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सड़क हादसे में दूल्हे के दो भाइयों की मौत
ब्यूरो/अमर उजाला, इटावा
Updated Wed, 18 Feb 2015 12:21 AM IST
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उदी-बाह मार्ग पर पछायगांव क्षेत्र के जैतपुरा के पास तेज रफ्तार कार ने बाइक से जा रहे तीन युवकों को रौंद दिया। इस हादसे में दो भाइयों की मौत हो गई, जबकि उनका दोस्त गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे की खबर से परिवार में कोहराम मच गया। शादी की खुशियां मातम में बदल गईं।
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पछायगांव थाना क्षेत्र के गांव सरायताल निवासी वीरेंद्र सिंह के बेटे विजय की शादी उदी गांव निवासी शिवराम प्रजापति की बेटी पूनम के साथ तय हुई थी। सोमवार को धूमधाम से बारात सरायताल से वधू के दरवाजे पर उदी गांव पहुंची। रात करीब 9 बजे बारात चढ़ने की तैयारी हो रही थी कि पता चला कि दूल्हे का पटका घर पर ही छूट गया।
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इस पर दूल्हे का एक भाई रविंद्र (28), चचेरा भाई राजू (20) व दोस्त आकाश निवासी अहमदाबाद पटका लेने बाइक से घर के लिए निकल पड़े। पटका लेकर तीनों वापस आ रहे थे कि रात करीब साढ़े 9 बजे जैतपुरा गांव के पास सामने से आ रही तेज रफ्तार टाटा सूमो ने बाइक सवारों को रौंद दिया।
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हादसे में राजू की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि रविंद्र व आकाश गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को जिला अस्पताल लाया गया। यहां रविंद्र ने दम तोड़ दिया, जबकि आकाश की गंभीर हालत को देखते प्राथमिक उपचार के बाद रेफर कर दिया गया। दुर्घटना की खबर जैसे ही उदी गांव पहुंची तो वहां कोहराम मच गया।
बारात लेकर गए परिजन अस्पताल की ओर दौड़ पड़े। बेटी वालों ने भी शादी की रस्में बीच में रुकवा दी और अस्पताल पहुंचे। हादसे में दो जवान युवकों की मौत होने के बाद शादी की खुशियों पर पानी फिर गया।
देर रात किसी तरह सादगी के साथ शादी की रस्म अदायगी हुई और दुल्हन विदा हुई। थानाध्यक्ष डीएन सिंह ने बताया कि अज्ञात कार चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के सुपुर्द कर दिए गए हैं।
शादी वाले घर से उठीं दो अर्थी
वीरेंद्र सिंह के साथ पूरा परिवार विजय की शादी पर खुशी से झूम रहा था। बारात चढ़ने के लिए दूल्हा के साथ बाराती तैयार हो रहे थे कि एक खबर ने सन्नाटा फैला दिया। सभी सीधे अस्पताल की तरफ दौड़ पड़े। बैंड वाले अपना सामान समेट कर चलते बने।
वीरेंद्र सिंह ने बेटे की शादी में कोई कसर नहीं रखी थी। तीन बेटों में दूसरे नंबर के बेटे की शादी में उन्होंने हर इंतजाम किया था। बारात लड़की के गांव पहुंची तो आतिशबाजी के साथ बारात आने का संदेश दिया गया। कन्या पक्ष ने भी स्वागत सत्कार में कमी नहीं छोड़ी थी। इधर सरायताल गांव में कुछ समय पहले तक जहां ढोलक की थाप पर गीत सुनाई दे रहे थे, वहां चीखें गूंजने लगी। मंगलवार को दोनों युवकों के शव गांव पहुंचे तो कोहराम मच गया।
खरीद लेते तो न जाती जान
दो जवान युवकों की मौत के बाद पूरा परिवार सदमे में था। परिजन चीख-चीख कर कह रहे थे कि अगर पटका उदी मोड़ से खरीद लिया जाता तो शायद बच्चों की जान नहीं जाती। किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।