{"_id":"5d0a6aa18ebc3e5a265b2ac3","slug":"156096373115-faizabad-news183","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रधानमंत्री आवास आवंटन में धांधली का खुलासा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रधानमंत्री आवास आवंटन में धांधली का खुलासा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
तारुन। प्रधानमंत्री आवास आवंटन में धोखाधड़ी का खुलासा हो गया। इसको लेकर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई हो सकती है। हालांकि पुलिस ने कार्रवाई को लेकर विभागीय जांच की भी आवश्यकता बताई है। मामला तारुन ब्लॉक की ग्राम पंचायत फखरपुर का है।
पीड़ित राम सवारे यादव पुत्र संतराम ने पुलिस से शिकायत में आरोप लगाया था कि ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव ने धोखाधड़ी और कूटरचना कर वर्ष 2017-18 में उनके नाम के आवास का लाभ गांव के राम सवारे पुत्र राम सुख को दे दिया।
जबकि उनका नाम आवास की पात्रता सूची में नहीं है। प्रधान और ग्राम सचिव काफी दिन तक इसको लेकर गुमराह करते रहे। विभागीय वेबसाइट पर मौजूद सूची से इसकी जानकारी हुई।
विज्ञापन
इतना ही नहीं पीड़ित को आवास योजना से विभागीय कोरम में लाभान्वित भी कर दिया गया लेकिन सच में उसे कुछ नहीं मिला। इस धोखाधड़ी को लेकर प्रधान व सचिव खिलाफ कानूनी कार्रवाई के लिए राम सवारे यादव ने पुलिस से शिकायत की थी।
जांच अधिकारी उपनिरीक्षक मुकेश कुमार ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को भेजी जांच रिपोर्ट में कहा है कि पीड़ित का आरोप जांच में सही निकला है।
लेकिन मुकदमा पंजीकृत करने से पूर्व विभागीय जांच किया जाना आवश्यक और न्यायोचित होगा। उपनिरीक्षक मुकेश गुप्ता ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि इस मामले में मुकदमा दर्ज किया जाएगा। केवल एक बार विभागीय जांच भी हो जाए।
विज्ञापन
पीड़ित राम सवारे यादव पुत्र संतराम ने पुलिस से शिकायत में आरोप लगाया था कि ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव ने धोखाधड़ी और कूटरचना कर वर्ष 2017-18 में उनके नाम के आवास का लाभ गांव के राम सवारे पुत्र राम सुख को दे दिया।
विज्ञापन
जबकि उनका नाम आवास की पात्रता सूची में नहीं है। प्रधान और ग्राम सचिव काफी दिन तक इसको लेकर गुमराह करते रहे। विभागीय वेबसाइट पर मौजूद सूची से इसकी जानकारी हुई।
विज्ञापन
इतना ही नहीं पीड़ित को आवास योजना से विभागीय कोरम में लाभान्वित भी कर दिया गया लेकिन सच में उसे कुछ नहीं मिला। इस धोखाधड़ी को लेकर प्रधान व सचिव खिलाफ कानूनी कार्रवाई के लिए राम सवारे यादव ने पुलिस से शिकायत की थी।
जांच अधिकारी उपनिरीक्षक मुकेश कुमार ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को भेजी जांच रिपोर्ट में कहा है कि पीड़ित का आरोप जांच में सही निकला है।
लेकिन मुकदमा पंजीकृत करने से पूर्व विभागीय जांच किया जाना आवश्यक और न्यायोचित होगा। उपनिरीक्षक मुकेश गुप्ता ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि इस मामले में मुकदमा दर्ज किया जाएगा। केवल एक बार विभागीय जांच भी हो जाए।