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Etawah News: यमुना में नहाने गए तीन छात्र डूबे, एक की मौत, दूसरा लापता
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जसवंतनगर (इटावा)। बलरई थाना क्षेत्र के ग्राम खदिया गांव में सोमवार दोपहर स्कूल से लौटने के बाद बकरी और भैंस चराने यमुना नदी किनारे गए तीन बच्चे गर्मी से राहत पाने के लिए यमुना में नहाने गए। गहरे पानी में तीनों डूब गए। इसमें एक छात्र का शव करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद बरामद कर लिया गया, जबकि दूसरा बालक अभी भी लापता है। तीनों छात्र चार चार में साथ में पढ़ते थे।
थाना क्षेत्र के फकीरे की मढ़ैया निवासी मयांश उर्फ मिथुन (11) पुत्र शेर सिंह, निखिल (12) पुत्र ब्रज किशोर तथा सूरज (12) पुत्र रामगोपाल आपस में गहरे दोस्त थे। सोमवार दोपहर करीब दो बजे तीनों बच्चे स्कूल से घर लौटे और इसके बाद गांव के पास ही यमुना किनारे अपने मवेशी चराने चले गए। दोपहर बाद वह उमस और तेज गर्मी के कारण तीनों नदी के पानी में नहाने के लिए उतर गए। नहाते समय शाम करीब पांच बजे अचानक मयांश और निखिल का पैर फिसल गया और वे दोनों गहरे पानी में जाकर डूबने लगे। उन्हें डूबता देख सूरज ने हिम्मत दिखाई लेकिन वह भी डूबने लगा तो वह तैरकर पानी से बाहर निकल आया। सूरज ने भागकर तुरंत गांव में परिजनों और ग्रामीणों को हादसे की जानकारी दी। यमुना में दो बच्चों के डूबने की खबर सुनते ही ग्रामीण व स्थानीय गोताखोर नदी की तरफ दौड़ पड़े। ग्रामीणों और गोताखोरों ने नदी में तलाश शुरू की। करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद शाम लगभग चार बजे गोताखोरों ने मयांश उर्फ मिथुन के शव को गहरे पानी से बाहर निकाल लिया। वहीं, दूसरा छात्र निखिल अभी भी पानी में लापता है, जिसकी तलाश के लिए स्थानीय गोताखोर और पुलिस लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही है। सीओ जसवंतनगर आयुषी सिंह, नायब तहसीलदार नेहा सचान व पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने ग्रामीणों को ढांढस बंधाया और गोताखोरों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन को तेज कराया। पुलिस ने मृतक मयांश के शव को पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया है। सीओ आयुषी सिंह ने बताया कि लापता बच्चे की तलाश के लिए नदी में लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। पीड़ित परिवारों की हरसंभव मदद की जाएगी।
एक ही कक्षा में पढ़ने और आपस में घनिष्ठ मित्र रहे इन बच्चों के साथ हुए हादसे से फकीरे की मढ़ैया गांव के हर घर में चूल्हा नहीं जला। नदी से जैसे ही मयांश का शव बाहर आया, उसकी मां और बहनें दहाड़े मारकर रोने लगीं। वहीं, लापता निखिल के घर पर भी कोहराम मचा है। निखिल के पिता ब्रज किशोर दिल्ली-एनसीआर में ओला कार चलाते हैं। निखिल चार बच्चों में सबसे बड़ा था और घर का चिराग था।
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थाना क्षेत्र के फकीरे की मढ़ैया निवासी मयांश उर्फ मिथुन (11) पुत्र शेर सिंह, निखिल (12) पुत्र ब्रज किशोर तथा सूरज (12) पुत्र रामगोपाल आपस में गहरे दोस्त थे। सोमवार दोपहर करीब दो बजे तीनों बच्चे स्कूल से घर लौटे और इसके बाद गांव के पास ही यमुना किनारे अपने मवेशी चराने चले गए। दोपहर बाद वह उमस और तेज गर्मी के कारण तीनों नदी के पानी में नहाने के लिए उतर गए। नहाते समय शाम करीब पांच बजे अचानक मयांश और निखिल का पैर फिसल गया और वे दोनों गहरे पानी में जाकर डूबने लगे। उन्हें डूबता देख सूरज ने हिम्मत दिखाई लेकिन वह भी डूबने लगा तो वह तैरकर पानी से बाहर निकल आया। सूरज ने भागकर तुरंत गांव में परिजनों और ग्रामीणों को हादसे की जानकारी दी। यमुना में दो बच्चों के डूबने की खबर सुनते ही ग्रामीण व स्थानीय गोताखोर नदी की तरफ दौड़ पड़े। ग्रामीणों और गोताखोरों ने नदी में तलाश शुरू की। करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद शाम लगभग चार बजे गोताखोरों ने मयांश उर्फ मिथुन के शव को गहरे पानी से बाहर निकाल लिया। वहीं, दूसरा छात्र निखिल अभी भी पानी में लापता है, जिसकी तलाश के लिए स्थानीय गोताखोर और पुलिस लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही है। सीओ जसवंतनगर आयुषी सिंह, नायब तहसीलदार नेहा सचान व पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने ग्रामीणों को ढांढस बंधाया और गोताखोरों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन को तेज कराया। पुलिस ने मृतक मयांश के शव को पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया है। सीओ आयुषी सिंह ने बताया कि लापता बच्चे की तलाश के लिए नदी में लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। पीड़ित परिवारों की हरसंभव मदद की जाएगी।
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एक ही कक्षा में पढ़ने और आपस में घनिष्ठ मित्र रहे इन बच्चों के साथ हुए हादसे से फकीरे की मढ़ैया गांव के हर घर में चूल्हा नहीं जला। नदी से जैसे ही मयांश का शव बाहर आया, उसकी मां और बहनें दहाड़े मारकर रोने लगीं। वहीं, लापता निखिल के घर पर भी कोहराम मचा है। निखिल के पिता ब्रज किशोर दिल्ली-एनसीआर में ओला कार चलाते हैं। निखिल चार बच्चों में सबसे बड़ा था और घर का चिराग था।
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