रिज पर सोमवार को 19 सेमी. जलस्तर कम हुआ है।
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एक सप्ताह से बरबसा ब्रिज पर प्रतिदिन एक लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था जो अब घटकर 57 हजार क्यूसेक हो गया है। यही नहीं गिरिजा बैराज से भी प्रतिदिन छोड़ा जा रहा एक लाख क्यूसेक पानी अब घटकर 95 हजार क्यूसेक हो गया है।
शारदा बैराज से नदी में छोड़ा जा रहा एक लाख 25 हजार क्यूसेक पानी अब घटकर मात्र 25 हजार क्यूसेक हो गया है। यदि मैदानी इलाकों में तेज बारिश नहीं हुई तो यहां मंगलवार को कुछ कमी दिख सकती है।
नदी में समाए दो मकान
रुदौली तहसील में रौनाही बंधे और नदी के बीच बसे गांव कैथी माझा में दो मकान और 24 घंटे में नदी में समा चुके हैं। लेकिन प्रशासन ने कोई राहत नहीं दी है। सुखराम ने बताया कि उसका मकान धारा में कटकर बह गया है, जबकि लल्लन ने कहा कि उसका भी घर बह गया है।
लेखपाल से लेकर कोई राजस्व कर्मी नदी की धाराओं से चारों तरफ से घिरे उनके मकानों के बहने का सर्वे करने नहीं आ रहे हैं। हालांकि इसके पहले जिला प्रशासन ने दो अन्य पीड़ित रामसागर और लल्लू को 41-41 सौ की राहत दी है।
सुखराम और लल्लन ने कहा कि नदी दोनों तरफ से गांव को घेरे हुए है, फिर कोई नाव तक का इंतजाम प्रशासन ने नहीं किया है। एक मात्र किराए की नाव से जैसे-तैसे बाढ़ से बचाव हो रही है। उधर, महंगूपुरवा, मुजेहना, सराय नासिर व अब्बूपुरवा की भूमि को नदी तेजी से कटान कर रही है।
वहीं बिल्वहरि बंधे के निकट बसे गांव सरायरासी व राय पहलवारा में खेती की जमीन कट रही है। एडीएम एमपी दूबे का कहना है कि राजस्व टीमों को मौके पर जाकर रिपोर्ट देने के निर्देश दिये गये हैं। रिपोर्ट के आधार पर पीड़ितों को मुआवजा मिलेगा।
कलेक्ट्रेट में बाढ़ कंट्रोल रूम स्थापित
फैजाबाद। जिला प्रशासन ने कलेक्ट्रेट में बाढ़ कंट्रोल रूम की स्थापना कर दी है। इसमें तैनाती के लिए कर्मचारियों की मांग की गई है। डीएम कार्यालय के मुताबिक बाढ़ कंट्रोल का फोन नंबर-05278-222798 है। इसमें तीन शिफ्ट में कर्मचारियों की तैनाती की जा रही है।
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फैजाबाद। उफनाई सरयू का जलस्तर पिछले चौबीस घंटे से लाल निशान से 35 सेमी. नीचे स्थिर है। इसकी वजह बैराजों से पानी छोड़ने में आई कमी है। सिंचाई विभाग के मुताबिक, मंगलवार तक जलस्तर में मामूली कमी भी आ सकती है।
मगर लहरों के हिलोर से तटवर्ती इलाकों में भयंकर कटान हो ही है। जलस्तर घटने-बढ़ने से हालात और खराब होंगे। दो दर्जन गांवों में नदी रोजाना कई बीघे खेती की भूमि निगल ले रही है। प्रभावित गांवों से ग्रामीणों का पलायन जारी है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, सरयू में जलस्तर 24 घंटे से शांत है।
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नदी रविवार दोपहर से ही 92.380 मीटर पर स्थिर है। जबकि खतरे का लाल निशान 92.730 मीटर है। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता जेपी यादव ने बताया कि बाराबंकी के एल्गिन ब्रिज पर सोमवार को 19 सेमी. जलस्तर कम हुआ है।
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एक सप्ताह से बरबसा ब्रिज पर प्रतिदिन एक लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था जो अब घटकर 57 हजार क्यूसेक हो गया है। यही नहीं गिरिजा बैराज से भी प्रतिदिन छोड़ा जा रहा एक लाख क्यूसेक पानी अब घटकर 95 हजार क्यूसेक हो गया है।
शारदा बैराज से नदी में छोड़ा जा रहा एक लाख 25 हजार क्यूसेक पानी अब घटकर मात्र 25 हजार क्यूसेक हो गया है। यदि मैदानी इलाकों में तेज बारिश नहीं हुई तो यहां मंगलवार को कुछ कमी दिख सकती है।
नदी में समाए दो मकान
रुदौली तहसील में रौनाही बंधे और नदी के बीच बसे गांव कैथी माझा में दो मकान और 24 घंटे में नदी में समा चुके हैं। लेकिन प्रशासन ने कोई राहत नहीं दी है। सुखराम ने बताया कि उसका मकान धारा में कटकर बह गया है, जबकि लल्लन ने कहा कि उसका भी घर बह गया है।
लेखपाल से लेकर कोई राजस्व कर्मी नदी की धाराओं से चारों तरफ से घिरे उनके मकानों के बहने का सर्वे करने नहीं आ रहे हैं। हालांकि इसके पहले जिला प्रशासन ने दो अन्य पीड़ित रामसागर और लल्लू को 41-41 सौ की राहत दी है।
सुखराम और लल्लन ने कहा कि नदी दोनों तरफ से गांव को घेरे हुए है, फिर कोई नाव तक का इंतजाम प्रशासन ने नहीं किया है। एक मात्र किराए की नाव से जैसे-तैसे बाढ़ से बचाव हो रही है। उधर, महंगूपुरवा, मुजेहना, सराय नासिर व अब्बूपुरवा की भूमि को नदी तेजी से कटान कर रही है।
वहीं बिल्वहरि बंधे के निकट बसे गांव सरायरासी व राय पहलवारा में खेती की जमीन कट रही है। एडीएम एमपी दूबे का कहना है कि राजस्व टीमों को मौके पर जाकर रिपोर्ट देने के निर्देश दिये गये हैं। रिपोर्ट के आधार पर पीड़ितों को मुआवजा मिलेगा।
कलेक्ट्रेट में बाढ़ कंट्रोल रूम स्थापित
फैजाबाद। जिला प्रशासन ने कलेक्ट्रेट में बाढ़ कंट्रोल रूम की स्थापना कर दी है। इसमें तैनाती के लिए कर्मचारियों की मांग की गई है। डीएम कार्यालय के मुताबिक बाढ़ कंट्रोल का फोन नंबर-05278-222798 है। इसमें तीन शिफ्ट में कर्मचारियों की तैनाती की जा रही है।