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उतर पुस्तिकाओं के सैंपलिंग मूल्यांकन होंगे सार्वजनिक
Updated Sat, 30 Jun 2018 12:33 AM IST
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उत्तर पुस्तिकाओं के सैंपलिंग मूल्यांकन होंगे सार्वजनिक
फैजाबाद। अवध विश्वविद्यालय के कौटिल्य प्रशासनिक सभागार में शुक्रवार को कुलपति प्रो. मनोज दीक्षित की अध्यक्षता में परीक्षा समिति की महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में प्रमुख रूप से सात बिंदुओं पर चर्चा हुई। समिति ने मुख्य परीक्षा 2018 में घोषित परीक्षाफलों में कतिपय अनुत्तीर्ण छात्रों द्वारा पुनर्मूल्यांकन के संबंध में प्राप्त 400 प्रत्यावेदन के सापेक्ष इससे संबंधित उत्तर पुस्तिकाओं के सैंपलिंग मूल्यांकन बाहरी विशेषज्ञों से कराते हुए प्राप्त रिपोर्ट को सार्वजनिक किए जाने का निर्णय लिया गया।
बैठक में मुख्य परीक्षा 2018 में कुछ स्ववित्तपोषित महाविद्यालयों के बीएससी द्वितीय व तृतीय वर्ष के कम प्रतिशत के परिणामों के दृष्टिगत छात्रों की विशेष मांग पर परीक्षा समिति द्वारा बैक पेपर परीक्षा में स्नातक स्तर पर तीन के स्थान पर चार प्रश्न पत्रों में बैक परीक्षा की सुविधा छात्रों को प्रदान किये जाने का निर्णय लिया गया। इस बैक पेपर की परीक्षा में सिर्फ अनुत्तीर्ण छात्र ही सम्मिलित हो सकेंगे। इसे अंक बढ़ोतरी हेतु नहीं लागू किया जाएगा तथा भविष्य के लिए इसे नजीर के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जा सकता। अन्य बिंदुओं के निर्णय में परीक्षा समिति ने 18 मई से 28 जून के मध्य संपन्न शोध मौखिकी के आधार पर पीएचडी उपाधि प्रदान किये जाने का भी निर्णय लिया गया। बैठक में परीक्षा नियंत्रक एसएल पाल, महाविद्यालय शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. विनय प्रताप सिंह, महामंत्री डॉ. हेमंत सिंह, अधिष्ठाता विज्ञान संकाय प्रो. आरके तिवारी, प्रो. एसएन शुक्ल, प्रो. एमपी सिंह आदि मौजूद रहे।
प्रो. एसएन शुक्ल को कुलसचिव और प्रो. एमपी सिंह को परीक्षा नियंत्रक का कार्यभार
अवध विश्वविद्यालय के कुलपति ने शुक्रवार को दो अहम निर्णय लिए। कुलसचिव और परीक्षा नियंत्रक जैसे खाली हुए प्रशासनिक पदों पर दो प्रोफेसरों को जिम्मेदारी सौंपी। शासन से नए अधिकारियों के आने तक वे कार्यवाह का निर्वहन करेंगे। विवि में प्रोफेसरों को राज्य सरकार के अधीन नियुक्ति के प्रशासनिक पदों पर किसी कुलपति की ओर से शिक्षकों को कार्यभार देने का यहां पहला मामला है। कुलपति की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि अवध विश्वविद्यालय में कार्यरत परीक्षा नियंत्रक व कुलसचिव का पदभार देख रहे एसएल पाल का स्थानांतरण छत्रपति शाहू जी महाराज कानपुर विश्वविद्यालय हो गया था। वे शुक्रवार को नये दायित्व हेतु कानपुर के लिए रवाना हुए। इसके बाद विश्वविद्यालय के कुलसचिव के पद का दायित्व प्रो. एसएन शुक्ल को और परीक्षा नियंत्रक का कार्यभार प्रो. एमपी सिंह को सौंपा गया है।
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फैजाबाद। अवध विश्वविद्यालय के कौटिल्य प्रशासनिक सभागार में शुक्रवार को कुलपति प्रो. मनोज दीक्षित की अध्यक्षता में परीक्षा समिति की महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में प्रमुख रूप से सात बिंदुओं पर चर्चा हुई। समिति ने मुख्य परीक्षा 2018 में घोषित परीक्षाफलों में कतिपय अनुत्तीर्ण छात्रों द्वारा पुनर्मूल्यांकन के संबंध में प्राप्त 400 प्रत्यावेदन के सापेक्ष इससे संबंधित उत्तर पुस्तिकाओं के सैंपलिंग मूल्यांकन बाहरी विशेषज्ञों से कराते हुए प्राप्त रिपोर्ट को सार्वजनिक किए जाने का निर्णय लिया गया।
बैठक में मुख्य परीक्षा 2018 में कुछ स्ववित्तपोषित महाविद्यालयों के बीएससी द्वितीय व तृतीय वर्ष के कम प्रतिशत के परिणामों के दृष्टिगत छात्रों की विशेष मांग पर परीक्षा समिति द्वारा बैक पेपर परीक्षा में स्नातक स्तर पर तीन के स्थान पर चार प्रश्न पत्रों में बैक परीक्षा की सुविधा छात्रों को प्रदान किये जाने का निर्णय लिया गया। इस बैक पेपर की परीक्षा में सिर्फ अनुत्तीर्ण छात्र ही सम्मिलित हो सकेंगे। इसे अंक बढ़ोतरी हेतु नहीं लागू किया जाएगा तथा भविष्य के लिए इसे नजीर के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जा सकता। अन्य बिंदुओं के निर्णय में परीक्षा समिति ने 18 मई से 28 जून के मध्य संपन्न शोध मौखिकी के आधार पर पीएचडी उपाधि प्रदान किये जाने का भी निर्णय लिया गया। बैठक में परीक्षा नियंत्रक एसएल पाल, महाविद्यालय शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. विनय प्रताप सिंह, महामंत्री डॉ. हेमंत सिंह, अधिष्ठाता विज्ञान संकाय प्रो. आरके तिवारी, प्रो. एसएन शुक्ल, प्रो. एमपी सिंह आदि मौजूद रहे।
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प्रो. एसएन शुक्ल को कुलसचिव और प्रो. एमपी सिंह को परीक्षा नियंत्रक का कार्यभार
अवध विश्वविद्यालय के कुलपति ने शुक्रवार को दो अहम निर्णय लिए। कुलसचिव और परीक्षा नियंत्रक जैसे खाली हुए प्रशासनिक पदों पर दो प्रोफेसरों को जिम्मेदारी सौंपी। शासन से नए अधिकारियों के आने तक वे कार्यवाह का निर्वहन करेंगे। विवि में प्रोफेसरों को राज्य सरकार के अधीन नियुक्ति के प्रशासनिक पदों पर किसी कुलपति की ओर से शिक्षकों को कार्यभार देने का यहां पहला मामला है। कुलपति की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि अवध विश्वविद्यालय में कार्यरत परीक्षा नियंत्रक व कुलसचिव का पदभार देख रहे एसएल पाल का स्थानांतरण छत्रपति शाहू जी महाराज कानपुर विश्वविद्यालय हो गया था। वे शुक्रवार को नये दायित्व हेतु कानपुर के लिए रवाना हुए। इसके बाद विश्वविद्यालय के कुलसचिव के पद का दायित्व प्रो. एसएन शुक्ल को और परीक्षा नियंत्रक का कार्यभार प्रो. एमपी सिंह को सौंपा गया है।
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