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वायरल बुखार से दो की मौत, कई बीमार
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इटावा/बकेवर/जसवंतनगर। जिले के जसवंत नगर और बकेवर क्षेत्र में शुक्रवार को वायरल बुखार से दो लोगों की जान चली गई। शहर के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में तमाम लोग डेंगू और वायरल बुखार से अभी भी जूझ रहे हैं।
कई तो निजी व सरकारी अस्पतालों में भर्ती हैं। इतना ही स्वास्थ्य विभाग के तमाम दावों के बाद भी अस्पतालों में बुखार व डेंगू के मरीजों का बड़ी संख्या में भर्ती होना जारी है।
सैफई में शुक्रवार को डेंगू के 15 नए मरीजों को उपचार के लिए भर्ती किया गया। बकेवर थाना क्षेत्र के बिजौली गांव निवासी अशर्फीलाल राजपूत के बेटे देव राजपूत (9) को चार दिन से बुखार आ रहा था।
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परिजनों ने उसका बकेवर, लखना, औरैया जिले के निजी डॉक्टरों से उपचार कराया, लेकिन उसकी तबीयत में सुधार नहीं हुआ। शुक्रवार की सुबह देव की हालत बिगड़ गई।
परिजनों फौरन उसे औरैया के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। वहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। सोमवार को देव के चाचा मुकेश राजपूत की भी बुखार से मौत हो गई थी।
उधर, जसवंतनगर थाना क्षेत्र के नगला हुसली गांव निवासी सोबरन सिंह (45) को पांच दिनों से तेज बुखार आ रहा था। परिजनों ने उन्हें जसवंतनगर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था।
हालत बिगड़ने पर डॉक्टर ने उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया था। बृहस्पतिवार की रात जिला अस्पताल में ही सोबरन सिंह की उपचार के दौरान मौत हो गई। जसवंत नगर क्षेत्र में बुखार से मौतों के सिलसिला कई दिनों से चल रहा है। अब तक 12 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।
सैफई में डेंगू के 15 नए मरीज भर्ती
सैफई। मेडिकल यूनिवर्सिटी की ओपीडी में शुक्रवार को बुखार के 112 मरीज देखे गए, जबकि, डेंगू के 15 नए मरीज को भर्ती किए गए। चिकित्सा अधीक्षक प्रोफेसर डॉ. आदेश कुमार ने बताया कि शुक्रवार को अस्पताल से डेंगू के 21 मरीजों की छुट्टी की गई।
इस समय 57 डेंगू के मरीज भर्ती हैं। शुक्रवार को इटावा के डेंगू के 6 नए मरीज भर्ती हुए, जबकि 10 डेंगू मरीजों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। इटावा के 34 डेंगू मरीज भर्ती है। इसके अलावा औरैया, फिरोजाबाद, मैनपुरी, एटा समेत आसपास के कई जिलों के मरीज यहां भर्ती हैं।
यूनिवर्सिटी में आने वाले मरीजों की लाइन सुबह सात बजे ओपीडी खुलने से पहले ही लग जाती है। मरीज कतार में खड़े होकर पहले पर्चा बनवाते हैं और फिर डॉक्टर को दिखाने के लिए लंबी लाइन में खड़े रहते हैं।
दो कक्ष में चार-चार डॉक्टरों टीम मरीजों को देख रही है। इसके बाद भी ओपीडी में मरीजों की संख्या में कमी नहीं हो रही है।
जिला अस्पताल में आए 1052 मरीज
जिला अस्पताल में शुक्रवार को 1052 मरीज दिखाने आए। इनमें 680 मरीज बुखार और डेंगू लक्षण वाले थे। डॉक्टर ने इनमें 500 की ब्लड की जांच कराई। डेंगू की 150 मरीजों की रैपिड जांच कराई। 20 सैंपल जांच के लिए सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी भेजे गए हैं।
