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तीन चरणों में बंद होंगे पालीथिन सहित न सड़ने वाले उत्पाद
Updated Wed, 11 Jul 2018 10:49 PM IST
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50 माइक्रॉन से कम वाली पॉलीथिन 15 से होगी बंद
फैजाबाद। पर्यावरण प्रदूषण से बचाव के लिए पॉलीथिन सहित न सड़ने वाले उत्पादों को तीन चरणों में प्रतिबंधित किए जाएंगे। जिलाधिकारी डॉ. अनिल कुमार ने बुधवार को इसकी घोषणा की। कहा कि पहले चरण में 50 माइक्रॉन से कम वाली पॉलीथिन का प्रचलन 15 जुलाई से बंद हो जाएगा। 15 अगस्त से थर्मोकोल और प्लास्टिक से बने सामानों को बंद किया जाएगा। तीसरे चरण में न सड़ने वाले उत्पादों की निर्माण, बिक्री और प्रयोग 2 अक्तूबर से बंद कर दिया जाएगा। इसे प्रभावी बनाने के लिए जिले में टीमों का गठन किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि पॉलीथिन, प्लास्टिक के प्रयोग से न केवल पर्यावरण को क्षति हो रही है बल्कि इससे जानवरों की सेहत को भी नुकसान पहुंच रहा है। नाले-नालियां चोक हो रहे हैं। इसके धुएं से लोगों को दिक्कत है। ऐसे में प्रदेश सरकार ने तीन चरणों में इन्हें बंद करने का निर्देश दिया है। कहा कि स्वच्छता के साथ पर्यावरण बेहतर करने के लिए 15 जुलाई से पर्यावरण और स्वच्छता पखवारा चलाया जाएगा। डीएफओ रवि कुमार सिंह ने बताया कि 15 जुलाई से शुरू हो रहे पखवारे में सरयू और गोमती के तटीय क्षेत्र में 77 स्थानों पर 17 हेक्टेयर में पौधरोपण किया जाएगा। समदा झील के किनारे 11 हजार फलदार पौधे रोपे जाएंगे। इसी तरह उधैला और सिंहनाथन झील के जीर्णोद्धार के साथ पौधरोपण किया जाएगा। उन्होंने पौधरोपण को लेकर अनुदान योजना के बारे में जानकारी दी।
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फैजाबाद। पर्यावरण प्रदूषण से बचाव के लिए पॉलीथिन सहित न सड़ने वाले उत्पादों को तीन चरणों में प्रतिबंधित किए जाएंगे। जिलाधिकारी डॉ. अनिल कुमार ने बुधवार को इसकी घोषणा की। कहा कि पहले चरण में 50 माइक्रॉन से कम वाली पॉलीथिन का प्रचलन 15 जुलाई से बंद हो जाएगा। 15 अगस्त से थर्मोकोल और प्लास्टिक से बने सामानों को बंद किया जाएगा। तीसरे चरण में न सड़ने वाले उत्पादों की निर्माण, बिक्री और प्रयोग 2 अक्तूबर से बंद कर दिया जाएगा। इसे प्रभावी बनाने के लिए जिले में टीमों का गठन किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि पॉलीथिन, प्लास्टिक के प्रयोग से न केवल पर्यावरण को क्षति हो रही है बल्कि इससे जानवरों की सेहत को भी नुकसान पहुंच रहा है। नाले-नालियां चोक हो रहे हैं। इसके धुएं से लोगों को दिक्कत है। ऐसे में प्रदेश सरकार ने तीन चरणों में इन्हें बंद करने का निर्देश दिया है। कहा कि स्वच्छता के साथ पर्यावरण बेहतर करने के लिए 15 जुलाई से पर्यावरण और स्वच्छता पखवारा चलाया जाएगा। डीएफओ रवि कुमार सिंह ने बताया कि 15 जुलाई से शुरू हो रहे पखवारे में सरयू और गोमती के तटीय क्षेत्र में 77 स्थानों पर 17 हेक्टेयर में पौधरोपण किया जाएगा। समदा झील के किनारे 11 हजार फलदार पौधे रोपे जाएंगे। इसी तरह उधैला और सिंहनाथन झील के जीर्णोद्धार के साथ पौधरोपण किया जाएगा। उन्होंने पौधरोपण को लेकर अनुदान योजना के बारे में जानकारी दी।
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