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भव्य प्राणी बन सकते तीर्थंकर
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इटावा। वे प्राणी ही तीर्थंकर बनते हैं जो भव्य, सम्यक दृष्टि वाले, जिनका मनुष्य प्रकृति नामकर्म है और जिनके मात्र दो ही भव मात्र शेष रह रहे हैं। आज कल्याणक की उत्तर रूप भूमिका है।
हम सभी अच्छी भावना एक दिन हम भी परमात्मा बन सकते हैं, लेकिन भाग्यवान बनने से पहले सच्चा इंसान जरूर बनना चाहिए। यह उद्गार विराग सागर महाराज ने पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महामहोत्सव के दूसरे दिन बृहस्पतिवार को अयोध्या नगरी रामलीला में व्यक्त किए।
मुनि विहसंत सागर महाराज के सानिध्य में प्रतिष्ठाचार्य पंडित अजित कुमार शास्त्री, पंडित संदीप शास्त्री ने जिनाभिषेक, नित्यार्चना गर्भ कल्याणक पूजन शुरू कराई। सुबह 8.30 बजे गणाचार्य विराग सागर महाराज एवं आचार्य प्रमुख सागर महाराज ससंघ समेत मंच पर विराजमान हुए।
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पाद प्रछालन दिगंबर जैन विकास समिति के पदाधिकारियों ने किया। शास्त्र भेंट करने का सौभाग्य अभय कुमार जैन बकेवरिया परिवार को प्राप्त हुआ। याज्ञ मंडल विधान में भगवान के माता-पिता रचना जैन व प्रदीप जैन बने, सौधर्म इंद्र तरुण जैन, रविता जैन, कुबेर इंद्र अनूप जैन, सविता जैन, महायज्ञनायक अरविंद जैन, सुनीता जैन, यज्ञ नायक अनिल जैन, महेश जैन रपरिया समेत अन्य ने भक्ति भाव के साथ विधान किया।
इस दौरान माता मरू देवी की गोद भराई एवं महिला संगीत, आचार्य संघ की दिव्य देशना के साथ शाम को महाआरती हुई। गर्भ कल्याणक उत्तर रूप, महाराज नाभिराय का दरबार, महाराज द्वारा स्वप्नों का फलादेश, छप्पन कुमारियों द्वारा भेंट समर्पण, गर्भ कल्याणक की आंतरिक क्रियाएं का आयोजन हुआ।
गर्भपात न कराने का लिया संकल्प
महोत्सव के दूसरे दिन गर्भ कल्याणक उत्तर रूप मनाया गया। इसमें गणाचार्य विराग सागर ने तीर्थंकर बालक के गर्भ में आने विषयक प्रवचन हजारों जनसमूह के मध्य दिए।
इसके साथ ही गणाचार्य विराग सागर ने हजारों महिलाओं को संकल्प दिलाया कि वह किसी भी परिस्थिति में गर्भपात नहीं कराएंगी। इसके साथ ही उन्होंने पुरुषों को भी संकल्प दिलाया कि वह गर्भपात कराने के सहभागी नहीं बनेंगे।
माता की गोद भराई, नभिराय का सजा दरबार
तीर्थंकर बालक की माता बनी रचना जैन की पंच कल्याणक महोत्सव के मंच पर उल्लास एवं भव्यता के साथ गोद भराई की गई। इटावा सहित बाहर से आए हजारों श्रद्धालुओं ने माता की बारी-बारी से गोद भरी और भजन गाएं।
वहीं रात्रि में तीर्थंकर बालक के पिता बने प्रदीप जैन राजा नभिराय का दरबार सजा, जिसमें माता के सोलह स्वप्न का फलादेश एवं छप्पन कुमारियों द्वारा भेंट समर्पण किया गया।
आज होंगे ये कार्यक्रम
पंचकल्याणक में सुबह 6.30 बजे-जिनाभिषेक, नित्यार्चनाप्रात, सुबह आठ बजे-तीर्थकर बालक का जन्म, अयोध्या नगरी में बधाईयां, नृत्य, सुबह नौ बजे- आचार्य श्री संघ की दिव्य देशना, दोपहर एक बजे-सौधर्म इन्द्र सभा।
सौधर्म इंद्र द्वारा अयोध्या नगरी में आगमन, तीर्थकर बालक को ऐरावत हाथी पर बैठाकर पांडुक वन की ओर प्रस्थान व 1008 कलशों द्वारा अभिषेक, जन्म कल्याणक पूजन, शाम चार बजे-
