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मुल्क में अमन चैन के लिए दुआ को उठे हजारों हाथ

Sat, 10 Feb 2018 11:10 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/इटावा
अमर उजाला ब्यूरो/इटावा Updated Sat, 10 Feb 2018 11:10 PM IST
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Thousands of arms raised for peace in the country
समापन पर दुआ में शामिल अकीदतमंद। - फोटो : अमर उजाला

इटावा। कटरा शराब स्थित दरगाह वारसी में चार रोजा उर्स का शनिवार को सुबह समापन हो गया। भोर में कुल का फातिहा हुआ। इसमें हजारों लोगों ने शिरकत की। इसके बाद हजरत इमाम हुसैन की याद में मजलिस की गई। मजलिस में कर्बला में इमाम हुसैन की शहादत पर रोशनी डाली गई। फजिर की नमाज के बाद दुआ की गई। इसमें इमाम ने परेशान हालों की परेशानी दूर करने, बीमारों को शिफा देने, इम्तहान दे रहे छात्र-छात्राओं के कामयाब होने, बेरोजगारों को रोजगार देने, देश से फिरकापरस्ती दूर करने, मुल्क में अमन चैन कायम रहने की दुआ की गई। देश के कोने-कोने से आए हजारों अकीदतमंदों ने रो-रो कर दुआएं मांगीं। दरगाह हजरत अबुल हसन शाह वारसी में सुबह चार बजे हाजी हाफिज सैय्यद वारिस अली शाह का उर्स हुआ।  कव्वालों ने कलाम पेश किए। दरगाह वारसी के सदर हाजी अहमद अली वारसी, सचिव हसनैन वारिस वारसी आदि ने कव्वालों को नजराना दिया। कव्वालों ने यह कलाम, मैं जश्न मनाऊंगी मोरे वारिस घर आए, मैं तो छम-छम नाचू मोरे वारिस घर आए, पेश किया। फातिहा में शरीक होने के लिए रात में ही अकीदतमंद आ गए थे। दरगाह शरीफ की सजावट लोगों को अपनी ओर खींच रही थी।

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कटरा शहाब खां स्थित दरगाह वारसी में उर्स के अंतिम दिन सारी रात महफिल का दौर चला।  कव्वाल अफ्फान वारसी एंड पार्टी ने ये कलाम, ऐसा दूल्हा तुम्हें बनाया है, लाखों दूल्हे सलाम करते है। पहली बार देवा शरीफ से आए कव्वाल कमर वारसी ने भी खूब वाहवाही लूटी।  एक से बढ़कर एक कलाम पेश किए। हाफिज मुमताज वारसी ने दुरूद ताज और तबरेज वारसी ने सलाम पेश किया। उर्स के अंतिम दिन शहर के कई जगहों से अकीदतमंद कतार बनाकर चादर लेकर पहुंचे। कुल के बाद जायरीनों को तबर्रुक (प्रसाद) देकर रुखसत किया। दरगाह शरीफ के कार्यकर्ता हाजी बुलाकी वारसी, रहीसुद्दीन वारसी, जलील अहमद, गफ्फार वारसी, मो. इलियास वारसी, दानिश वारसी व फरीद वारसी आदि लोगों ने दरगाह शरीफ को सजाने में काफी मेहनत की। महफिल का संचालन मुरादाबाद के कशिश वारसी ने किया। उर्स के मौके पर महबूब शाह वारसी, अबरार वारसी, हसीन वारसी, सलीम वारसी, डॉ अयाज अली, वहाज अली निहाल, खादिम अब्बास, मुमताज चौधरी, हयात वारसी, अनवार वारसी, खालिद वारसी, अब्दुल वारिस, जीशान वारसी, जुगनू खां आदि मौजूद रहे। 

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