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स्कूल नहीं पहुंचे शिक्षक, ग्रामीणों का हंगामा
Updated Wed, 06 Sep 2017 11:48 PM IST
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मवई शिक्षा क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय दुल्लापुर का मामला
मवई (फैजाबाद)। मवई शिक्षा क्षेत्र में शिक्षकों की लापरवाही थमने का नाम नहीं ले रही है। बुधवार सुबह काफी देर तक दुल्लापुर प्राथमिक स्कूल में जब कोई शिक्षिका नहीं पहुंची तो ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया। हद तो तब हो गई जब बीईओ के पहुंचने के बाद भी वहां तैनात तीन में से कोई भी शिक्षिका मौके पर नहीं पहुंची।
बीईओ ने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर अन्य स्कूल से अध्यापक बुलाया और शिक्षण कार्य शुरू कराया। इसके बाद लापरवाह शिक्षिकाओं के निलंबन के लिए बीएसए को पत्र भी लिखा। बुधवार की सुबह बच्चे बस्ता लेकर पढ़ाई करने स्कूल पहुंचे।
बड़ी देर तक इंतजार करने के बाद भी यहां तैनात तीन शिक्षिकाओं में से कोई नहीं पहुंचा तो ग्रामीण आक्रोशित हो गए और हंगामा शुरू कर दिया। सूचना पर बीईओ अरुण वर्मा भी पहुंचे और ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत कराया।
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इसके बाद बगल के विद्यालय से शिक्षक बुलाकर पठन-पाठन शुरू कराया। ग्रामीण गुड्डन, मित्रसेन, सुनील, बृजेश, लल्लन समेत तमाम अभिभावकों और ग्रामीणों का आरोप है कि प्राथमिक विद्यालय दुल्लापुर की प्रधानाध्यापिका सुमन चंद्रा अपने कार्य व व्यवहार को लेकर पहले से ही चर्चा में रही हैं।
स्कूल में देर से आना, जल्दी जाना इनकी फितरत सी बन गई है। 5 सितंबर को जहां सभी स्कूलों में शिक्षक दिवस मनाया जा रहा था, वहीं ये इस दिन भी बगैर सूचना स्कूल से नदारद रहीं। इस विद्यालय में इनके अलावा दो शिक्षामित्रों की तैनाती है, जो इन दिनों अक्सर धरना-प्रदर्शन में रहती हैं।
इन तमाम कारणों से इस स्कूल की शिक्षण व्यवस्था बेपटरी हो गई है। ग्राम प्रधान पति उदयराज ने बताया कि पूछने पर प्रधानाध्यापिका ने बताया कि वे अवकाश पर हैं। इस बारे में खंड शिक्षा अधिकारी अरुण वर्मा ने बताया कि प्रधानाध्यापिका सुमन चंद्रा बिना सूचना के नदारद हैं। तैनात सभी शिक्षिकाओं के निलंबन की संस्तुति की गई है।
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मवई (फैजाबाद)। मवई शिक्षा क्षेत्र में शिक्षकों की लापरवाही थमने का नाम नहीं ले रही है। बुधवार सुबह काफी देर तक दुल्लापुर प्राथमिक स्कूल में जब कोई शिक्षिका नहीं पहुंची तो ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया। हद तो तब हो गई जब बीईओ के पहुंचने के बाद भी वहां तैनात तीन में से कोई भी शिक्षिका मौके पर नहीं पहुंची।
बीईओ ने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर अन्य स्कूल से अध्यापक बुलाया और शिक्षण कार्य शुरू कराया। इसके बाद लापरवाह शिक्षिकाओं के निलंबन के लिए बीएसए को पत्र भी लिखा। बुधवार की सुबह बच्चे बस्ता लेकर पढ़ाई करने स्कूल पहुंचे।
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बड़ी देर तक इंतजार करने के बाद भी यहां तैनात तीन शिक्षिकाओं में से कोई नहीं पहुंचा तो ग्रामीण आक्रोशित हो गए और हंगामा शुरू कर दिया। सूचना पर बीईओ अरुण वर्मा भी पहुंचे और ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत कराया।
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इसके बाद बगल के विद्यालय से शिक्षक बुलाकर पठन-पाठन शुरू कराया। ग्रामीण गुड्डन, मित्रसेन, सुनील, बृजेश, लल्लन समेत तमाम अभिभावकों और ग्रामीणों का आरोप है कि प्राथमिक विद्यालय दुल्लापुर की प्रधानाध्यापिका सुमन चंद्रा अपने कार्य व व्यवहार को लेकर पहले से ही चर्चा में रही हैं।
स्कूल में देर से आना, जल्दी जाना इनकी फितरत सी बन गई है। 5 सितंबर को जहां सभी स्कूलों में शिक्षक दिवस मनाया जा रहा था, वहीं ये इस दिन भी बगैर सूचना स्कूल से नदारद रहीं। इस विद्यालय में इनके अलावा दो शिक्षामित्रों की तैनाती है, जो इन दिनों अक्सर धरना-प्रदर्शन में रहती हैं।
इन तमाम कारणों से इस स्कूल की शिक्षण व्यवस्था बेपटरी हो गई है। ग्राम प्रधान पति उदयराज ने बताया कि पूछने पर प्रधानाध्यापिका ने बताया कि वे अवकाश पर हैं। इस बारे में खंड शिक्षा अधिकारी अरुण वर्मा ने बताया कि प्रधानाध्यापिका सुमन चंद्रा बिना सूचना के नदारद हैं। तैनात सभी शिक्षिकाओं के निलंबन की संस्तुति की गई है।