फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Etawah News ›   To protect society from the evils to come forward

समाज को बुराइयों से बचाने को आगे आएं

Sat, 11 Jul 2015 11:28 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, इटावा
ब्यूरो/अमर उजाला, इटावा Updated Sat, 11 Jul 2015 11:28 PM IST
विज्ञापन
To protect society from the evils to come forward

राहतपुरा ग्राम स्थित श्री शंकर नेत्र चिकित्सालय में चल रही श्रीराम कथा के दूसरे दिन हरिद्वार से आए महामंडलेश्वर स्वामी बालयोगी अर्जुनपुरी महाराज ने समाज, धर्म, परिवार और राजनीति के पतन पर चिंता जताई। उन्होंने लोगों से समाज को बुराइयों से बचाने के लिए अपनी जिम्मेदारी निभाने की अपील की।

विज्ञापन


स्वामी जी ने श्रीराम चरित मानस क्या है? यह हमें क्या सिखाती है। मानस ग्रंथ के प्रति हमारा क्या दायित्व है, हमारा व्यवहार कैसा हो? इस संबंध में बताया। उन्होंने कहा कि रामायण यह भी सिखाती है कि गृहस्थ जीवन, सामाजिक, आध्यात्मिक और धार्मिक जीवन कैसा हो?
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि मानस के पात्रों से हमें यह भी सीखने का अवसर मिलता है कि पति-पत्नी के प्रति व्यवहार कैसा हो, भाई-भाई के प्रति, सास-बहू के प्रति, सेवक-स्वामी के प्रति, राजा-प्रजा के प्रति कैसे आदरणीय और मधुर संबंध व व्यवहार हों। इतना सब कुछ अन्य ग्रंथों में सरलता से नहीं मिलता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि श्रीराम चरित मानस का अध्ययन न करने से नंगापन और बुजुर्गों की उपेक्षा बढ़ रही है। यदि हम केवल गाये रटें और आरती उतारते रहेंगे तो मानस के जीवन मूल्य हमारे आचरण और व्यवहार को नियंत्रित और परिवर्तित नहीं कर सकते। हमें श्रेष्ठ विचारों और व्यवहारों को जीवन में उतारने की साधना करनी चाहिए और कर्म और आचरण में ढालना चाहिए।

स्वामी जी ने कहा कि कुछ भ्रष्ट राजनीतिक समाज को विभिन्न जातियों, वर्गों में बांटने का कुचक्र रच रहे हैं और धीरे-धीरे वर्ग संघर्ष की स्थिति उत्पन्न की जा रही है। सनातन धर्मियों को हिंदू, जैन, बौद्ध, सिख आदि के अलग-अलग वर्गों में विभाजित करने की साजिश की जा रही है।

हमें अपने देश की रक्षा के लिए, धर्म की मर्यादा के लिए, समाज के उत्थान के लिए, विश्व शांति के लिए इन पथभ्रष्ट राजनीतिज्ञों के कुचक्र से बचने का उपाय गंभीरतापूर्वक तलाशना है। ताकि जाति, संप्रदाय, भाषा के विवाद समाप्त हों और भारत अखंडता को प्राप्त कर सके।


इस मौके मानस वंदना के पश्चात स्वामी जी, संजय शास्त्री, प्रभुनाथ पांडेय, ज्ञान मिश्रा, प्रदीप शुक्ला, बैजनाथ, प्रमोदानंद वेदांती आदि का माल्यार्पण कर डा. विद्याकांत तिवारी, महेश चंद्र तिवारी, मुन्नालाल वर्मा, श्याम सुंदर दीक्षित, डा. अशोक दीक्षित, श्रीप्रकाश गुप्ता, विनोद दीक्षित आदि ने स्वागत किया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed