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‘ट्रैफिक अधिक होने से ट्रेनें होती हैं लेट’
ब्यूरो/अमर उजाला, इटावा
Updated Wed, 08 Jul 2015 11:17 PM IST
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डीआरएम इलाहाबाद मंडल ने बुधवार को रेलवे स्टेशन पहुंचकर एसएसआई सिस्टम के काम के साथ कंट्रोल रूम का निरीक्षण किया। इसके बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि ट्रैफिक अधिक होने से ही ट्रेनें लेट होती हैं। डीएफसी तैयार होने के बाद ही संचालन में पूरी तरह से सुधार होगा। इसमें करीब तीन साल का समय लगेगा।
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डीआरएम इलाहाबाद मंडल वीके त्रिपाठी शताब्दी एक्सप्रेस के इंजन में बैठकर रेलवे लाइन का निरीक्षण करते हुए बुधवार की सुबह इटावा स्टेशन पर पहुंचे। उनके साथ कई अन्य अफसर भी थे। स्थानीय अधिकारियों के साथ उन्होंने सबसे पहले उन्होंने एसएसआई सिस्टम के तहत हुए कार्य का निरीक्षण किया।
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इसके बाद स्टेशन मास्टर के चेंबर में बने कंट्रोल रूम से लेकर पूर्वी और पश्चिमी केबिन तक वे गए। साथ ही सिस्टम के बारे में स्थानीय अधिकारियों से जानकारी हासिल की। उन्होंने स्टेशन मास्टर के चेंबर में जाकर एसएसआई सिस्टम के तहत लगाया गया सेटअप चेक किया। इसके बाद रेलवे स्टेशन का भी उन्होंने निरीक्षण किया।
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इस दौरान उन्होंने स्थानीय अफसरों को यात्री सुविधाओं को दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। निरीक्षण के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान की सबसे बिजी लाइन की तुलना में दिल्ली हावड़ा रूट पर सात गुना अधिक ट्रेनों का संचालन हो रहा है। अधिक ट्रैफिक होने से ही ट्रेनें लेट होती हैं।
ट्रेनें समय से चलें इसके लिए पूरी कोशिश की जा रही है। स्थानीय गोमती एक्सप्रेस में काफी सुधार आया है। फ्रेड कोरीडोर (डीएफसी) के पूरे होने में तीन वर्ष का वक्त लगेगा। इसके पूरे होने पर मौजूदा लाइनों पर लोड कम होगा। डीएफसी आने पर ही ट्रेन संचालन पूरी तरह से सुधर सकेगा।
उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि एसीपी (चेनपुलिंग) के कारण भी ट्रेनें काफी लेट होती हैं। निरीक्षण के वक्त स्थानीय अधिकारियों के साथ सीओएम इलाहाबाद अनुराग, सीनियर डीओएम हिमांशु उपाध्याय सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
नवरात्र में शुरू हो सकता है संचालन
इटावा-भिंड रेल लाइन पर मालगाड़ी का संचालन शुरू हो गया है। सवारी गाड़ी के संचालन के लिए कई बार अफसरों ने आश्वासन दिया, लेकिन ट्रेन संचालन आज से शुरू नहीं हो सका। एक बार फिर डीआरएम इलाहाबाद ने अक्तूबर महीने में संचालन शुरू होने की उम्मीद जताई है।
उन्होंने कहा कि चंबल पुल के क्षतिग्रस्त पी-6 पिलर की जैकेटिंग का काम पूर्ण होने को है। अभी तक 80 फीसदी काम पूरा हो चुका है। उम्मीद की जा रही है कि आने वाली नवरात्र में इटावा-भिंड और इटावा-बटेश्वर लाइन पर सवारी गाड़ियों का संचालन शुरू हो जाए। उन्होंने यह भी कहा कि इटावा-मैनपुरी रेल लाइन को पूरा होने में अभी वक्त लगेगा।
रामनगर फाटक पर जल्द बनेगा पुल
डीआरएम ने बताया कि सभी लेबल क्रासिंग गेट पर रेलवे ओवर ब्रिज की मंजूरी हो चुकी है। प्रदेश सरकार की प्राथमिकता के आधार पर कई क्रासिंगों पर काम भी चल रहा है। रामनगर फाटक पर भी ओवर ब्रिज प्रस्तावित है, प्रदेश सरकार से जब मंजूरी मिल जाएगी तो निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
दरअसल लाइन के ऊपर का हिस्सा रेलवे बनवाती है जबकि शेष हिस्सा का निर्माण प्रदेश सरकार को कराना होता है। उन्होंने यह भी बताया कि इटावा में कोच इंडीकेटर लगाए जाने के लिए प्रस्ताव पास हो गया है।