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ट्रेनें आती-जाती रहीं, किसान देखते रहे

Mon, 18 Oct 2021 11:16 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 18 Oct 2021 11:16 PM IST
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Trains kept coming and going, farmers kept watching
इटावा/भरथना। संयुक्त किसान मोर्चा का सोमवार को रेल रोको आंदोलन बारिश की वजह से फ्लाप रहा। बारिश के चलते आंदोलनकारी किसान नेता निर्धारित समय 11:30 बजे जोरदार बारिश की वजह से रेलवे स्टेशन नहीं पहुंच सके।
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अप और डाउन की ट्रेनें आती और जाती रहीं और किसी प्रकार का कोई अवरोध देखने को नहीं मिला। दूर से किसान नेता ट्रेनों को आता-जाता देखते रहे।
हालांकि, सिटी मजिस्ट्रेट राजेंद्र प्रसाद व एसडीएम सदर एन राम कई घंटे तक किसान नेताओं के आने का स्टेशन अधीक्षक के कक्ष में आने का इंतजार करते रहे। दूसरी ओर सिविल पुलिस के अलावा जीआरपी व आरपीएफ के सुरक्षा कर्मी भी सतर्कता बनाए हुए थे।
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महिला पुलिस कर्मी भी तैनात रहीं। इसके अलावा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए वीआईपी एंबुलेंस व अग्निशमन दल की गाड़ी भी तैयार रही।
दोपहर बारिश का दौर थमने के बाद करीब 30 से 40 किसान नेता रेलवे स्टेशन पहुंचे, लेकिन सुरक्षा बलों ने किसी को भी रेलवे स्टेशन के अंदर घुसने नहीं दिया। करीब आधे घंटे तक किसान नेता स्टेशन की सीढ़ियों के पास नारेबाजी करते रहे, लेकिन किसी ने ज्ञापन नहीं दिया।
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उधर, किसान सभा के प्रांतीय महामंत्री और संयुक्त किसान मोर्चा उप्र समिति के सदस्य मुकुट सिंह ने किसान आंदोलन को दबाने के लिए पुलिस प्रशासन के दमन की कड़ी निंदा की।
बताया कि किसान सभा के पूर्व जिलाध्यक्ष नाथूराम यादव व अमर सिंह शाक्य, जिला मंत्री संतोष शाक्य, मंडल अध्यक्ष विश्राम सिंह समेत करीब 15 पदाधिकारियों को नजरबंद किया गया।
आरोप है किसानों को गांवों से बाहर आने से पुलिस ने रोका। उन्होंने 15 अक्तूबर को देश व्यापी पुतला दहन को लेकर ऊसराहार थाना में 20-25 किसानों पर दर्ज एफआईआर वापस करने की मांग की।
एमएसपी से कम खरीदा जा रहा धान
मुकुट सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार किसान आंदोलन से भयभीत होकर दमन पर उतारू है। जनता का ध्यान असल मुद्दों से हटाने के लिए सांप्रदायिक बंटवारे का खेल खेल रही है।
एमएसपी लागू करने की बात करने वाली सरकार में धान 1100-1200 रुपये क्विंटल खरीदा जा रहा है, जो एमएसपी से 700 रुपये कम है। अभी तक एक भी सरकारी क्रय केंद्र चालू नहीं किया गया है।
2022 के विधान सभा चुनाव में किसान मजदूर प्रदेश की योगी सरकार को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाएंगे। किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष संजीव यादव ने मोदी-योगी सरकार की कड़ी आलोचना की।
ये किसान नेता रहे शामिल
जिला संरक्षक सुरेंद्र सिंह यादव, किसान सभा के जिलाध्यक्ष राम प्रकाश पोरवाल, पूर्व अध्यक्ष विश्राम सिंह यादव, संयुक्त मंत्री संतोष राजपूत, सीटू नेता प्रेमशंकर यादव, डीवाईएफआई के जिलाध्यक्ष मुलायम सिंह राजपूत आदि उपस्थित रहे।
दावा, स्टेशन तक पहुंचने में रहे सफल
किसान नेताओं का दावा है कि वह रेलवे स्टेशन तक पहुंचने में सफल रहे, जबकि एसडीएम सदर एन राम का कहना है कि 30 से 40 की संख्या में आए किसान नेताओं को रेलवे स्टेशन के बाहर रोका गया, करीब आधा घंटे बाद बिना ज्ञापन दिए चले गए।
भरथना में रेल रोको आंदोलन को लेकर रेलवे स्टेशन पर प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी दल बल के साथ मुस्तैद रहे। हालांकि, ट्रेनों का आवागमन बिना किसी अवरोध के होता रहा।

सुबह आगरा-लखनऊ सुपरफास्ट इंटरसिटी एक्सप्रेस सुबह 09:04 बजे तथा टूंडला-कानपुर पैसेंजर 09:20 बजे भरथना पहुंची। रेलवे स्टेशन पर एसडीएम विजय शंकर तिवारी, सीओ साधूराम, थाना प्रभारी कृष्ण लाल पटेल, चौकी इंचार्ज दर्शन सिंह, जीआरपी व आरपीएफ का स्टाफ मौजूद रहा।
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