आचार्य श्री संघ की दिव्य देशना, शाम साढ़े छह बजे-महाआरती, शास्त्र सभा, रात 8.00 बजे-तीर्थकर बालक का पालना, बाल क्रीड़ा का मनोहारी दृश्य, सांस्कृतिक कार्यक्रम।
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हम सभी अच्छी भावना एक दिन हम भी परमात्मा बन सकते हैं, लेकिन भाग्यवान बनने से पहले सच्चा इंसान जरूर बनना चाहिए। यह उद्गार विराग सागर महाराज ने पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महामहोत्सव के दूसरे दिन बृहस्पतिवार को अयोध्या नगरी रामलीला में व्यक्त किए।
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मुनि विहसंत सागर महाराज के सानिध्य में प्रतिष्ठाचार्य पंडित अजित कुमार शास्त्री, पंडित संदीप शास्त्री ने जिनाभिषेक, नित्यार्चना गर्भ कल्याणक पूजन शुरू कराई। सुबह 8.30 बजे गणाचार्य विराग सागर महाराज एवं आचार्य प्रमुख सागर महाराज ससंघ समेत मंच पर विराजमान हुए।
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पाद प्रछालन दिगंबर जैन विकास समिति के पदाधिकारियों ने किया। शास्त्र भेंट करने का सौभाग्य अभय कुमार जैन बकेवरिया परिवार को प्राप्त हुआ। याज्ञ मंडल विधान में भगवान के माता-पिता रचना जैन व प्रदीप जैन बने, सौधर्म इंद्र तरुण जैन, रविता जैन, कुबेर इंद्र अनूप जैन, सविता जैन, महायज्ञनायक अरविंद जैन, सुनीता जैन, यज्ञ नायक अनिल जैन, महेश जैन रपरिया समेत अन्य ने भक्ति भाव के साथ विधान किया।
इस दौरान माता मरू देवी की गोद भराई एवं महिला संगीत, आचार्य संघ की दिव्य देशना के साथ शाम को महाआरती हुई। गर्भ कल्याणक उत्तर रूप, महाराज नाभिराय का दरबार, महाराज द्वारा स्वप्नों का फलादेश, छप्पन कुमारियों द्वारा भेंट समर्पण, गर्भ कल्याणक की आंतरिक क्रियाएं का आयोजन हुआ।
गर्भपात न कराने का लिया संकल्प
महोत्सव के दूसरे दिन गर्भ कल्याणक उत्तर रूप मनाया गया। इसमें गणाचार्य विराग सागर ने तीर्थंकर बालक के गर्भ में आने विषयक प्रवचन हजारों जनसमूह के मध्य दिए।
इसके साथ ही गणाचार्य विराग सागर ने हजारों महिलाओं को संकल्प दिलाया कि वह किसी भी परिस्थिति में गर्भपात नहीं कराएंगी। इसके साथ ही उन्होंने पुरुषों को भी संकल्प दिलाया कि वह गर्भपात कराने के सहभागी नहीं बनेंगे।
माता की गोद भराई, नभिराय का सजा दरबार
तीर्थंकर बालक की माता बनी रचना जैन की पंच कल्याणक महोत्सव के मंच पर उल्लास एवं भव्यता के साथ गोद भराई की गई। इटावा सहित बाहर से आए हजारों श्रद्धालुओं ने माता की बारी-बारी से गोद भरी और भजन गाएं।
वहीं रात्रि में तीर्थंकर बालक के पिता बने प्रदीप जैन राजा नभिराय का दरबार सजा, जिसमें माता के सोलह स्वप्न का फलादेश एवं छप्पन कुमारियों द्वारा भेंट समर्पण किया गया।
आज होंगे ये कार्यक्रम
पंचकल्याणक में सुबह 6.30 बजे-जिनाभिषेक, नित्यार्चनाप्रात, सुबह आठ बजे-तीर्थकर बालक का जन्म, अयोध्या नगरी में बधाईयां, नृत्य, सुबह नौ बजे- आचार्य श्री संघ की दिव्य देशना, दोपहर एक बजे-सौधर्म इन्द्र सभा।
सौधर्म इंद्र द्वारा अयोध्या नगरी में आगमन, तीर्थकर बालक को ऐरावत हाथी पर बैठाकर पांडुक वन की ओर प्रस्थान व 1008 कलशों द्वारा अभिषेक, जन्म कल्याणक पूजन, शाम चार बजे-
आचार्य श्री संघ की दिव्य देशना, शाम साढ़े छह बजे-महाआरती, शास्त्र सभा, रात 8.00 बजे-तीर्थकर बालक का पालना, बाल क्रीड़ा का मनोहारी दृश्य, सांस्कृतिक कार्यक्रम।