बिजौली गांव में सौ से ज्यादा बीमार
बकेवर। हाईवे के किनारे स्थित बिजौली गांव में मलेरिया, वायरल व डेंगू बुखार ने पांव पसार रखे हैं। गांव में सौ से अधिक लोग बीमार हैं। कई घरों में तो पूरा परिवार बीमार है। माता-पिता का उपचार किसी अस्पताल में चल रहा है, तो बच्चे का दूसरे अस्पताल में।
बीमारी के चलते कहीं पड़ोसी, तो कोई दूसरा परिवार का देखरेख कर रहा है। स्वास्थ्य विभाग बिजौली गांव में फैले बुखार से अनभिज्ञ बना है। बिजौली गांव के अशर्फी लाल के नौ साल के बेटे देव की शुक्रवार को बुखार से मौत हो गई।
अशर्फी लाल की पत्नी रानी देवी, बेटियां चांदनी व वैष्णवी बुखार से जूझ रही हैं। अशर्फीलाल को भी बुखार आ रहा है। अशर्फीलाल के छोटे भाई मुकेश राजपूत की सोमवार को बुखार से मौत हो गई थी।
इसी क्षेत्र के प्रदीप, उनकी पत्नी सुभद्रा को बुखार आ रहा है। सत्येंद्र व उनकी पत्नी संगीता, तीन बेटियों को बुखार आ रहा है। सत्येंद्र और उनकी पत्नी संगीता का इटावा के एक निजी अस्पताल में भर्ती हैं, जबकि बेटियों का लखना के एक निजी अस्पताल में उपचार चल रहा है।
प्रेम सिंह की बेटी बेटी रश्मि, लाल सिंह, रोजगार सेवक अमित शर्मा भी बुखार से पीड़ित हैं। बुखार से पीड़ित लोगों ने यह नाम तो बानगी भर है, लेकिन यहां 100 से अधिक लोग बीमार बताए गए हैं।
नहीं है डॉक्टर
बकेवर। बिजौली गांव में पीएचसी है, लेकिन वहां पर कोई डॉक्टर तैनात नहीं है। मान सिंह कल्लू, रामवती समेत कई ग्रामीणों ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम दो दिन पूर्व गांव में आई थी।
टीम ने बीमार लोगों का ब्लड सैंपल लेकर जांच की, लेकिन रिपोर्ट अभी तक नहीं मिली। पूछने पर बताया गया कि इकदिल स्थित निजी क्लीनिक पर आकर रिपोर्ट ले जाना। इस संबंध मेहवा सीएचसी प्रभारी डॉ. गौरव त्रिपाठी ने बताया कि वायरल फैला है।
बिजौली गांव में तीन से चार बार टीम भेजी गई है। लोगों के चेकअप किए। उन्हें दवाइयां भी दी गई है। एक डॉक्टर के अपने निजी क्लीनिक के कार्ड देकर लोगों को क्लीनिक पर बुलाने की शिकायत मिली है।
आठ लोगों की हो चुकी मौत
बकेवर। बिजौली गांव में डेंगू, वायरल के चलते आठ लोगों मौत हो चुकी है। इससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। मृतकों में मुकेश राजपूत, देव राजपूत, अर्चना, विमला देवी, भोले उर्फ आदर्श, लाखन सिंह दोहरे उर्फ सकटू, नफीसा, वैजयंती शामिल हैं।
कई लोग तो घर छोड़कर चले गए
बकेवर। बुखार से हुई मौतों के चलते कुछ लोग परिवार समेत गांव से पलायन कर बाहर चले गए हैं। गांव के ही कृष्ण कुमार उर्फ काके गांव में फैली बीमारी के चलते पत्नी-बच्चों समेत कहीं बाहर रहने चले गए हैं। जगत सिंह बीमारी के चलते अपनी पत्नी-बच्चों के साथ चले गए।
कम संख्या में स्कूल पहुंच रहे बच्चे
बकेवर। बीमारी के चलते बच्चे स्कूल में पढ़ने नहीं जा रहे हैं। बिजौली स्थित कम्पोजिट विद्यालय की सहायक शिक्षिका निधि पांडेय ने बताया कि गांव में बुखार के फैलने से स्कूल में बच्चों की उपस्थित बहुत कम है।
विद्यालय में छात्र संख्या तीन सौ से अधिक है, लेकिन पिछले एक सप्ताह से 30, 40 बच्चे ही स्कूल आ रहे हैं। अभिभावक बच्चों को स्कूल नहीं भेज रहे हैं।
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कई तो निजी व सरकारी अस्पतालों में भर्ती हैं। इतना ही स्वास्थ्य विभाग के तमाम दावों के बाद भी अस्पतालों में बुखार व डेंगू के मरीजों का बड़ी संख्या में भर्ती होना जारी है।
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सैफई में शुक्रवार को डेंगू के 15 नए मरीजों को उपचार के लिए भर्ती किया गया। बकेवर थाना क्षेत्र के बिजौली गांव निवासी अशर्फीलाल राजपूत के बेटे देव राजपूत (9) को चार दिन से बुखार आ रहा था।
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परिजनों ने उसका बकेवर, लखना, औरैया जिले के निजी डॉक्टरों से उपचार कराया, लेकिन उसकी तबीयत में सुधार नहीं हुआ। शुक्रवार की सुबह देव की हालत बिगड़ गई।
परिजनों फौरन उसे औरैया के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। वहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। सोमवार को देव के चाचा मुकेश राजपूत की भी बुखार से मौत हो गई थी।
उधर, जसवंतनगर थाना क्षेत्र के नगला हुसली गांव निवासी सोबरन सिंह (45) को पांच दिनों से तेज बुखार आ रहा था। परिजनों ने उन्हें जसवंतनगर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था।
हालत बिगड़ने पर डॉक्टर ने उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया था। बृहस्पतिवार की रात जिला अस्पताल में ही सोबरन सिंह की उपचार के दौरान मौत हो गई। जसवंत नगर क्षेत्र में बुखार से मौतों के सिलसिला कई दिनों से चल रहा है। अब तक 12 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।
सैफई में डेंगू के 15 नए मरीज भर्ती
सैफई। मेडिकल यूनिवर्सिटी की ओपीडी में शुक्रवार को बुखार के 112 मरीज देखे गए, जबकि, डेंगू के 15 नए मरीज को भर्ती किए गए। चिकित्सा अधीक्षक प्रोफेसर डॉ. आदेश कुमार ने बताया कि शुक्रवार को अस्पताल से डेंगू के 21 मरीजों की छुट्टी की गई।
इस समय 57 डेंगू के मरीज भर्ती हैं। शुक्रवार को इटावा के डेंगू के 6 नए मरीज भर्ती हुए, जबकि 10 डेंगू मरीजों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। इटावा के 34 डेंगू मरीज भर्ती है। इसके अलावा औरैया, फिरोजाबाद, मैनपुरी, एटा समेत आसपास के कई जिलों के मरीज यहां भर्ती हैं।
यूनिवर्सिटी में आने वाले मरीजों की लाइन सुबह सात बजे ओपीडी खुलने से पहले ही लग जाती है। मरीज कतार में खड़े होकर पहले पर्चा बनवाते हैं और फिर डॉक्टर को दिखाने के लिए लंबी लाइन में खड़े रहते हैं।
दो कक्ष में चार-चार डॉक्टरों टीम मरीजों को देख रही है। इसके बाद भी ओपीडी में मरीजों की संख्या में कमी नहीं हो रही है।
जिला अस्पताल में आए 1052 मरीज
जिला अस्पताल में शुक्रवार को 1052 मरीज दिखाने आए। इनमें 680 मरीज बुखार और डेंगू लक्षण वाले थे। डॉक्टर ने इनमें 500 की ब्लड की जांच कराई। डेंगू की 150 मरीजों की रैपिड जांच कराई। 20 सैंपल जांच के लिए सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी भेजे गए हैं।
