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13.60 करोड़ रुपये के कर्जदार है 53 सरकारी महकमे

Sun, 06 Sep 2020 11:16 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 06 Sep 2020 11:16 PM IST
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There are 53 government departments worth Rs.13.60 crore.
कोरोना की चपेट से आम आदमी ही नहीं नगरपालिका की मुख्य आय भी बुरी तरह प्रभावित हुई है।
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जिसने विकास कार्यों पर विराम लगा दिया। वित्तीय वर्ष 2019-20 के आंकड़े बता रहे कि गृहकर और जलकर के रूप में मिलने वाली में रकम का दो तिहाई हिस्सा फंसा पड़ा है।
53 सरकारी महकमों पर ही करीब 13.60 करोड़ रुपये बकाया है। इसके अलावा 46717 घरों से भी यह दोनों टैक्स न के बराबर हासिल हुए हैं। गुजरे वित्तीय वर्ष में नगरपालिका की आय कोरोना महामारी की भेंट चढ़ गई।
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नगरपालिका परिषद इटावा के क्षेत्र में कुल 46770 आवासों से गृहकर और जलकर हासिल होता है। इनमें 53 सरकारी विभाग हैं। जिनसे 13 करोड़ 60 लाख 27 हजार 172 रुपये हासिल होने हैं।
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बाकी घरों से वसूली होती है। वित्तीय वर्ष 2019-20 में यह वसूली कोरोना की वजह से काफी प्रभावित हुई है।
मार्च के महीने में ही कर संग्रहकर्ता घर घर जाकर वसूली करते हैं। इस बार लॉक डाउन लागू हो जाने से सब कुछ थम गया और वसूली नहीं हो पाई।
सरकारी विभागों पर काफी रकम बकाया है। आंकड़ों की नजर से देखें तो 53 में से जिन विभागों पर बड़ी धनराशि बकाया है।
उनमें वन विभाग के सुमेर सिंह किला पर 24,57,788 रुपये, कृषि इंजीनियरिंग कॉलेज पर दो करोड़ 26 लाख 36 हजार 916 रुपये, बिजली विभाग पर 4 करोड़ 54 लाख 87 हजार 327 रुपये, आईटीआई पर 46,36,570 रुपये, बीएसएनएल पर 30,86,496 रुपये बकाया है।
इसी तरह सरकारी विभाग नगरपालिका के कर्जदार बने हुए हैं। कर निर्धारण अधिकारी जगजीवन राम ने बताया कि कोरोना के चलते गत वित्तीय वर्ष में सिर्फ 8 करोड 36 लाख रुपये जलकर व गृहकर वसूल हो पाया था।
इटावा नगरपालिका अब दोनों वर्षों की बकाया वसूली के जतन कर रही है। चेयरमैन प्रतिनिधि फुरकान अहमद ने बताया कि गृहकर और जलकर यही दो ऐसे मद हैं, जिन्हें नगरपालिका के आय की रीढ़ माना जाता है।
इन मदों से मिलने वाली रकम से ही विकास कार्य होते हैं। शासन से मिलने वाली राज्य वित्त आयोग या 14वें व 15वें वित्त से कर्मचारियों के वेतन व पेंशनदान आदि की ही पूर्ति हो पाती है।
जहां सरकारी विभागों पर बकाएदारी की बात है तो कई वह शासन से मिलने वाले ग्रांट पर निर्भर होती है। इस बार कोरोना की वजह से शासन का फोकस भी स्वास्थ्य सेवाओं पर रहा है। इसलिए अपेक्षित वसूली संभव नहीं हो पाई।
इस बार वित्तीय वर्ष 2019-20 के बकाया और 2020-21 की रकम मिलाकर वसूली के प्रयास किए जा रहे हैं। इस दिशा में तेजी से काम हो रहा है। कामर्शियल बिल बन चुके ह ैं। 11 वार्डों के घरेलू बिलों प्रक्रिया में हैं। मार्च तक वसूली प्राप्त करने का लक्ष्य रखा गया है।

यदि कोई उपभोक्ता कोरोना की वजह से बाहर निकलने से गुरेज कर रहा है। तो वहप गृहकर व जलकर ऑनलाइन जमा कर सकता है। इसके लिए नगरपालिका परिषद इटावा की ई-नगर सेवा सिटीजन वेबसाइट पर जाकर भुगतान किया जा सकता है। नौशाबा खानम, चेयरमैन, नगरपालिका परिषद इटावा
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