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Etawah News: जलभराव से निदान के लिए सेंगर नदी तक साफ करवाए जाएं नाले
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बकेवर नगर क्षेत्र के सभासदों ने डीएम से की मुलाकात
जलभराव से हर साल सैकड़ों एकड़ फसल बर्बाद हो जाती
संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा। बकेवर नगर पंचायत और आसपास के इलाकों को हर साल मानसून में होने वाले जलभराव से बचाने के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने कमर कस ली है । बकेवर के सभासदों ने जिलाधिकारी को पत्र सौंपकर बरसात से पहले बकेवर से लेकर सेंगर नदी तक के सभी मुख्य नालों की तत्काल सफाई कराने की गुहार लगाई है।
जिलाधिकारी को सौंपे गए पत्र में सभासद पुष्पेंद्र त्रिपाठी और दीपक राजपूत ने बताया कि बकेवर नगर पंचायत व आसपास के करीब 18 से 20 गांवों का बरसाती पानी विभिन्न नालों के जरिए बकेवर तालाब तक तो पहुंच जाता है लेकिन इसके आगे शेरपुर, नसीदीपुर और बोझा गांवों से होते हुए सेंगर नदी तक जाने वाले जल निकासी मार्ग में भारी गाद जमा होने और सफाई न होने के कारण पानी आगे नहीं बढ़ पाता । रास्ता अवरुद्ध होने की वजह से पूरा बकेवर क्षेत्र जलमग्न हो जाता है।
दर्जनों गांवों की कड़ों एकड़ फसलें पानी में डूबकर बर्बाद हो जाती हैं जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। इसके अलावा, मानसून के दौरान सैकड़ों घरों में पानी घुस जाने से आम नागरिकों का जीवन दूभर हो जाता है। स्थिति इतनी विकट हो जाती है कि लोगों को अपने परिवार और मवेशियों को सुरक्षित रखने के लिए भारी संघर्ष करना पड़ता है और कई परिवार तो रात-रात भर जागकर समय काटने को मजबूर होते हैं।
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सभासदों ने कहा कि यह केवल पानी भरने की समस्या नहीं है बल्कि हजारों लोगों के जीवन, किसानों की आजीविका और पशुधन की सुरक्षा से जुड़ा एक बेहद संवेदनशील और गंभीर विषय है। उन्होंने डीएम से बारिश से पहले शेरपुर, नसीदीपुर और बोझा मार्ग के नालों की खुदाई व मुकम्मल सफाई कराने की मांग की है ताकि क्षेत्र की जनता को इस नारकीय स्थिति से स्थायी राहत मिल सके।
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जलभराव से हर साल सैकड़ों एकड़ फसल बर्बाद हो जाती
संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा। बकेवर नगर पंचायत और आसपास के इलाकों को हर साल मानसून में होने वाले जलभराव से बचाने के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने कमर कस ली है । बकेवर के सभासदों ने जिलाधिकारी को पत्र सौंपकर बरसात से पहले बकेवर से लेकर सेंगर नदी तक के सभी मुख्य नालों की तत्काल सफाई कराने की गुहार लगाई है।
जिलाधिकारी को सौंपे गए पत्र में सभासद पुष्पेंद्र त्रिपाठी और दीपक राजपूत ने बताया कि बकेवर नगर पंचायत व आसपास के करीब 18 से 20 गांवों का बरसाती पानी विभिन्न नालों के जरिए बकेवर तालाब तक तो पहुंच जाता है लेकिन इसके आगे शेरपुर, नसीदीपुर और बोझा गांवों से होते हुए सेंगर नदी तक जाने वाले जल निकासी मार्ग में भारी गाद जमा होने और सफाई न होने के कारण पानी आगे नहीं बढ़ पाता । रास्ता अवरुद्ध होने की वजह से पूरा बकेवर क्षेत्र जलमग्न हो जाता है।
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दर्जनों गांवों की कड़ों एकड़ फसलें पानी में डूबकर बर्बाद हो जाती हैं जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। इसके अलावा, मानसून के दौरान सैकड़ों घरों में पानी घुस जाने से आम नागरिकों का जीवन दूभर हो जाता है। स्थिति इतनी विकट हो जाती है कि लोगों को अपने परिवार और मवेशियों को सुरक्षित रखने के लिए भारी संघर्ष करना पड़ता है और कई परिवार तो रात-रात भर जागकर समय काटने को मजबूर होते हैं।
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सभासदों ने कहा कि यह केवल पानी भरने की समस्या नहीं है बल्कि हजारों लोगों के जीवन, किसानों की आजीविका और पशुधन की सुरक्षा से जुड़ा एक बेहद संवेदनशील और गंभीर विषय है। उन्होंने डीएम से बारिश से पहले शेरपुर, नसीदीपुर और बोझा मार्ग के नालों की खुदाई व मुकम्मल सफाई कराने की मांग की है ताकि क्षेत्र की जनता को इस नारकीय स्थिति से स्थायी राहत मिल सके।