बिजौली गांव में सौ से ज्यादा बीमार
बकेवर। हाईवे के किनारे स्थित बिजौली गांव में मलेरिया, वायरल व डेंगू बुखार ने पांव पसार रखे हैं। गांव में सौ से अधिक लोग बीमार हैं। कई घरों में तो पूरा परिवार बीमार है। माता-पिता का उपचार किसी अस्पताल में चल रहा है, तो बच्चे का दूसरे अस्पताल में।
बीमारी के चलते कहीं पड़ोसी, तो कोई दूसरा परिवार का देखरेख कर रहा है। स्वास्थ्य विभाग बिजौली गांव में फैले बुखार से अनभिज्ञ बना है। बिजौली गांव के अशर्फी लाल के नौ साल के बेटे देव की शुक्रवार को बुखार से मौत हो गई।
अशर्फी लाल की पत्नी रानी देवी, बेटियां चांदनी व वैष्णवी बुखार से जूझ रही हैं। अशर्फीलाल को भी बुखार आ रहा है। अशर्फीलाल के छोटे भाई मुकेश राजपूत की सोमवार को बुखार से मौत हो गई थी।
इसी क्षेत्र के प्रदीप, उनकी पत्नी सुभद्रा को बुखार आ रहा है। सत्येंद्र व उनकी पत्नी संगीता, तीन बेटियों को बुखार आ रहा है। सत्येंद्र और उनकी पत्नी संगीता का इटावा के एक निजी अस्पताल में भर्ती हैं, जबकि बेटियों का लखना के एक निजी अस्पताल में उपचार चल रहा है।
प्रेम सिंह की बेटी बेटी रश्मि, लाल सिंह, रोजगार सेवक अमित शर्मा भी बुखार से पीड़ित हैं। बुखार से पीड़ित लोगों ने यह नाम तो बानगी भर है, लेकिन यहां 100 से अधिक लोग बीमार बताए गए हैं।
नहीं है डॉक्टर
बकेवर। बिजौली गांव में पीएचसी है, लेकिन वहां पर कोई डॉक्टर तैनात नहीं है। मान सिंह कल्लू, रामवती समेत कई ग्रामीणों ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम दो दिन पूर्व गांव में आई थी।
टीम ने बीमार लोगों का ब्लड सैंपल लेकर जांच की, लेकिन रिपोर्ट अभी तक नहीं मिली। पूछने पर बताया गया कि इकदिल स्थित निजी क्लीनिक पर आकर रिपोर्ट ले जाना। इस संबंध मेहवा सीएचसी प्रभारी डॉ. गौरव त्रिपाठी ने बताया कि वायरल फैला है।
बिजौली गांव में तीन से चार बार टीम भेजी गई है। लोगों के चेकअप किए। उन्हें दवाइयां भी दी गई है। एक डॉक्टर के अपने निजी क्लीनिक के कार्ड देकर लोगों को क्लीनिक पर बुलाने की शिकायत मिली है।
आठ लोगों की हो चुकी मौत
बकेवर। बिजौली गांव में डेंगू, वायरल के चलते आठ लोगों मौत हो चुकी है। इससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। मृतकों में मुकेश राजपूत, देव राजपूत, अर्चना, विमला देवी, भोले उर्फ आदर्श, लाखन सिंह दोहरे उर्फ सकटू, नफीसा, वैजयंती शामिल हैं।
कई लोग तो घर छोड़कर चले गए
बकेवर। बुखार से हुई मौतों के चलते कुछ लोग परिवार समेत गांव से पलायन कर बाहर चले गए हैं। गांव के ही कृष्ण कुमार उर्फ काके गांव में फैली बीमारी के चलते पत्नी-बच्चों समेत कहीं बाहर रहने चले गए हैं। जगत सिंह बीमारी के चलते अपनी पत्नी-बच्चों के साथ चले गए।
कम संख्या में स्कूल पहुंच रहे बच्चे
बकेवर। बीमारी के चलते बच्चे स्कूल में पढ़ने नहीं जा रहे हैं। बिजौली स्थित कम्पोजिट विद्यालय की सहायक शिक्षिका निधि पांडेय ने बताया कि गांव में बुखार के फैलने से स्कूल में बच्चों की उपस्थित बहुत कम है।
विद्यालय में छात्र संख्या तीन सौ से अधिक है, लेकिन पिछले एक सप्ताह से 30, 40 बच्चे ही स्कूल आ रहे हैं। अभिभावक बच्चों को स्कूल नहीं भेज रहे हैं।